यूपी चुनाव 2027: 2022 में हमीरपुर की दोनों सीटों पर भाजपा ने लहराया था परचम
लखनऊ, 3 नवंबर (आईएएनएस)। उत्तर प्रदेश के बुंदेलखंड क्षेत्र और चित्रकूट धाम मंडल का अहम हिस्सा हमीरपुर जिला राजनीतिक रूप से भले ही छोटा दिखता है लेकिन इसका महत्व बड़ा है। जिले में कुल 2 विधानसभा सीटें हैं, जिनमें हमीरपुर सदर और राठ (आरक्षित) विधानसभा सीट शामिल हैं। मौजूदा समय में दोनों ही सीटों पर भारतीय जनता पार्टी का कब्जा है।
हमीरपुर जिले की हमीरपुर सदर विधानसभा सीट उत्तर प्रदेश की 403 विधानसभा सीटों में से 228वीं सीट है। यह एक सामान्य सीट है। यह सीट हमीरपुर जिले में ही स्थित है। यहां से वर्तमान में भाजपा के डॉ. मनोज कुमार प्रजापति विधायक हैं। डॉ. मनोज कुमार प्रजापति 18वीं विधानसभा यानी 2022 में निर्वाचित विधानसभा में भारतीय जनता पार्टी का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। पिछले चुनाव के आंकड़ों के मुताबिक इस सीट पर लगभग 4,12,700 पंजीकृत मतदाता थे।
हमीरपुर सीट से भाजपा प्रत्याशी डॉ. मनोज कुमार ने 25,485 वोट से जीत हासिल की। उन्हें 1,05,432 वोट मिले जबकि सपा प्रत्याशी राम प्रकाश दूसरे नंबर पर रहे और उन्होंने 79,947 वोट हासिल किए।
वहीं दूसरी सीट राठ है, जिसका क्रमांक 229 है। यह सीट अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित है। यह भी हमीरपुर जिले में ही आती है। राठ विधानसभा सीट से मौजूदा विधायक मनीषा अनुरागी हैं। वे भी भारतीय जनता पार्टी से हैं और 18वीं विधानसभा में इसी पार्टी का प्रतिनिधित्व करती हैं। पिछले चुनाव में इस सीट पर लगभग 3,99,594 पंजीकृत मतदाता थे। मनीषा अनुरागी इस सीट से लगातार दूसरी बार जीतीं और पार्टी में उनकी पकड़ मजबूत मानी जाती है।
राठ सीट पर भाजपा प्रत्याशी मनीषा ने 61,979 वोटों से जीत हासिल की थी। उन्हें कुल 1,39,373 वोट हासिल हुए जबकि उनकी निकटतम प्रतिद्वंदी सपा प्रत्याशी चंद्रावती वर्मा ने 77,394 वोट हासिल किए। इस सीट पर बसपा प्रत्याशी प्रसन्ना भूषण 24,266 वोटों के साथ तीसरे स्थान पर रही थीं।
हमीरपुर जिला चित्रकूट धाम मंडल का हिस्सा है और इसका मुख्यालय हमीरपुर शहर है। यह जिला यमुना और बेतवा नदियों के संगम पर बसा है। इस जिले की एक खास पहचान यहां की बेतवा नदी के तट पर मिलने वाली 'मोटी रेत' है, जिसका उत्तर प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में निर्यात किया जाता है।
प्रशासनिक नजर से देखें तो जिले में 4 तहसीलें हैं, जिनमें हमीरपुर, मौदहा, राठ और सरीला शामिल हैं। वहीं, 7 विकास खंड हैं, जिनमें गोहांड, कुरारा, मौदहा, मुस्करा, राठ, सरीला और सुमेरपुर शामिल हैं।
हमीरपुर जिले की सीमाएं कई जिलों से लगती हैं। इसके उत्तर में जालौन (उरई), कानपुर नगर और फतेहपुर जिले हैं। पूर्व में बांदा जिला है, दक्षिण में महोबा और पश्चिम में झांसी और जालौन जिले स्थित हैं।
जिले की अर्थव्यवस्था मुख्य रूप से कृषि पर आधारित है। यहां गेहूं, धान, सरसों, दलहन और सब्जियों की खेती प्रमुख रूप से की जाती है। बुंदेलखंड क्षेत्र का हिस्सा होने के कारण यहां कृषि चुनौतियों से भरी रहती है लेकिन यही यहां के वोटरों का मुख्य मुद्दा भी बनती है।
--आईएएनएस
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