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यूसीसी बिल अचानक उठाया गया कदम नहीं, एक लंबी वैचारिक प्रतिबद्धता का परिणाम है: गुजरात भाजपा प्रमुख

गांधीनगर, 25 मार्च (आईएएनएस)। उत्तराखंड के बाद गुजरात दूसरा राज्य बन गया है, जहां यूनिफॉर्म सिविल कोड (यूसीसी) बिल पास किया गया है। इस बिल के पास होने के बाद राज्य भाजपा अध्यक्ष जगदीश विश्वकर्मा ने बुधवार को कहा कि यह कदम अलग-अलग समुदायों के निजी मामलों के लिए एक समान कानूनी व्यवस्था बनाने की दिशा में अहम है।
यूसीसी बिल अचानक उठाया गया कदम नहीं, एक लंबी वैचारिक प्रतिबद्धता का परिणाम है: गुजरात भाजपा प्रमुख

गांधीनगर, 25 मार्च (आईएएनएस)। उत्तराखंड के बाद गुजरात दूसरा राज्य बन गया है, जहां यूनिफॉर्म सिविल कोड (यूसीसी) बिल पास किया गया है। इस बिल के पास होने के बाद राज्य भाजपा अध्यक्ष जगदीश विश्वकर्मा ने बुधवार को कहा कि यह कदम अलग-अलग समुदायों के निजी मामलों के लिए एक समान कानूनी व्यवस्था बनाने की दिशा में अहम है।

मंगलवार शाम को विधानसभा में बिल पास होने के बाद जारी बयान में उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के नेतृत्व में लाया गया यह कानून ‘एक राष्ट्र, एक कानून’ के सिद्धांत को मजबूत करता है।

उन्होंने बताया कि यूसीसी लागू होने से शादी, विरासत, उत्तराधिकार, गोद लेना, तलाक, संपत्ति के अधिकार और अभिभावकता जैसे मामलों में सभी समुदायों के लिए एक जैसे कानून लागू होंगे। अभी इन मामलों में धर्म, जाति और परंपराओं के आधार पर अलग-अलग नियम चलते हैं, जिससे कई बार असमानता पैदा होती है। यूसीसी के आने से इन अंतर को खत्म करने में मदद मिलेगी।

जगदीश विश्वकर्मा ने इस फैसले को खास तौर पर महिलाओं के लिए महत्वपूर्ण बताया। उनका कहना है कि एक समान कानून लागू होने से महिलाओं को ज्यादा अधिकार और सुरक्षा मिलेगी, जो अब तक अलग-अलग कानूनों के कारण प्रभावित होती रही हैं।

उन्होंने यह भी कहा कि यह फैसला अचानक नहीं लिया गया है, बल्कि लंबे समय से चली आ रही सोच और प्रयासों का नतीजा है। इसके पीछे वर्षों का संघर्ष, विचारधारा के प्रति प्रतिबद्धता और निरंतर प्रयास शामिल हैं।

सरकार का मानना है कि इस कानून से समाज में समानता और न्याय को बढ़ावा मिलेगा। वहीं, इस कदम को लेकर राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर चर्चा भी तेज हो गई है।

जगदीश विश्वकर्मा ने कहा, “अनुच्छेद 370 पहले ही समाप्त किया जा चुका है, अयोध्या में भव्य राम मंदिर बन चुका है, और आज गुजरात उत्तराखंड के बाद दूसरा ऐसा राज्य बन गया है, जिसने यूनिफॉर्म सिविल कोड लागू किया है।”

उन्होंने विपक्षी पार्टियों की आलोचना करते हुए आरोप लगाया कि उन्होंने राजनीतिक कारणों से यूसीसी का विरोध किया। उनका कहना था, “दशकों तक, विपक्ष ने सिर्फ़ वोट-बैंक और तुष्टीकरण की राजनीति के लिए यूसीसी का विरोध किया और देश को बांटकर रखने की कोशिश की।”

विश्वकर्मा ने आगे कहा, “जो लोग कहते थे कि राम मंदिर कभी नहीं बनेगा या अनुच्छेद 370 हटाने से खून की नदिया बह जाएंगी, वे अब पूरी तरह गलत साबित हो चुके हैं।”

यूसीसी के महत्व पर जोर देते हुए उन्होंने कहा, “यूनिफॉर्म सिविल कोड हर नागरिक को जाति, धर्म या संप्रदाय के आधार पर बिना किसी भेदभाव के समान अधिकार देता है। यह सामाजिक न्याय और समानता की दिशा में एक बड़ा कदम है।”

उन्होंने यह भी बताया कि इस बिल का पास होना पार्टी के शासन के प्रति स्पष्ट दृष्टिकोण को दर्शाता है। उनके अनुसार, “भाजपा ‘राष्ट्र प्रथम’ की भावना से काम करती है और ‘सबका साथ, सबका विकास और सबका न्याय’ में विश्वास रखती है। जनता से किए गए वादे पूरे किए गए हैं।”

विश्वकर्मा ने कहा कि राज्य सरकार ने संविधान के अनुच्छेद 44 के अनुसार काम किया और एक समान कानूनी व्यवस्था की नींव मजबूत की। उन्होंने आगे कहा, “जनसंघ के संकल्प, भाजपा की प्रतिबद्धता और केंद्र में नेतृत्व के साथ, भारत एक नई दिशा में आगे बढ़ रहा है।”

--आईएएनएस

एएस/

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