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यूपी चुनाव 2027: गोंडा की सातों विधानसभा सीटों पर 2022 में खिला था कमल, सपा को मिली थी करारी हार

यूपी चुनाव 2027: गोंडा की सातों विधानसभा सीटों पर 2022 में खिला था कमल, सपा को मिली थी करारी हार
यूपी चुनाव 2027: गोंडा की सातों विधानसभा सीटों पर 2022 में खिला था कमल, सपा को मिली थी करारी हार

नई दिल्ली, 31 अक्टूबर (आईएएनएस)। उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2022 में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने गोंडा जिले की सभी सात विधानसभा सीटों पर जीत दर्ज कर शानदार प्रदर्शन किया था। जिले की मेहनौन, कटरा बाजार, कर्नलगंज, तरबगंज, मनकापुर, गोंडा सदर और गौरा विधानसभा सीटों पर भाजपा प्रत्याशियों ने अपने विरोधियों को शिकस्त देकर पार्टी का परचम लहराया था।

चुनाव में सबसे दिलचस्प मुकाबला गोंडा सदर सीट पर देखने को मिला, जहां भाजपा प्रत्याशी प्रतीक भूषण सिंह ने समाजवादी पार्टी (सपा) के सूरज सिंह को 6,699 वोटों के अंतर से हराया था। वहीं तरबगंज और मनकापुर जैसी सीटों पर भाजपा प्रत्याशियों ने बड़े अंतर से जीत हासिल की थी।

विधानसभा चुनाव में भाजपा ने जिले की सभी सात सीटों पर अपना कब्जा बरकरार रखा। खास बात यह रही कि कर्नलगंज विधानसभा सीट पर पार्टी ने मौजूदा विधायक अजय प्रताप सिंह का टिकट काटकर अजय सिंह को प्रत्याशी बनाया था। इसके बावजूद भाजपा ने यहां जीत दर्ज की।

कर्नलगंज विधानसभा सीट पर भाजपा प्रत्याशी अजय सिंह ने जीत हासिल की थी। उन्होंने समाजवादी पार्टी के प्रत्याशी योगेश प्रताप सिंह उर्फ योगेश भैया को 35,472 वोटों से हराया था। इस चुनाव में भाजपा प्रत्याशी को कुल 1,08,109 वोट मिले, जबकि सपा के योगेश प्रताप सिंह को 72,637 मत हासिल हुए थे। वहीं, बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के प्रत्याशी रंजीत को 7,764 वोट मिले। कांग्रेस प्रत्याशी त्रिलोकीनाथ तिवारी 3,756 वोट पाकर चौथे स्थान पर रहे।

कर्नलगंज सीट का चुनावी इतिहास भी काफी दिलचस्प रहा है। अजय प्रताप सिंह उर्फ लल्ला भैया ने पिछले सात विधानसभा चुनावों में पांच बार जीत दर्ज की है। उन्होंने अपने राजनीतिक सफर की शुरुआत निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में की थी। 1991 के विधानसभा चुनाव से पहले वह भाजपा में शामिल हो गए और पार्टी के टिकट पर चुनाव लड़कर जीत हासिल की थी। इसके बाद उन्होंने कांग्रेस के टिकट पर भी चुनाव लड़ा और जीत दर्ज की। इस सीट पर उनका राजनीतिक प्रभाव लंबे समय से बना रहा है।

गौरा विधानसभा सीट पर भाजपा प्रत्याशी प्रभात कुमार वर्मा ने जीत दर्ज की थी। उन्होंने समाजवादी पार्टी के संजय कुमार को लगभग 22,974 वोटों से हराया था। प्रभात कुमार वर्मा को कुल लगभग 73,545 वोट मिले जबकि सपा प्रत्याशी संजय कुमार को लगभग 50,571 मत प्राप्त हुए थी। इस सीट पर कांग्रेस प्रत्याशी राम प्रताप सिंह 31,589 वोट पाकर तीसरे स्थान पर रहे। वहीं, बसपा प्रत्याशी चौधरी रविंद्र प्रताप को 11,016 वोट मिले थे।

गौरा विधानसभा सीट पर चुनावी मुकाबला मुख्य रूप से भाजपा और सपा के बीच रहा। स्थानीय विकास, रोजगार, कानून-व्यवस्था, किसान समस्याएं और जातीय समीकरण चुनाव के प्रमुख मुद्दे रहे। इन मुद्दों के बीच प्रभात कुमार वर्मा ने मतदाताओं का समर्थन हासिल कर भाजपा की जीत सुनिश्चित की।

