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यूसीसी से लेकर राम मंदिर विवाद तक, अनीश गवांडे ने केंद्र सरकार पर साधा निशाना

यूसीसी से लेकर राम मंदिर विवाद तक, अनीश गवांडे ने केंद्र सरकार पर साधा निशाना
यूसीसी से लेकर राम मंदिर विवाद तक, अनीश गवांडे ने केंद्र सरकार पर साधा निशाना

नई दिल्ली, 28 जून (आईएएनएस)। एनसीपी (शरद पवार) नेता अनीश गवांडे ने समान नागरिक संहिता (यूसीसी), अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रस्तावित भारत दौरे, राम मंदिर ट्रस्ट से जुड़े विवाद, महाराष्ट्र टीईटी पेपर लीक समेत कई मुद्दों को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने विभिन्न मामलों में जवाबदेही और स्वतंत्र जांच की मांग भी उठाई।

ममता बनर्जी के नेतृत्व वाले टीएमसी गुट द्वारा पार्टी के नाम के कथित दुरुपयोग को लेकर बागी नेताओं के खिलाफ शिकायत दर्ज कराने के सवाल पर अनीश गवांडे ने कहा कि देश में लगातार राजनीतिक दलों को तोड़ने की राजनीति हो रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि पहले आम आदमी पार्टी, फिर तृणमूल कांग्रेस और उसके बाद शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) को तोड़ा गया। टीएमसी की ओर से दर्ज कराई गई शिकायत उचित है। ममता बनर्जी एक संघर्षशील नेता हैं, जो राजनीतिक लड़ाई सड़क पर उतरकर भी लड़ेंगी। उन्होंने दावा किया कि आगामी 'शहीद दिवस' कार्यक्रम में ममता बनर्जी के नेतृत्व वाले गुट की ताकत स्पष्ट दिखाई देगी।

पश्चिम बंगाल में समान नागरिक संहिता लागू करने की चर्चाओं पर गवांडे ने कहा कि यदि यूसीसी लागू करना है तो उसे पूरे देश में समान रूप से लागू किया जाना चाहिए। यदि अलग-अलग राज्यों में अलग-अलग प्रकार का यूसीसी होगा तो उसका उद्देश्य ही समाप्त हो जाएगा। इस विषय पर सभी राज्यों और हितधारकों के साथ व्यापक संवाद आवश्यक है। उनके अनुसार, केवल कानून बना देने से समस्या का समाधान नहीं होगा।

डोनाल्ड ट्रंप के संभावित भारत दौरे पर प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने कहा कि भारत 'अतिथि देवो भव:' की परंपरा का सम्मान करता है और ट्रंप का स्वागत करेगा। इस दौरे के दौरान प्रस्तावित भारत-अमेरिका ट्रेड डील को लेकर भी स्पष्टता आनी चाहिए। ऐतिहासिक व्यापार समझौते की बात कही गई थी, लेकिन अब तक उसके प्रमुख प्रावधान सार्वजनिक नहीं किए गए हैं। उन्होंने सोयाबीन, मक्का (कॉर्न) आयात और व्यापारिक संतुलन जैसे मुद्दों पर सरकार से पारदर्शिता की मांग की।

राम मंदिर ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी अनिल मिश्रा के इस्तीफे के मुद्दे पर अनीश गवांडे ने कहा कि कथित चढ़ावा, चंदा, चांदी और अन्य वित्तीय अनियमितताओं को लेकर लगातार आरोप सामने आ रहे हैं। यदि ट्रस्ट एक स्वतंत्र संस्था है, तो सरकार के दबाव में इस्तीफों की चर्चा क्यों हो रही है? ट्रस्ट के सदस्यों की नियुक्ति किस प्रक्रिया के तहत हुई और क्या नियुक्ति से पहले उनका समुचित परीक्षण किया गया था? इस पूरे मामले की स्वतंत्र जांच की जाए।

महाराष्ट्र टीईटी पेपर लीक मामले पर अनीश गवांडे ने कहा कि देश में लगातार प्रतियोगी परीक्षाओं के प्रश्नपत्र लीक होने की घटनाएं सामने आ रही हैं। पहले नीट और अब टीईटी परीक्षा को लेकर सवाल उठे हैं। जब तक जिम्मेदारी तय नहीं होगी और संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं होगी, तब तक पेपर लीक की घटनाएं नहीं रुकेंगी। उन्होंने केंद्रीय शिक्षा मंत्री और महाराष्ट्र के शिक्षा विभाग की जवाबदेही तय करने की मांग की।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा कृष्ण जन्मभूमि को लेकर अखिलेश यादव को दी गई चुनौती पर गवांडे ने कहा कि देश की राजनीति को हिंदू-मुस्लिम बहस तक सीमित नहीं रखा जाना चाहिए। किसी भी व्यक्ति को रामभक्त होने का प्रमाण देने की आवश्यकता नहीं है और भ्रष्टाचार जैसे मामलों में सवाल उठाना हर नागरिक का अधिकार है। विपक्ष का उद्देश्य धार्मिक बहस नहीं, बल्कि जनहित और जवाबदेही से जुड़े मुद्दे उठाना है।

अयोध्या और रामभक्तों से जुड़े राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप पर गवांडे ने कहा कि यह वास्तविक मुद्दों से ध्यान भटकाने की कोशिश है। उन्होंने आरोप लगाया कि लोगों का मुख्य सवाल यह है कि यदि ट्रस्ट सरकार की निगरानी में कार्य कर रहा था तो कथित वित्तीय अनियमितताओं की जिम्मेदारी किसकी है। पूरे मामले में स्वतंत्र जांच कराई जानी चाहिए ताकि यह स्पष्ट हो सके कि कथित रूप से हुए आर्थिक लेन-देन और वित्तीय अनियमितताओं के लिए कौन जिम्मेदार है।

अखिलेश यादव के 'नेशन फर्स्ट' से 'डोनेशन फर्स्ट' वाले बयान पर अनीश गवांडे ने कहा कि आज यही सबसे बड़ा सवाल है कि कथित रूप से जुटाए गए चंदे और धन का उपयोग आखिर कहां हुआ। विभिन्न राजनीतिक गतिविधियों में धन के इस्तेमाल को लेकर गंभीर सवाल उठ रहे हैं और इन सभी आरोपों की निष्पक्ष एवं स्वतंत्र जांच कराई जानी चाहिए।

--आईएएनएस

पीएसके/वीसी

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