यूपी की अंतिम मतदाता सूची जारी, एसआईआर में दो करोड़ से ज्यादा नाम घटे
लखनऊ, 10 अप्रैल (आईएएनएस)। उत्तर प्रदेश में 166 दिनों तक चले विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईएआर)-2026 के बाद अंतिम मतदाता सूची जारी कर दी गई है। संशोधित सूची में कुल 13.39 करोड़ मतदाता दर्ज किए गए हैं। खास बात यह है कि जहां पुनरीक्षण प्रक्रिया में कुल 2 करोड़ 4 लाख 45 हजार 300 मतदाताओं के नाम सूची से हटाए गए। इसके बावजूद पूरी प्रक्रिया के बाद राज्य में कुल 84,28,767 नए मतदाता जुड़ गए हैं।
प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा ने शुक्रवार को प्रेसवार्ता में बताया कि अंतिम निर्वाचक नामावली में कुल 13,39,84,792 मतदाता शामिल हैं। इनमें 7,30,71,061 पुरुष (54.54 प्रतिशत), 6,09,09,525 महिला (45.46 प्रतिशत) और 4,206 तृतीय लिंग के मतदाता हैं। उत्तर प्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा जारी अंतिम मतदाता सूची के अनुसार विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के दौरान कुल 2 करोड़ 4 लाख 45 हजार 300 मतदाताओं के नाम सूची से हटाए गए। इसके बावजूद पूरी प्रक्रिया के बाद राज्य में कुल 84,28,767 नए मतदाता जुड़ गए हैं। अक्टूबर 2025 में जब मतदाता सूची फ्रीज की गई थी, तब प्रदेश में लगभग 15 करोड़ 44 लाख 30 हजार मतदाता दर्ज थे।
इसके बाद 6 जनवरी 2026 को जारी मसौदा मतदाता सूची में यह संख्या घटकर 12 करोड़ 55 लाख 56 हजार 25 रह गई थी। 27 अक्टूबर 2025 से 10 अप्रैल 2026 तक चले एसआईआर अभियान के बाद 10 अप्रैल को अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित की गई। अब प्रदेश के मतदाता अपना नाम ऑनलाइन भी आसानी से जांच सकते हैं।
उन्होंने बताया कि 27 अक्तूबर 2025 को फ्रीज मतदाता सूची में 15.44 करोड़ मतदाता थे, जो विशेष गहन पुनरीक्षण के बाद घटकर 13.39 करोड़ रह गए। यानी कुल मिलाकर 2.05 करोड़ मतदाता सूची से बाहर हुए। हालांकि, 6 जनवरी 2026 को जारी मसौदा सूची (12.55 करोड़) के मुकाबले अंतिम सूची में 84,28,767 मतदाताओं की वृद्धि दर्ज की गई है। इस बढ़त में पुरुष 42.27 लाख, महिला 42 लाख और तृतीय लिंग के 87 मतदाता शामिल हैं। 18-19 आयु वर्ग में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। इस वर्ग के मतदाता 3.33 लाख से बढ़कर 17.63 लाख हो गए, जो कुल मतदाताओं का 1.32 प्रतिशत हैं। जेंडर रेशियो भी 824 से बढ़कर 834 हो गया है।
मतदाता संख्या में सर्वाधिक वृद्धि वाले जिलों में प्रयागराज (3.29 लाख), लखनऊ (2.85 लाख), बरेली (2.57 लाख), गाजियाबाद (2.43 लाख) और जौनपुर (2.37 लाख) शामिल हैं। वहीं, विधानसभा क्षेत्रों में साहिबाबाद, जौनपुर, लखनऊ पश्चिम, लोनी और फिरोजाबाद शीर्ष पर रहे। विशेष गहन पुनरीक्षण-2026 अभियान 27 अक्टूबर 2025 से 10 अप्रैल 2026 तक चला। इस दौरान 75 जिलों में प्रशासनिक अमले के साथ 5.82 लाख से अधिक बूथ लेवल एजेंटों ने भागीदारी की। कार्यक्रम के तहत 6 जनवरी को मसौदा सूची जारी हुई, जबकि 6 जनवरी से 6 मार्च तक दावा-आपत्ति का दौर चला और 27 मार्च तक सभी मामलों का निस्तारण किया गया।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने स्पष्ट किया कि मसौदा सूची से किसी भी मतदाता का नाम बिना नोटिस और निर्धारित प्रक्रिया के नहीं हटाया गया। करीब 1.04 करोड़ मामलों में मिलान नहीं हुआ और 2.22 करोड़ में तार्किक विसंगतियां पाई गईं, जिन पर शत-प्रतिशत नोटिस जारी कर सुनवाई की गई। शिकायत निस्तारण में यूपी नंबर-1 राष्ट्रीय शिकायत सेवा पोर्टल (एनजीएसपी) पर उत्तर प्रदेश देश में पहले स्थान पर रहा। 1.08 लाख शिकायतों में से 99.8 फीसदी का निस्तारण किया गया। ‘बुक ए कॉल विद बीएलओ’ सुविधा के तहत 8.63 लाख कॉल बुक हुईं, जिनमें 97 प्रतिशत मतदाताओं से संपर्क किया गया। राज्य स्तर पर 5 और जिला स्तर पर 3090 बैठकों का आयोजन किया गया। विभिन्न दलों के 5.82 लाख बूथ लेवल एजेंट इस प्रक्रिया में शामिल हुए। कुल 107 ज्ञापन प्राप्त हुए, जिनमें सर्वाधिक 85 समाजवादी पार्टी की ओर से थे।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने कहा कि जिन पात्र नागरिकों के नाम सूची में शामिल नहीं हो सके हैं, वे फॉर्म-6 भरकर अपना नाम जुड़वा सकते हैं। निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी के निर्णय से असंतुष्ट व्यक्ति 15 दिनों के भीतर जिला मजिस्ट्रेट के पास और उसके बाद 30 दिनों के भीतर मुख्य निर्वाचन अधिकारी के समक्ष अपील कर सकता है।
--आईएएनएस
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