यूपी एमएलसी चुनाव: 55.24 प्रतिशत मतदान, गोरखपुर-फैजाबाद शिक्षक सीट पर सबसे ज्यादा वोटिंग
लखनऊ, 23 अक्टूबर (आईएएनएस)। उत्तर प्रदेश विधान परिषद की 11 स्नातक और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों के लिए शुक्रवार को हुए मतदान में 55.24 प्रतिशत मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया। शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों में मतदान का प्रतिशत स्नातक सीटों की तुलना में अधिक रहा। गोरखपुर-फैजाबाद खंड शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में सर्वाधिक 79.01 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया, जबकि लखनऊ खंड स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में सबसे कम 38.02 प्रतिशत मतदाताओं ने वोट डाले। इन चुनावों को 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और समाजवादी पार्टी (सपा) के लिए अहम माना जा रहा है।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय के अनुसार, छह शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों में गोरखपुर-फैजाबाद में 79.01 प्रतिशत, बरेली-मुरादाबाद में 73.69 प्रतिशत, वाराणसी में 68.21 प्रतिशत, आगरा में 63.84 प्रतिशत, मेरठ में 60.80 प्रतिशत और लखनऊ में 50.92 प्रतिशत मतदान हुआ। वहीं, पांच स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों में आगरा में सर्वाधिक 51 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया। इलाहाबाद-झांसी में 41.40 प्रतिशत, वाराणसी में 41.01 प्रतिशत, मेरठ में 39.81 प्रतिशत और लखनऊ में 38.02 प्रतिशत मतदाताओं ने अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया। इन चुनावों के लिए मतदान सुबह आठ बजे शुरू हुआ।
प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा के अनुसार, उन्नाव, कानपुर और कानपुर देहात को छोड़कर शेष 72 जिलों में मतदान कराया गया। चुनाव में इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) के बजाय मतपत्रों का इस्तेमाल किया गया। मतगणना 27 अक्टूबर को होगी।
इस बीच, गोरखपुर और फतेहपुर में भाजपा और सपा समर्थकों के बीच झड़प की घटनाएं सामने आईं। गोरखपुर के डीएवी डिग्री कॉलेज में दोनों दलों के कार्यकर्ता आमने-सामने आ गए। दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर मतदान प्रक्रिया को प्रभावित करने की कोशिश करने का आरोप लगाया। सपा उम्मीदवार डॉ. संजयन त्रिपाठी की मौजूदगी में कार्यकर्ताओं के बीच धक्का-मुक्की हुई।
वहीं, फतेहपुर जिले के विजयीपुर ब्लॉक में सुबह करीब 10 बजे मतदान केंद्र के बाहर भाजपा और सपा समर्थकों के बीच कथित तौर पर जबरन मतदान कराने के आरोपों को लेकर विवाद हो गया। तीखी बहस के बाद दोनों पक्षों के बीच हाथापाई हुई। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आया। हालांकि, जबरन मतदान कराने के आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी।
उधर, जालौन जिले में जल शक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह ने उरई स्थित जिला परिषद कार्यालय के मतदान केंद्र संख्या 217 पर इलाहाबाद-झांसी स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के लिए मतदान किया। वोट डालने के बाद उन्होंने दावा किया कि भाजपा सभी 11 सीटों पर जीत हासिल करेगी।
मतदान के दौरान लखनऊ, बलिया और सीतापुर में सपा प्रमुख अखिलेश यादव और पार्टी के अन्य नेताओं को निशाना बनाते हुए होर्डिंग लगाए जाने का मामला भी सामने आया। कुछ होर्डिंग में अखिलेश यादव को मारे गए गैंगस्टर अतीक अहमद और जेल में बंद सपा नेता आजम खान के साथ दिखाया गया था, जबकि कुछ में उनके परिवार को निशाना बनाया गया।
लखनऊ में मतदान के लिए 259 केंद्र बनाए गए थे, जहां 1,16,491 पंजीकृत मतदाता वोट डालने के पात्र थे। गौतमबुद्ध नगर में मेरठ स्नातक और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों के लिए 13 मतदान केंद्रों पर 42 बूथ बनाए गए थे।
जिला निर्वाचन अधिकारी मेधा रूपम के अनुसार, जिले में स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के लिए 12,754 और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के लिए 13,104 मतदाता पंजीकृत हैं। विधान परिषद की इन 11 सीटों में पांच स्नातक और छह शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र शामिल हैं।
स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों में लखनऊ, वाराणसी, आगरा, मेरठ और इलाहाबाद-झांसी, जबकि शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों में लखनऊ, आगरा, वाराणसी, मेरठ, बरेली-मुरादाबाद और गोरखपुर-फैजाबाद शामिल हैं।
--आईएएनएस
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