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जम्मू-कश्मीर के बारामूला में दो संदिग्ध आतंकी सहयोगी गिरफ्तार, फुटेज में जाने तुर्किये की पिस्टल और 2 IED बरामद

जम्मू-कश्मीर के बारामूला में दो संदिग्ध आतंकी सहयोगी गिरफ्तार, फुटेज में जाने तुर्किये की पिस्टल और 2 IED बरामद

जम्मू-कश्मीर के बारामूला जिले में सुरक्षाबलों ने कार्रवाई करते हुए दो संदिग्ध आतंकी सहयोगियों को गिरफ्तार किया है। उनके कब्जे से तुर्किये में बनी एक कनिक पिस्टल, 10 कारतूस वाली मैगजीन और दो इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस (IED) बरामद किए गए हैं। अधिकारियों के मुताबिक, दोनों संदिग्ध सोपोर के चिंकीपोरा इलाके के रहने वाले हैं और कथित तौर पर ओवरग्राउंड वर्कर (OGW) के रूप में काम कर रहे थे। उन पर आतंकियों तक हथियार और विस्फोटक पहुंचाने में मदद करने का शक है।

सुरक्षाबलों की कार्रवाई में दो संदिग्ध गिरफ्तार

बारामूला में सुरक्षाबलों की इस कार्रवाई को आतंकियों के सहयोगियों के नेटवर्क की जांच के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। अधिकारियों के अनुसार, गिरफ्तार किए गए दोनों संदिग्धों के पास से हथियार और विस्फोटक सामग्री बरामद हुई है।बरामद सामान में तुर्किये में निर्मित एक कनिक पिस्टल, 10 कारतूस वाली मैगजीन और दो IED शामिल हैं। सुरक्षाबल अब बरामदगी के स्रोत और संदिग्धों की गतिविधियों की जांच कर रहे हैं।प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, दोनों संदिग्ध सोपोर के चिंकीपोरा क्षेत्र के निवासी हैं। जांच एजेंसियां यह पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि उनके संपर्क किन लोगों से थे और वे कथित तौर पर किस तरह की गतिविधियों में शामिल थे।

आतंकियों तक हथियार पहुंचाने में मदद का शक

अधिकारियों को संदेह है कि दोनों आरोपी ओवरग्राउंड वर्कर के रूप में काम कर रहे थे। जम्मू-कश्मीर में ओवरग्राउंड वर्कर उन लोगों को कहा जाता है, जिन पर आतंकियों को रसद, ठिकाने, सूचना या अन्य प्रकार की सहायता उपलब्ध कराने का आरोप होता है।इस मामले में दोनों संदिग्धों पर आतंकियों तक हथियार और विस्फोटक पहुंचाने में मदद करने का शक है। हालांकि, उनकी भूमिका और कथित संपर्कों के बारे में अंतिम निष्कर्ष जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएगा।सुरक्षाबल यह भी पता लगाने में जुटे हैं कि बरामद हथियार और IED कहां से लाए गए थे तथा इनका इस्तेमाल किस उद्देश्य से किया जाना था।

60 दिनों में 18 संदिग्ध आतंकी सहयोगी गिरफ्तार

अधिकारियों के मुताबिक, पिछले 60 दिनों में इस तरह के मामलों में 18 संदिग्ध आतंकी सहयोगियों को गिरफ्तार किया गया है। लगातार हो रही इन कार्रवाइयों के जरिए सुरक्षाबल आतंकियों को कथित तौर पर मदद पहुंचाने वाले नेटवर्क की पहचान करने में जुटे हैं।जांच एजेंसियों की नजर हथियारों की आपूर्ति, विस्फोटकों की उपलब्धता और संदिग्धों के आपसी संपर्कों पर है। ऐसे मामलों में बरामद सामग्री की जांच के साथ-साथ आरोपियों से पूछताछ के जरिए अन्य संभावित कड़ियों का पता लगाने का प्रयास किया जाता है।

जांच जारी, नेटवर्क से जुड़े लोगों की तलाश

बारामूला में हुई इस गिरफ्तारी के बाद सुरक्षा एजेंसियां मामले के विभिन्न पहलुओं की जांच कर रही हैं। बरामद पिस्टल, मैगजीन और IED को जांच के लिए महत्वपूर्ण साक्ष्य माना जा रहा है।फिलहाल, दोनों संदिग्धों पर लगाए गए आरोपों की जांच जारी है। एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि क्या उनके जरिए किसी बड़े नेटवर्क तक पहुंचा जा सकता है। जांच के निष्कर्ष सामने आने के बाद ही मामले में उनकी कथित भूमिका और अन्य संभावित आरोपियों के बारे में स्पष्ट जानकारी मिल सकेगी।

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