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यूपी चुनाव 2027: सिद्धार्थनगर की पांच विधानसभा सीटों पर भाजपा-सपा में थी टक्कर, दो सीटों पर सपा को मिली थी जीत

यूपी चुनाव 2027: सिद्धार्थनगर की पांच विधानसभा सीटों पर भाजपा-सपा में थी टक्कर, दो सीटों पर सपा को मिली थी जीत
यूपी चुनाव 2027: सिद्धार्थनगर की पांच विधानसभा सीटों पर भाजपा-सपा में थी टक्कर, दो सीटों पर सपा को मिली थी जीत

नई दिल्ली, 29 अक्टूबर (आईएएनएस)। उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2022 में सिद्धार्थनगर जिले की पांच विधानसभा सीटों पर दिलचस्प मुकाबला देखने को मिला था। जिले की पांच सीटों में से तीन पर भाजपा और उसके गठबंधन के उम्मीदवारों ने जीत दर्ज की थी जबकि दो सीटों पर समाजवादी पार्टी (सपा) ने कब्जा जमाया था। बांसी, डुमरियागंज, इटवा, कपिलवस्तु और शोहरतगढ़ सीटों के नतीजों ने जिले की राजनीतिक तस्वीर बदल दी थी।

बांसी विधानसभा सीट पर भाजपा के वरिष्ठ नेता जय प्रताप सिंह की प्रतिष्ठा दांव पर थी। उनके मुकाबले में सपा के नवीन, बसपा के राधेश्याम और कांग्रेस की किरण शुक्ला चुनाव मैदान में थे। इस सीट पर जय प्रताप सिंह ने जीत दर्ज कर अपना राजनीतिक दबदबा बरकरार रखा था। वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव में जय प्रताप सिंह को 84,596 वोट मिले जबकि सपा प्रत्याशी नवीन को 64,256 मत प्राप्त हुए। बसपा के राधेश्याम 22,071 वोटों के साथ तीसरे स्थान पर रहे।

जय प्रताप सिंह ने अपने लंबे राजनीतिक करियर में आठवीं बार विधानसभा चुनाव जीतकर खास उपलब्धि हासिल की। उन्होंने वर्ष 1989 में निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में अपना पहला चुनाव जीता था। इसके बाद भी वह लगातार इस क्षेत्र की राजनीति में प्रभावशाली बने रहे। उनके राजनीतिक सफर में एक बार हार भी शामिल रही है। बांसी सीट पर उनकी जीत ने भाजपा के लिए जिले में एक महत्वपूर्ण सफलता सुनिश्चित की।

डुमरियागंज विधानसभा सीट पर वर्ष 2022 में बेहद रोमांचक मुकाबला देखने को मिला। यहां समाजवादी पार्टी की सैयदा खातून ने भाजपा के राघवेंद्र प्रताप सिंह को महज 771 मतों से हराकर जीत दर्ज की। सैयदा खातून को कुल 85,098 वोट मिले जबकि राघवेंद्र प्रताप सिंह को 84,327 मत प्राप्त हुए। बसपा के अशोक कुमार तिवारी 20,416 वोटों के साथ तीसरे स्थान पर रहे।

इस सीट पर जीत-हार का अंतर बेहद कम रहा, जिससे चुनाव परिणाम की चर्चा पूरे जिले में हुई। सपा की सैयदा खातून की जीत ने पार्टी को जिले में एक महत्वपूर्ण राजनीतिक बढ़त दिलाई। नेपाल सीमा के नजदीक स्थित डुमरियागंज विधानसभा क्षेत्र का चुनाव परिणाम जिले की राजनीति के लिहाज से अहम रहा।

इटवा विधानसभा सीट पर सपा के वरिष्ठ नेता और पूर्व विधानसभा अध्यक्ष माता प्रसाद पांडेय और भाजपा के सतीश चंद्र द्विवेदी के बीच कड़ा मुकाबला हुआ था। इस चुनाव में माता प्रसाद पांडेय ने जीत हासिल कर सपा की वापसी कराई।

