तुष्टिकरण की राजनीति के लिए राष्ट्रीय सम्मान से समझौता करने का दौर अब खत्म: सुवेंदु अधिकारी
कोलकाता, 26 अगस्त (आईएएनएस)। पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने बुधवार को कहा कि राज्य सरकार हर समुदाय की आस्था, अभिव्यक्ति और सांस्कृतिक रीति-रिवाजों की स्वतंत्रता की रक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
मुख्यमंत्री अधिकारी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में कहा कि मिलाद-उन-नबी के मौके पर पूरे राज्य में धार्मिक झंडे और हमारे देश की शान, भारतीय तिरंगे को पूरी आजादी और सम्मान के साथ ले जाया गया। साथ ही, हमारा प्रशासन सामाजिक सद्भाव बिगाड़ने या बाहरी राजनीतिक प्रचार के लिए पवित्र मौकों का गलत इस्तेमाल करने की किसी भी कोशिश के खिलाफ 'जीरो-टॉलरेंस' (सख्त) नीति अपनाता है।
उन्होंने कहा कि मैं इस्लामपुर जिला पुलिस की उस तेज और निर्णायक कार्रवाई की तारीफ करता हूं जिसके तहत उन्होंने गैर-कानूनी विदेशी झंडे जब्त किए, एफआईआर दर्ज कीं और इसमें शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई शुरू की। पूरे राज्य में सिर्फ दो झंडे जब्त किए गए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि धार्मिक आयोजन आस्था और भाईचारे के लिए होते हैं, न कि विदेशी भू-राजनीतिक एजेंडे या बांटने वाले प्रचार के लिए। पिछली सरकार तुष्टिकरण की राजनीति के कारण अक्सर ऐसी चीजों को होने देती थी।
उन्होंने कहा कि तुष्टिकरण की राजनीति के लिए कानून के शासन और राष्ट्रीय सम्मान से समझौता करने का दौर अब खत्म हो चुका है। भाजपा सरकार पूरे पश्चिम बंगाल में कानून का सख्ती से पालन सुनिश्चित करते हुए हर नागरिक के पूजा करने और शांतिपूर्ण ढंग से त्योहार मनाने के अधिकार की रक्षा करती रहेगी।
सीएम अधिकारी ने कहा कि मैं बंगाल पुलिस और कोलकाता पुलिस, जिला प्रशासन और जमीन पर काम करने वाले सभी कर्मचारियों की तारीफ करता हूं जिन्होंने भीड़ को अच्छी तरह संभाला और पूरे राज्य में जुलूसों को पूरी तरह शांतिपूर्ण और बिना किसी घटना के संपन्न कराया।
--आईएएनएस
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