यूपी में भाजपा को रोकने के लिए गठबंधन को तैयार, लेकिन 'बी-टीम' का ठप्पा नहीं सहेंगे: वारिस पठान
मुंबई, 5 अक्टूबर (आईएएनएस)। मुंबई के विवादित खिलाफत हाउस को लेकर एआईएमआईएम के राष्ट्रीय प्रवक्ता वारिस पठान ने वक्फ बोर्ड को नोटिस भेजा है और इसे वक्फ संपत्ति बताते हुए निजी बिल्डरों द्वारा हो रहे निर्माण पर रोक लगाने की मांग की है। साथ ही उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव को लेकर उन्होंने बड़ा सियासी बयान दिया। उन्होंने उम्मीद जताई है कि गठबंधन न बनने पर अकेले चुनाव लड़ेंगे और जीत हासिल करेंगे।
एआईएमआईएम के राष्ट्रीय प्रवक्ता वारिस पठान ने कहा, "आज हमने महाराष्ट्र वक्फ बोर्ड के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) को एक नोटिस भेजा है। जैसा कि आप सभी जानते हैं, मुंबई स्थित खिलाफत हाउस पिछले कुछ दिनों से विवादों में घिरा हुआ है। समिति का दावा है कि यह ट्रस्ट की संपत्ति है, लेकिन हमारा और बाकी सभी का मानना है कि यह वक्फ की संपत्ति है। वक्फ बोर्ड के चेयरमैन ने कहा है कि यह वक्फ की जमीन है। यह महाराष्ट्र गजट में दर्ज है।"
उन्होंने आगे कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने भी कहा है कि यह वक्फ की संपत्ति है। इसके बावजूद न तो आप वक्फ बोर्ड से एनओसी ले रहे हैं और न ही कोई अन्य अनुमति ले रहे हैं। खिलाफत हाउस से जुड़े लोगों ने प्राइवेट बिल्डरों के जरिए निर्माण कार्य शुरू कर दिया। हम वहां गए और मामले पर चर्चा करने व सहमति बनने के बाद हमने परिसर पर ताला लगा दिया और कहा कि जब तक कोर्ट का फैसला नहीं आ जाता, तब तक काम बंद रहना चाहिए।
वहीं, उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनावों को लेकर एआईएमआईएम प्रवक्ता ने कहा कि हमारी पार्टी के अध्यक्ष ने कहा है कि हम गठबंधन के लिए तैयार हैं। हमारा मकसद बीजेपी को हराना है। हम नहीं चाहते कि हिंदुत्व विचारधारा वाली सरकार तीसरी बार सत्ता में आए। हम गठबंधन की बात कर रहे हैं, लेकिन वे आगे नहीं आ रहे हैं। अब हम चुनाव लड़ेंगे। हम प्रतिनिधित्व और बराबरी की बात करते हैं। जब हम चुनाव लड़ेंगे, तो आप हमें 'बी-टीम' कहेंगे।
उन्होंने कहा कि हम लड़ेंगे, फिर आप बी-टीम, बी-टीम चिल्लाओगे, पप्पा-पप्पा मेरी चॉकलेट छीन ली, मम्मी-मम्मी मेरा झुनझुना छीन लिया। तो यह नहीं होगा। हम लड़ रहे हैं और इंशाल्लाह हमको यकीन है कि हमें जीत मिलेगी।
वारिस पठान ने कहा कि हम हक की बात करते हैं, हम मुस्लिमों के प्रतिनिधित्व की बात करते हैं, हम राजनीतिक सशक्तीकरण की बात करते हैं। हम ये बोलते हैं कि मुस्लिम दरी नहीं बिछाएगा, हम हिस्सेदारी की बात करते हैं। ये तमाम चीजें इसलिए उनको नहीं पसंद है न, उनको मुस्लिमों के वोट पसंद है, मुस्लिम नहीं।
सूखे की स्थिति पर एआईएमआईएम के राष्ट्रीय प्रवक्ता ने कहा कि किसान कर्ज के बोझ तले दबे हैं। उनके कर्ज माफ किए जाने चाहिए। अब जब सूखा घोषित हो चुका है, तो वे मुश्किल में हैं। इतने सारे किसानों ने आत्महत्या कर ली है। सरकार अपनी प्राथमिकताओं से भटक गई है। उसके पास पैसा तो है, लेकिन वह 'ऑपरेशन लोटस' चलाना चाहती है और सांसदों-विधायकों को खरीदना चाहती है।
--आईएएनएस
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