इटवा सीट पर माता प्रसाद पांडेय लंबे समय तक विधायक रहे हैं। वर्ष 2002 से 2012 तक उन्होंने लगातार तीन चुनाव जीतकर इस क्षेत्र का प्रतिनिधित्व किया। हालांकि, वर्ष 2017 के विधानसभा चुनाव में भाजपा के सतीश चंद्र द्विवेदी ने उन्हें पीछे छोड़ते हुए जीत हासिल की थी। वर्ष 2022 में माता प्रसाद पांडेय ने फिर से इस सीट पर वापसी की और भाजपा प्रत्याशी को पराजित कर दिया। इस परिणाम ने सिद्धार्थनगर जिले में सपा की राजनीतिक स्थिति को मजबूत किया। इटवा में माता प्रसाद पांडेय की जीत को जिले के प्रमुख चुनावी परिणामों में गिना गया।

कपिलवस्तु विधानसभा सीट पर भाजपा के श्यामधनी राही और सपा के विजय कुमार के बीच मुकाबला हुआ था। इसके अलावा कांग्रेस के देवेंद्र कुमार गुड्डू और बसपा के कन्हैया प्रसाद भी चुनाव मैदान में थे। इस सीट पर भाजपा प्रत्याशी श्यामधनी राही ने जीत दर्ज की थी।

कपिलवस्तु को भगवान बुद्ध की धरती के रूप में जाना जाता है। यह सिद्धार्थनगर जिले की महत्वपूर्ण विधानसभा सीटों में शामिल है। वर्ष 2017 के चुनाव में भी भाजपा ने यहां शानदार प्रदर्शन किया था। उस चुनाव में भाजपा प्रत्याशी श्यामधनी राही को 1,14,082 वोट मिले थे, जबकि सपा के विजय कुमार पासवान को 75,928 मत प्राप्त हुए थे। बसपा के चंद्रभान 37,166 वोटों के साथ तीसरे स्थान पर रहे थे।

वर्ष 2022 में भी भाजपा ने इस सीट पर अपना प्रभाव बनाए रखा। यहां का चुनाव परिणाम जिले में भाजपा और उसके गठबंधन के प्रदर्शन के लिहाज से महत्वपूर्ण रहा। भाजपा के श्यामधनी राही को 1,22,940 वोट मिले जबकि सपा प्रत्याशी विजय कुमार को 92,001 वोट मिले।

शोहरतगढ़ विधानसभा सीट पर अपना दल (सोनेलाल) के विनय वर्मा ने जीत दर्ज की। वह भाजपा के नेतृत्व वाले गठबंधन के उम्मीदवार थे। इस सीट पर सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के प्रेमचंद्र, कांग्रेस के चौधरी रविंद्र प्रताप और बसपा के राधारमण त्रिपाठी भी चुनाव मैदान में थे।

शोहरतगढ़ की राजनीति में समय-समय पर कई दलों का प्रभाव देखने को मिला है। वर्ष 2017 के विधानसभा चुनाव में भाजपा की सहयोगी अपना दल (सोनेलाल) के अमर सिंह चौधरी ने जीत दर्ज की थी। 2017 विधानसभा चुनाव में यहां से अपना दल (एस) के अमर सिंह चौधरी जीत दर्ज करने में सफल रहे थे। उन्हें 67653 वोट मिले और मत प्रतिशत 36.24 फीसदी रहा। उन्होंने बहुजन समाज पार्टी के मोहम्मद जमील को 22124 वोटों से हराया था। तीसरे नंबर पर समाजवादी पार्टी के अग्रसेन सिंह रहे थे।

इससे पहले वर्ष 2012 में सपा की लालमुनि सिंह इस सीट से विधायक बनी थीं। इस सीट पर अतीत में कांग्रेस, भाजपा और सपा के उम्मीदवार भी जीत दर्ज कर चुके हैं। वर्ष 2022 में एनडीए गठबंधन के उम्मीदवार की जीत ने जिले में भाजपा और उसके सहयोगी दलों की स्थिति को मजबूत बनाए रखा था।

--आईएएनएस

एसएके/पीएम

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