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घरों में बिना जानकारी दिए अतिरिक्त लोड का उपयोग बन सकता है गर्मियों में बिजली कटौती की वजह: एक्सपर्ट्स

नई दिल्ली, 15 जून (आईएएनएस)। गर्मी बढ़ते ही कई इलाकों में अचानक बिजली जाने की शिकायतें बढ़ जाती हैं। ऐसे में सबसे पहले उंगली बिजली कंपनी पर उठती है, लेकिन बिजली विशेषज्ञों का मानना है कि कई बार इसकी असली वजह कुछ और जैसे घरों में बढ़ता हुआ और बिना जानकारी दिए इस्तेमाल किया जा रहा अतिरिक्त बिजली लोड भी हो सकता है।
घरों में बिना जानकारी दिए अतिरिक्त लोड का उपयोग बन सकता है गर्मियों में बिजली कटौती की वजह: एक्सपर्ट्स

नई दिल्ली, 15 जून (आईएएनएस)। गर्मी बढ़ते ही कई इलाकों में अचानक बिजली जाने की शिकायतें बढ़ जाती हैं। ऐसे में सबसे पहले उंगली बिजली कंपनी पर उठती है, लेकिन बिजली विशेषज्ञों का मानना है कि कई बार इसकी असली वजह कुछ और जैसे घरों में बढ़ता हुआ और बिना जानकारी दिए इस्तेमाल किया जा रहा अतिरिक्त बिजली लोड भी हो सकता है।

एक्सपर्ट्स के मुताबिक, बिजली वितरण व्यवस्था को एक तय क्षमता के अनुसार तैयार किया जाता है। भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए इसमें कुछ अतिरिक्त क्षमता भी रखी जाती है। लेकिन हर सिस्टम की एक सीमा होती है। जब किसी इलाके में बिजली की मांग स्वीकृत क्षमता से अधिक हो जाती है, तो स्थानीय बिजली नेटवर्क पर दबाव बढ़ जाता है। इसका परिणाम केबल खराब होने, फ्यूज उड़ने और बिजली आपूर्ति बाधित होने के रूप में सामने आता है।

गर्मियों में लगभग हर घर में एसी का इस्तेमाल बढ़ जाता है। इससे बिजली की मांग अचानक काफी बढ़ जाती है। समस्या तब पैदा होती है, जब लोग घर में नए एसी या अन्य भारी उपकरण तो लगा लेते हैं, लेकिन बिजली कंपनी को अपने बढ़े हुए लोड की जानकारी नहीं देते।

उदाहरण के लिए किसी घर को 5 किलोवाट बिजली इस्तेमाल करने की मंजूरी मिली है। समय के साथ उस घर में एक या दो एसी, गीजर, माइक्रोवेव और दूसरे भारी उपकरण जुड़ जाते हैं। ऐसे में वास्तविक खपत मंजूर सीमा से कहीं ज्यादा हो जाती है, क्योंकि बिजली कंपनी के रिकॉर्ड में लोड पहले जैसा ही दर्ज रहता है, स्थानीय ट्रांसफॉर्मर और नेटवर्क पर अचानक अतिरिक्त दबाव पड़ता है। नतीजतन फ्यूज उड़ सकते हैं, केबल खराब हो सकती हैं और पूरे इलाके की बिजली प्रभावित हो सकती है।

विशेषज्ञों के अनुसार, गर्मियों में फ्यूज उड़ने की शिकायतों में उल्लेखनीय बढ़ोतरी देखी जाती है। इसकी एक बड़ी वजह उपभोक्ता मीटर केबिन में लोड का असंतुलित वितरण है। बड़ी समस्या यह है कि अकसर नए एसी एक ही फेज पर जोड़ दिए जाते हैं, जबकि यह जांच नहीं की जाती कि तीनों फेजों पर लोड बराबर बंटा है या नहीं।

इससे किसी एक फेज पर जरूरत से ज्यादा दबाव पड़ता है। वायरिंग अधिक गर्म होने लगती है। फ्यूज उड़ने की संभावना बढ़ जाती है। बिजली आपूर्ति में रुकावट आ सकती है। उपकरणों की कार्यक्षमता और उम्र पर भी असर पड़ सकता है।

बिजली विशेषज्ञों की राय, "जब एसी जैसे भारी उपकरणों को तीनों फेजों में संतुलित तरीके से नहीं जोड़ा जाता, तो एक फेज पर जरूरत से ज्यादा दबाव पड़ जाता है। इससे फ्यूज उड़ सकते हैं, वायरिंग खराब हो सकती है और उपकरणों की उम्र भी कम हो सकती है। उपभोक्ताओं को अपने मीटर केबिन को घर की विद्युत व्यवस्था का 'दिल' समझना चाहिए। इसकी नियमित जांच और संतुलित कनेक्शन सुरक्षित एवं निर्बाध बिजली आपूर्ति के लिए बेहद जरूरी हैं।"

एक्सपर्ट्स ने सलाह देते हुए कहा कि सुरक्षित और भरोसेमंद बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए उपभोक्ताओं को चाहिए कि वे नया एसी या कोई भारी उपकरण लगाने से पहले लाइसेंस प्राप्त इलेक्ट्रीशियन की सलाह लें। तीनों फेजों में लोड का वितरण जांचें।

जरूरत पड़ने पर लोड को एक फेज से दूसरे फेज में स्थानांतरित कर संतुलन बनाए रखें। किसी एक फेज पर अत्यधिक लोड डालने से बचें। नए उपकरण लगाने के बाद मीटर केबिन की वायरिंग की जांच करवाएं।

अपने स्वीकृत लोड की तुलना वास्तविक खपत से करें। यदि बिजली की खपत बढ़ गई हो, तो मासिक बिजली बिल में दिए गए निर्देशों के अनुसार स्वीकृत लोड को अपडेट करवाएं।

--आईएएनएस

एबीएस

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