उदय भानु चिब की कस्टडी पर कोर्ट ने फैसला रखा सुरक्षित, 12:30 बजे होगी सुनवाई
नई दिल्ली, 24 फरवरी (आईएएनएस)। भारतीय यूथ कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष उदय भानु चिब को मंगलवार को दिल्ली की एक अदालत में पेश किया गया। मामले की सुनवाई के बाद कोर्ट ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया और कहा कि दोपहर 12:30 बजे आदेश सुनाया जाएगा। इस दौरान अदालत परिसर में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे।
सुनवाई के दौरान दिल्ली पुलिस ने अदालत से उदय भानु चिब की सात दिनों की पुलिस कस्टडी की मांग की है। पुलिस की ओर से दलील दी गई कि चिब कथित साजिश में शामिल रहे हैं और उन्होंने प्रदर्शनकारियों को सहायता मुहैया कराई है।
दिल्ली पुलिस के अनुसार, देश के अलग-अलग हिस्सों से लोग इस प्रदर्शन में शामिल हुए थे, जिनसे जुड़े तथ्यों की जांच के लिए आरोपी को विभिन्न स्थानों पर ले जाना आवश्यक है। इसी आधार पर विस्तृत पूछताछ के लिए सात दिन की कस्टडी की मांग की गई।
दिल्ली पुलिस के वकील ने अदालत को बताया कि चिब प्रदर्शन से जुड़ी गतिविधियों की मॉनिटरिंग कर रहे थे। उनका कहना था कि जो लोग मंडपम में पहुंचे थे, वे चिब के निर्देश पर गए थे और लगातार उनके संपर्क में थे।
पुलिस के अनुसार, उस समय वहां बड़ी संख्या में विदेशी डेलीगेट मौजूद थे और इस घटनाक्रम से वैश्विक मंच पर भारत की छवि को नुकसान पहुंचाने की कोशिश की गई। पुलिस ने तर्क दिया कि इस मामले में राष्ट्रीय सुरक्षा, संप्रभुता और एकता जैसे गंभीर मुद्दे प्रभावित हुए हैं।
वहीं, चिब के वकील ने पुलिस कस्टडी की मांग का कड़ा विरोध किया। उन्होंने अदालत में कहा कि उनके मुवक्किल ने हमेशा जांच में सहयोग किया है। वकील ने गिरफ्तारी को अनावश्यक बताते हुए कहा कि केवल टी-शर्ट की बरामदगी के लिए पुलिस कस्टडी की मांग करना हास्यास्पद है।
उन्होंने यह भी कहा कि प्रदर्शनकारी निहत्थे थे और शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे थे। बचाव पक्ष के अनुसार, सात-आठ टी-शर्ट पहले ही बरामद की जा चुकी हैं और टी-शर्ट कहीं भी छप सकती हैं, ऐसे में पूरी फैक्ट्री की जांच का तर्क बेबुनियाद है।
बता दें कि दिल्ली पुलिस ने उदय भानु चिब को मंगलवार सुबह हिरासत में लिया था। इसके पहले उनसे पूछताछ की गई और उसके बाद औपचारिक रूप से गिरफ्तार कर लिया।
--आईएएनएस
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