यूपी एसटीएफ के इंस्पेक्टर सुनील कुमार को मरणोपरांत कीर्ति चक्र, परिवार ने कहा- 'हमें गर्व है'
मेरठ, 15 अगस्त (आईएएनएस)। उत्तर प्रदेश एसटीएफ के इंस्पेक्टर सुनील कुमार को मरणोपरांत कीर्ति चक्र से सम्मानित किया गया। स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने मेरठ में शहीद इंस्पेक्टर के परिवार से मुलाकात की और उन्हें सम्मानित किया। सुनील कुमार को यह सम्मान 20 जनवरी 2025 को कुख्यात अपराधियों के खिलाफ चलाए गए एक ऑपरेशन के दौरान प्रदर्शित असाधारण साहस और सर्वोच्च बलिदान के लिए दिया गया है।
मेरठ जोन के एडीजी भानु भास्कर ने शहीद के परिवार से मुलाकात कर उन्हें सम्मानित किया। इस दौरान परिवार के सदस्यों ने इस प्रतिष्ठित सम्मान को गर्व का क्षण बताया। हालांकि, उनके लिए यह सम्मान उस अपूरणीय क्षति की भी याद दिलाता है, जिसे परिवार ने सुनील कुमार को खोकर झेला है।
एडीजी ने कहा कि इंस्पेक्टर सुनील कुमार ने 20 जनवरी 2025 को कुख्यात अपराधियों के खिलाफ चलाए गए एक ऑपरेशन के दौरान असाधारण साहस का परिचय दिया था। इसी अभियान में उन्होंने देश और कर्तव्य के लिए सर्वोच्च बलिदान दिया। कीर्ति चक्र से सम्मानित होने वाले व्यक्ति के लिए सरकार की ओर से मासिक भत्ता भी निर्धारित है। इसके अलावा विभिन्न राज्य सरकारें अपनी-अपनी घोषणाओं और नियमों के अनुसार सम्मानित परिवार को आर्थिक सहायता या नकद पुरस्कार भी प्रदान करती हैं।
शहीद इंस्पेक्टर सुनील कुमार के बेटे मंजीत ने अपने पिता को मिलने वाले कीर्ति चक्र को लेकर भावुक प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि कीर्ति चक्र सर्वोच्च सम्मान में से एक है और उनके लिए यह बेहद गर्व का विषय है। यूपी एसटीएफ की टीम एक परिवार की तरह काम करती है। उनके परिवार को केंद्र और राज्य सरकारों की ओर से काफी मदद मिली है। अपने पिता के कर्तव्य के प्रति समर्पण को याद करते हुए मंजीत ने कहा कि उनके पिता अपनी नौकरी के प्रति पूरी तरह समर्पित थे। काम की जिम्मेदारियों के कारण वह परिवार को ज्यादा समय नहीं दे पाते थे, उनके लिए ड्यूटी सर्वोपरि थी।
मंजीत ने आगे कहा कि उनके पिता ने नौकरी और कर्तव्य के लिए अपना जीवन बलिदान कर दिया। उन्होंने मुठभेड़ की सूचना मिलने के बाद परिवार के अस्पताल पहुंचने का जिक्र करते हुए कहा कि वहां पहुंचने पर उन्हें घटना में हुए भारी नुकसान का पता चला। उन्होंने कहा कि मुश्किल समय में एसटीएफ टीम के सदस्यों ने उनके परिवार का साथ दिया। मुठभेड़ को लेकर होने वाली राजनीतिक बहस का जिक्र करते हुए मंजीत ने कहा कि विपक्ष की ओर से अक्सर फर्जी मुठभेड़ों के आरोप लगाए जाते हैं और इस तरह की घटनाओं पर सवाल उठाए जाते हैं। जब ऐसी घटना किसी अपने परिवार के साथ होती है, तभी उसके दर्द और वास्तविकता का एहसास होता है। मेरे पिता ने अपने कर्तव्य को पूरी निष्ठा के साथ निभाया और इसी दौरान अपना जीवन न्योछावर कर दिया।
शहीद इंस्पेक्टर की बेटी नेहा ने भी भावुक प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि हमें बहुत गर्व है।
--आईएएनएस
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