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यूपी राज्यसभा चुनाव : भाजपा ने जमीनी कार्यकर्ताओं पर जताया भरोसा, सपा बोली- छवि सुधारने की कोशिश

यूपी राज्यसभा चुनाव : भाजपा ने जमीनी कार्यकर्ताओं पर जताया भरोसा, सपा बोली- छवि सुधारने की कोशिश
यूपी राज्यसभा चुनाव : भाजपा ने जमीनी कार्यकर्ताओं पर जताया भरोसा, सपा बोली- छवि सुधारने की कोशिश

नई दिल्ली, 6 अक्टूबर (आईएएनएस)। उत्तर प्रदेश में राज्यसभा चुनाव के लिए भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) द्वारा आठ उम्मीदवारों की घोषणा के बाद सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच जुबानी जंग शुरू हो गई है। भाजपा ने इसे जमीनी कार्यकर्ताओं के सम्मान के रूप में पेश किया है, तो समाजवादी पार्टी (सपा) ने इस पर तंज कसते हुए इसे दाग छिपाने वाला मेकअप बताया है।

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) द्वारा नए चेहरों को प्रत्याशी बनाए जाने पर उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री भूपेंद्र चौधरी ने कहा, "मैं भारतीय जनता पार्टी के शीर्ष नेतृत्व का धन्यवाद और आभार व्यक्त करता हूं। उन्होंने संगठन को निचले स्तर तक मजबूत करने और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संकल्पों को जन-जन तक पहुंचाने वाले जमीनी कार्यकर्ताओं को यह अवसर दिया है।"

भाजपा विधायक शलभ मणि त्रिपाठी ने कहा कि भाजपा ने उन कार्यकर्ताओं को मौका दिया है, जिन्होंने वर्षों तक पर्दे के पीछे रहकर संगठन के लिए काम किया है। इस दौरान उन्होंने समाजवादी पार्टी पर निशाना साधते हुए कहा, "एक तरफ आप समाजवादी पार्टी में परिवारों से जुड़े लोगों, अमीर लोगों और आपराधिक बैकग्राउंड वाले लोगों को देखते हैं। दूसरे शब्दों में, पी का मतलब परिवार, डी का मतलब दौलतमंद और ए का मतलब अपराधी है। दूसरी तरफ, भाजपा वर्षों से जनता के बीच रहकर काम करने वालों को मौका दे रही है।"

भाजपा नेता नीरज सिंह ने भी पार्टी के फैसले का स्वागत किया। उन्होंने कहा, "संगठन के सिपाही, वे कार्यकर्ता जिन्होंने लंबे समय तक संगठन को सींचा है, उन्हें राज्यसभा का सदस्य चुना जाएगा। उत्तर प्रदेश से एक मजबूत आवाज अपर हाउस तक पहुंचेगी।"

वहीं, भाजपा की सूची पर समाजवादी पार्टी (सपा) ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। दिल्ली में सपा सांसद वीरेंद्र सिंह ने कहा, "जिन लोगों पर किसी न किसी तरह के आरोप लगे थे, उन सभी चेहरों को हटा दिया गया है। भाजपा ने मेकअप तो किया है, लेकिन मेकअप लगाने से दाग नहीं मिटते।"

गौरतलब है कि भाजपा ने इस बार राज्यसभा के लिए उत्तर प्रदेश से आठ उम्मीदवारों के नामों का ऐलान किया है, जिसमें कई नए और जमीनी स्तर के कार्यकर्ताओं को जगह दी गई है। भाजपा इसे संगठन को मजबूत करने वाला कदम बता रही है, जबकि विपक्ष इसे अपनी छवि सुधारने की कोशिश के तौर पर देख रहा है।

--आईएएनएस

पीआईएम/एबीएम

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