यूपी सरकार का ग्रामीण क्षेत्रों में बेहतर पेयजल आपूर्ति के साथ सुगम आवागमन की सुविधा पर भी जोर
लखनऊ, 8 सितंबर (आईएएनएस)। यूपी के जलशक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह ने मानसून के बाद अक्टूबर से पूरे प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में बड़े स्तर पर सड़क की मरम्मत का अभियान चलाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने अधिकारियों को अभियान से जुड़ी सभी तैयारियां समय से पूरी करने को कहा है, ताकि पेयजल योजनाओं के लिए खोदी गई सड़कों को जल्द दुरुस्त कर ग्रामीणों को राहत दी जा सके।
जलशक्ति मंत्री ने राज्य पेयजल एवं स्वच्छता मिशन कार्यालय में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से विभिन्न पेयजल योजनाओं की मंडलवार समीक्षा की। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में जलापूर्ति के लिए पाइपलाइन बिछाने के दौरान कई स्थानों पर सड़कें खोदी गई हैं। मानसून के दौरान बारिश के कारण इन मार्गों पर लोगों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि अक्टूबर से अभियान चलाकर इन सड़कों को दोबारा भरकर, समतल करते हुए दुरुस्त किया जाए। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल योजनाओं का काम पूरा होने के साथ लोगों को बेहतर सड़क सुविधा भी मिल सकेगी।
जलशक्ति मंत्री ने विभिन्न जोन के अभियंताओं और अधीक्षण अभियंताओं से क्षेत्र भ्रमण व रात्रि प्रवास के संबंध में फीडबैक लिया। उन्होंने सहायक अभियंताओं (एई) और अवर अभियंताओं (जेई) को भी रात्रि प्रवास करने के निर्देश दिए, ताकि योजनाओं के काम की मौके पर नियमित निगरानी हो सके।
निर्माणाधीन पेयजल योजनाओं की समीक्षा करते हुए स्वतंत्र देव सिंह ने सभी परियोजनाओं को निर्धारित समय में जल्द पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि योजनाओं को समयबद्ध तरीके से पूरा करने के लिए जरूरत के अनुसार मैनपावर बढ़ाया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि कार्यों में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
जलशक्ति मंत्री ने अधिकारियों को जल प्रबंधन पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पेयजल योजनाओं के संचालन और जलापूर्ति व्यवस्था को प्रभावी बनाए रखने के लिए अधिकारी नियमित निगरानी करें। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में तैयार की जा रही पेयजल योजनाओं का बेहतर संचालन सुनिश्चित किया जा सकेगा और लोगों को लगातार पेयजल की सुविधा मिल सकेगी।
बैठक में मुख्य अभियंताओं, अधीक्षण अभियंताओं और अधिशासी अभियंताओं (एक्सईएन) को अपने अधीनस्थ अभियंताओं और संबंधित एजेंसियों के कार्यों की गोपनीय रिपोर्ट तैयार कर अपर मुख्य सचिव को भेजने के निर्देश भी दिए गए। इससे योजनाओं की प्रगति और अधिकारियों व कार्यदायी एजेंसियों के कामकाज की निगरानी को और मजबूत किया जा सकेगा।
--आईएएनएस
विकेटी/एसके

