यूजीसी और एआईसीटीई के संग उच्च शिक्षा व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने का प्रयास
नई दिल्ली, 25 अगस्त (आईएएनएस)। केंद्रीय शिक्षा मंत्री प्रहलाद जोशी ने उच्च शिक्षा के क्षेत्र की प्राथमिकताओं को व नई रणनीति को लेकर विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) और अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद (एआईसीटीई) के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक की है। इस बैठक में उच्च शिक्षा व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने, शैक्षणिक संस्थानों को मजबूत करने और बदलती आवश्यकताओं के अनुरूप आगे की प्राथमिकताएं तय करने पर चर्चा की गई।
अधिकारियों के साथ उच्च शिक्षा के मौजूदा परिदृश्य और संस्थानों की क्षमता बढ़ाने के लिए जरूरी कदमों पर भी विचार-विमर्श हुआ। वहीं सरकार उच्च शिक्षा के संस्थानों में शिक्षा के साथ साथ खेल को भी समग्र विकास का हिस्सा बनाना चाहती है। इसके लिए केंद्रीय शिक्षा मंत्री ने दोनों संस्थानों के साथ उच्च स्तरीय संवाद किया है।
बैठक में ‘खेलो भारत’ अभियान पर भी विशेष चर्चा हुई। शैक्षणिक संस्थानों में खेलों को बढ़ावा देने, अधिक से अधिक विद्यार्थियों को खेल गतिविधियों से जोड़ने और युवाओं में खेल प्रतिभाओं को पहचानकर उन्हें आगे बढ़ाने पर जोर दिया गया। चर्चा में इस बात पर बल दिया गया कि शिक्षा के साथ खेलों को भी विद्यार्थियों के समग्र विकास का महत्वपूर्ण हिस्सा बनाया जाए। इसके लिए शैक्षणिक संस्थानों में खेल गतिविधियों में विद्यार्थियों की व्यापक भागीदारी सुनिश्चित करने और उभरती खेल प्रतिभाओं को बेहतर अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में प्रयास किए जाने की जरूरत है।
बैठक का उद्देश्य उच्च शिक्षा संस्थानों को मजबूत करने के साथ-साथ विद्यार्थियों के लिए शिक्षा और खेल दोनों क्षेत्रों में बेहतर अवसर और सुविधाएं विकसित करना रहा।
गौरतलब है इससे पहले केंद्रीय शिक्षा मंत्री प्रह्लाद जोशी ने स्कूल शिक्षा एवं साक्षरता विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ एक उच्चस्तरीय बैठक की थी। बैठक में केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड यानी सीबीएसई से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई।
शिक्षा मंत्री के मुताबिक, बैठक का मुख्य उद्देश्य सीबीएसई से संबंधित विषयों की समीक्षा करना था। इस दौरान बोर्ड की शैक्षणिक व्यवस्था, परीक्षाओं और प्रशासनिक प्रक्रियाओं को और मजबूत बनाने से जुड़े महत्वपूर्ण पहलुओं पर विचार-विमर्श किया गया। साथ ही, विद्यार्थियों और शिक्षकों को बेहतर सहायता उपलब्ध कराने के उपायों की भी समीक्षा की गई।
--आईएएनएस
जीसीबी/एसके

