यूपी में सीट बंटवारे पर सपा प्रवक्ता अब्बास हैदर बोले-'जीत की संभावना के आधार पर हो फैसला'
लखनऊ, 5 अक्टूबर (आईएएनएस)। उत्तर प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर समाजवादी पार्टी (सपा) और कांग्रेस के बीच सीट बंटवारे को लेकर चल रही चर्चा के बीच सपा प्रवक्ता अब्बास हैदर ने कहा कि गठबंधन में सबसे महत्वपूर्ण मुद्दा सीटों की संख्या नहीं बल्कि चुनाव जीतने की क्षमता है। उन्होंने कहा कि जिस पार्टी या उम्मीदवार की किसी सीट पर जीत की संभावना सबसे अधिक होगी, उसी के पक्ष में टिकट का फैसला किया जाना चाहिए।
सपा प्रवक्ता अब्बास हैदर ने समाचार एजेंसी आईएएनएस से बात करते हुए कहा कि असली मुद्दा चुनाव जीतने की क्षमता है। जो उम्मीदवार जीत सकता है, उसे ही टिकट दिया जाएगा। किस पार्टी को किस सीट पर चुनाव लड़ना है और दोनों दलों के बीच सीटों का बंटवारा किस आधार पर होगा, इसका अंतिम निर्णय दोनों पार्टियों का शीर्ष नेतृत्व करेगा।
उन्होंने कहा कि किसी खास सीट पर जिस पार्टी की जनता के बीच पहुंच और संगठनात्मक पकड़ अधिक मजबूत है तथा जो वहां चुनाव जीतने की बेहतर स्थिति में है, उसे उस सीट पर उम्मीदवार उतारने का अवसर मिलना चाहिए। गठबंधन का उद्देश्य केवल सीटों का बंटवारा करना नहीं बल्कि अधिक से अधिक सीटों पर जीत हासिल करना होना चाहिए।
सपा प्रवक्ता ने कहा कि सीट बंटवारे को लेकर अलग-अलग नेताओं की ओर से दिए जा रहे बयानों को बहुत अधिक महत्व देने की जरूरत नहीं है। दोनों दलों के शीर्ष नेतृत्व को इस मुद्दे पर फैसला करने के लिए समय दिया जाना चाहिए।
अब्बास हैदर ने कहा, “हमें कुछ समय इंतजार करना चाहिए और देखना चाहिए कि दोनों पार्टियों का शीर्ष नेतृत्व क्या फैसला करता है और जमीनी स्तर पर सीट शेयरिंग का क्या फॉर्मूला लागू होता है।”
उन्होंने दोहराया कि सीटों की संख्या से ज्यादा महत्वपूर्ण यह है कि गठबंधन के उम्मीदवार की जीत की संभावना कितनी है। उन्होंने कहा कि जिस पार्टी के पास किसी विशेष सीट पर जनता तक पहुंचने की बेहतर क्षमता और चुनाव जीतने की अधिक संभावना होगी, उसे वहां टिकट दिया जाना चाहिए।
सपा प्रवक्ता के बयान से साफ है कि पार्टी सीट बंटवारे में जीत की संभावना को प्रमुख आधार मान रही है। हालांकि, किस पार्टी को कितनी सीटें मिलेंगी और कौन-सा दल किस सीट से चुनाव लड़ेगा, इस पर अंतिम निर्णय दोनों दलों का शीर्ष नेतृत्व करेगा।
अब्बास हैदर ने कहा कि नेताओं के व्यक्तिगत बयानों के बजाय गठबंधन के शीर्ष नेतृत्व के आधिकारिक फैसले का इंतजार करना चाहिए। उन्होंने भरोसा जताया कि दोनों दल आपसी सहमति से ऐसा फॉर्मूला तैयार करेंगे, जिससे चुनाव में गठबंधन को अधिकतम फायदा मिल सके।
--आईएएनएस
एसएके/पीएम