कटरा बाजार विधानसभा सीट पर भाजपा प्रत्याशी बावन सिंह ने लगातार तीसरी बार जीत दर्ज कर अपनी राजनीतिक पकड़ मजबूत साबित की थी। उन्होंने समाजवादी पार्टी के बैजनाथ दुबे को लगभग 18,457 वोटों से हराया था। बावन सिंह इससे पहले 2012 और 2017 के विधानसभा चुनावों में भी जीत हासिल कर चुके थे। 2022 में जीत दर्ज करने के साथ ही उन्होंने लगातार तीसरी बार इस सीट पर भाजपा का परचम लहराया। कटरा बाजार विधानसभा क्षेत्र में ब्राह्मण मतदाताओं की अच्छी संख्या है। इसके अलावा मुस्लिम, क्षत्रिय, अनुसूचित जाति और अन्य पिछड़ा वर्ग के मतदाता भी चुनावी समीकरण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

मनकापुर विधानसभा सीट पर भाजपा के वरिष्ठ नेता रमापति शास्त्री ने शानदार जीत दर्ज की थी। उन्होंने समाजवादी पार्टी के प्रत्याशी रमेश चंद्र गौतम को 42,349 वोटों के बड़े अंतर से हराया था। रमापति शास्त्री को कुल 1,05,677 वोट मिले जबकि सपा प्रत्याशी रमेश चंद्र गौतम को 63,328 मत प्राप्त हुए। बसपा प्रत्याशी श्याम नारायण को 6,579 वोट मिले। मनकापुर सीट पर भाजपा और सपा के बीच सीधा मुकाबला माना जा रहा था। चुनाव में विकास कार्य, रोजगार, किसानों की समस्याएं और कानून-व्यवस्था जैसे मुद्दे चर्चा में रहे। रमापति शास्त्री ने अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी को बड़े अंतर से हराकर एक बार फिर क्षेत्र में अपनी मजबूत राजनीतिक स्थिति का परिचय दिया था।

मेहनौन विधानसभा सीट पर भाजपा प्रत्याशी विनय कुमार ने समाजवादी पार्टी की उम्मीदवार नंदिता शुक्ला को 23,218 वोटों से हराकर जीत हासिल की थी। मेहनौन विधानसभा सीट वर्ष 2008 में हुए परिसीमन के बाद अस्तित्व में आई थी। इस सीट पर अब तक हुए विधानसभा चुनावों में राजनीतिक मुकाबला काफी दिलचस्प रहा है। वर्ष 2012 के चुनाव में समाजवादी पार्टी ने जीत हासिल की थी जबकि 2017 के विधानसभा चुनाव में भाजपा ने इस सीट पर कब्जा जमाया था। 2022 में भी विनय कुमार की जीत के साथ भाजपा ने अपना दबदबा कायम रखा।

तरबगंज विधानसभा सीट पर भाजपा प्रत्याशी प्रेम नारायण पांडेय ने शानदार प्रदर्शन करते हुए समाजवादी पार्टी के रामभजन चौबे को 53,690 वोटों से हराया। यह जिले की उन सीटों में शामिल रही, जहां भाजपा प्रत्याशी ने बड़े अंतर से जीत दर्ज की थी। प्रेम नारायण पांडेय को कुल 1,25,325 वोट मिले जबकि सपा प्रत्याशी राम भजन चौबे को 71,635 मत हासिल हुए। बसपा प्रत्याशी लालजी को 3,751 वोट मिले जबकि कांग्रेस प्रत्याशी त्वरिता सिंह को 2,684 मत प्राप्त हुए।

तरबगंज विधानसभा सीट पर भाजपा और सपा के बीच मुख्य मुकाबला रहा। चुनाव के दौरान स्थानीय विकास, किसान समस्याएं, रोजगार और कानून-व्यवस्था जैसे मुद्दे प्रमुखता से उठे। प्रेम नारायण पांडेय ने मतदाताओं का व्यापक समर्थन हासिल करते हुए बड़ी जीत दर्ज की। जिले की सातों सीटों पर भाजपा की जीत में तरबगंज का परिणाम भी महत्वपूर्ण रहा।

गोंडा सदर विधानसभा सीट पर भाजपा प्रत्याशी प्रतीक भूषण सिंह और समाजवादी पार्टी के सूरज सिंह के बीच कड़ा मुकाबला देखने को मिला था। इस सीट पर भाजपा प्रत्याशी ने 6,699 वोटों के अंतर से जीत दर्ज की। प्रतीक भूषण सिंह को कुल 96,528 वोट मिले जबकि सपा प्रत्याशी सूरज सिंह को 89,829 मत प्राप्त हुए। बसपा प्रत्याशी हम्मद जाकी 5,758 वोट पाकर तीसरे स्थान पर रहे। वहीं, कांग्रेस प्रत्याशी ताहिर बानो को 2,701 वोट मिले थे।

--आईएएनएस

एसएके/पीएम

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