यूपी की मतदाता सूची में 16,554 वोटों की गड़बड़ी का कांग्रेस का आरोप, पीलीभीत में 13,150 नाम बदलने का दावा
लखनऊ, 21 अक्टूबर (आईएएनएस)। उत्तर प्रदेश में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर कांग्रेस ने चुनाव आयोग पर गंभीर सवाल उठाए हैं। पार्टी ने पीलीभीत सदर विधानसभा क्षेत्र में 13,150 मतदाताओं के नाम बदले जाने, 884 मतदाताओं के नाम हटाए जाने और 2,600 नए मतदाताओं के नाम जोड़े जाने का आरोप लगाया है।
कांग्रेस का दावा है कि इन तीन श्रेणियों में कुल 16,554 मतदाताओं से जुड़े बदलाव सामने आए हैं। पार्टी ने मामले की जांच कराने और मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियों के खिलाफ कानूनी लड़ाई लड़ने की बात कही है। उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी मुख्यालय में बुधवार को आयोजित प्रेसवार्ता में अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के प्रदेश प्रभारी राजेंद्र पाल गौतम, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष आराधना मिश्रा 'मोना', कांग्रेस की राष्ट्रीय प्रवक्ता एवं सोशल मीडिया विभाग की चेयरमैन सुप्रिया श्रीनेत और प्रदेश कांग्रेस कमेटी के कार्यकारी अध्यक्ष एवं सांसद इमरान मसूद ने मतदाता सूची में कथित अनियमितताओं का मुद्दा उठाया।
राजेंद्र पाल गौतम ने आरोप लगाया कि मतदाता सूची के अंतिम ड्राफ्ट में नाम दर्ज होने के बाद भी मतदाताओं के विवरण में बदलाव किए गए। उन्होंने दावा किया कि पीलीभीत सदर विधानसभा क्षेत्र में 13,150 मतदाताओं के ईपीआईसी नंबर और सीरियल नंबर समान रहने के बावजूद उनके नाम बदल दिए गए। इसके अलावा, 884 ऐसे मतदाताओं के नाम हटाए जाने का आरोप लगाया गया, जिनके बारे में कांग्रेस का कहना है कि वे अब भी संबंधित क्षेत्र में रहते हैं। पार्टी ने 2,600 ऐसे मतदाताओं के नाम जोड़े जाने का भी दावा किया, जो कथित तौर पर वहां नहीं रहते।
गौतम ने कहा कि यदि मतदाता पहचान पत्र का नंबर समान रहते हुए किसी दूसरे व्यक्ति का नाम दर्ज हो जाता है, तो मतदान के दिन वास्तविक मतदाता को परेशानी हो सकती है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस कार्यकर्ता प्रदेश के अन्य विधानसभा क्षेत्रों में भी मतदाता सूची की जांच कर रहे हैं, ताकि इस तरह की कथित विसंगतियों का पता लगाया जा सके।
कांग्रेस की राष्ट्रीय प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत ने प्रेसवार्ता में कुछ मतदाताओं के विवरण का उदाहरण देते हुए आरोप लगाया कि मतदाता सूची में नाम बदलने और जोड़ने-हटाने की प्रक्रिया में सॉफ्टवेयर के इस्तेमाल को लेकर गंभीर सवाल हैं। उन्होंने दावा किया कि एक मामले में ईपीआईसी नंबर 4जी-एमसीएम-4746 पर पहले मोहम्मद यूसुफ, उम्र 35 वर्ष, पुरुष का नाम दर्ज था, जबकि अब उसी नंबर पर रमजान अली के पुत्र हसरत, उम्र 35 वर्ष, पुरुष का विवरण दर्ज है। उनके मुताबिक, ईपीआईसी नंबर, उम्र और लिंग समान हैं, लेकिन मतदाता और पिता का नाम अलग है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने ऐसे 13,150 मामलों की पहचान करने का दावा किया है।
श्रीनेत ने आरोप लगाया कि ये बदलाव अलग-अलग समय पर समूहों में किए गए। उन्होंने सवाल उठाया कि मतदाता सूची में इस तरह के बदलाव कैसे हुए, किसके निर्देश पर हुए और इसके लिए जिम्मेदार कौन है। उन्होंने कहा कि अधिकारियों की ओर से सॉफ्टवेयर तक पहुंच नहीं होने की बात कही जा रही है, इसलिए इस पूरे मामले की जांच होनी चाहिए। उन्होंने पीलीभीत सदर विधानसभा क्षेत्र का उल्लेख करते हुए कहा कि वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव में भाजपा विधायक और प्रदेश सरकार में मंत्री संजय गंगवार ने 6,930 मतों के अंतर से जीत दर्ज की थी।
कांग्रेस का दावा है कि इसी विधानसभा क्षेत्र में 16 हजार से अधिक मतदाताओं से जुड़े बदलाव सामने आए हैं। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष आराधना मिश्रा 'मोना' ने कहा कि मतदाता पहचान पत्र होने के बावजूद मतदान के दिन सूची में नाम नहीं मिलना गंभीर चिंता का विषय है। उन्होंने कहा कि पार्टी इस मामले में कानूनी राय लेगी और एसआईआर प्रक्रिया से संबंधित आपत्तियों को लेकर संगठन के स्तर पर लड़ाई लड़ेगी। उन्होंने मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियों को लोकतांत्रिक प्रक्रिया के लिए गंभीर मुद्दा बताया।
सुप्रिया श्रीनेत ने मांग की कि एसआईआर प्रक्रिया से जुड़े मामले की जांच कराई जाए। उन्होंने मतदाताओं से अपील की कि वे निर्वाचन आयोग की वेबसाइट पर अपना ईपीआईसी नंबर डालकर मतदाता सूची में नाम और अन्य विवरणों की जांच करें। उन्होंने जिलाधिकारियों और उपजिलाधिकारियों से भी कथित विसंगतियों पर स्थिति स्पष्ट करने की मांग की। उन्होंने वर्ष 2024 से 2027 के बीच मतदाता संख्या में संभावित वृद्धि और नाम हटाए जाने के आंकड़ों को लेकर भी सवाल उठाए। उनके अनुसार, वर्ष 2024 में उत्तर प्रदेश में करीब 15.41 करोड़ मतदाता थे। उन्होंने दावा किया कि इस अवधि में नए मतदाताओं के जुड़ने की अपेक्षा के मुकाबले बड़ी संख्या में नाम हटाए जाने की बात सामने आई है।
कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष एवं सांसद इमरान मसूद ने कहा कि मतदाता सूची की शुद्धता और मतदान के अधिकार की रक्षा करना सभी नागरिकों की जिम्मेदारी है। उन्होंने पीलीभीत के पार्टी कार्यकर्ताओं की ओर से मतदाता सूची की जांच कर विसंगतियां सामने लाने के प्रयासों की सराहना की। मसूद ने कहा कि कांग्रेस इस मामले में अदालत का रुख करेगी। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे अपनी मतदाता सूची में नाम और अन्य विवरणों की जांच करें तथा किसी भी गड़बड़ी की स्थिति में संबंधित अधिकारियों को सूचित करें।
कांग्रेस नेताओं ने आरोपों के आधार पर मतदाता सूची में बदलाव की जांच की मांग की है। हालांकि, प्रेसवार्ता में लगाए गए इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि और निर्वाचन आयोग का पक्ष इस सामग्री में उपलब्ध नहीं है।
--आईएएनएस
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