कांडला के पास दो मर्चेंट जहाजों की टक्कर, कोस्ट गार्ड ने 21 लोगों को बचाया; रेस्क्यू ऑपरेशन जारी
गुजरात तट के पास समुद्र में बड़ा हादसा सामने आया है। कांडला के पास लंगरगाह OTB (ऑफशोर टर्मिनल बर्थ) क्षेत्र में दो मर्चेंट जहाजों की टक्कर हो गई। हादसे के बाद भारतीय तटरक्षक बल (Coast Guard) ने तुरंत राहत और बचाव अभियान शुरू किया और अब तक 21 लोगों को सुरक्षित रेस्क्यू कर लिया है।कोस्ट गार्ड के मुताबिक, हादसे में शामिल दोनों जहाजों के नाम MV KMAX EMPEROR और MV TRUE MARINER हैं। हालांकि, अभी यह जानकारी सामने नहीं आई है कि दोनों जहाज किस देश के थे।
दोनों जहाजों पर सवार थे 24 लोग
जानकारी के अनुसार, दोनों मर्चेंट जहाजों पर कुल 24 लोग सवार थे। रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान 21 लोगों को सुरक्षित निकाल लिया गया, जबकि 3 लोगों को जहाज के ऑपरेशन को संभालने के लिए MV KMAX EMPEROR पर ही रखा गया है।कोस्ट गार्ड की टीमें अभी भी समुद्र में राहत और बचाव अभियान चला रही हैं। हादसे के कारणों की जांच भी की जा रही है।
समुद्री हादसे के समय क्या करता है क्रू?
समुद्री जहाजों पर किसी भी आपात स्थिति के दौरान क्रू को विशेष सुरक्षा प्रक्रियाओं का पालन करना होता है। हादसे की स्थिति में सबसे पहले खतरे का अलार्म बजाया जाता है और सभी सदस्य अपनी तय जिम्मेदारियां संभालते हैं।
क्रू के लिए जरूरी कदम:
- लाइफ जैकेट पहनना: इसे सिर के ऊपर से पहनकर पट्टियों को अच्छी तरह कसना होता है।
- मदद के संकेत देना: लाइफ जैकेट में लगी सीटी और लाइट का इस्तेमाल बचाव दल को संकेत देने के लिए किया जाता है।
- इमरजेंसी किट का इस्तेमाल: ठंडे पानी में शरीर की गर्मी बनाए रखने के लिए थर्मल कंबल का इस्तेमाल किया जाता है।
- जरूरी सामान रखना: केवल आवश्यक दवाएं और सुरक्षा उपकरण साथ रखे जाते हैं।
कप्तान के आदेश के बाद छोड़ा जाता है जहाज
समुद्री सुरक्षा नियमों के अनुसार, आपात स्थिति में क्रू को तुरंत अपने निर्धारित स्थान पर पहुंचना होता है। जहाज छोड़ने का फैसला सामान्य तौर पर केवल कप्तान के अंतिम आदेश के बाद लिया जाता है।इस हादसे के बाद कोस्ट गार्ड की टीमें लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। अधिकारियों के अनुसार, रेस्क्यू ऑपरेशन पूरा होने के बाद ही टक्कर के वास्तविक कारणों और नुकसान की पूरी जानकारी सामने आ सकेगी।

