Train Ticket Booking Rules: अगस्त से यात्रियों को मिलेगी नई सुविधा, अपग्रेडेड रिजर्वेशन सिस्टम करेगा कई समस्याओं का समाधान
भारतीय रेलवे अपने रिज़र्वेशन सिस्टम में एक बड़ा बदलाव करने जा रही है। अगस्त से, ट्रेन टिकट बुकिंग की प्रक्रिया धीरे-धीरे नए पैसेंजर रिज़र्वेशन सिस्टम (PRS) में बदल जाएगी, जो 1986 से चल रहे पुराने सिस्टम की जगह लेगा। इस बदलाव का मकसद बुकिंग प्रक्रिया को आसान बनाना, सिस्टम की क्षमता बढ़ाना और यात्रियों को बेहतरीन अनुभव देना है। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने रेल भवन में इस पहल की प्रगति की समीक्षा की और अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे यह सुनिश्चित करें कि बदलाव के दौरान यात्रियों को कोई परेशानी न हो।
**40 साल पुराने सिस्टम का आधुनिकीकरण**
मौजूदा पैसेंजर रिज़र्वेशन सिस्टम (PRS) 1986 में शुरू किया गया था और पिछले कुछ वर्षों में इसमें बहुत कम बदलाव हुए हैं। अब इसे अत्याधुनिक तकनीक का इस्तेमाल करके फिर से विकसित किया गया है, जिससे यह तेज़ी से और ज़्यादा टिकट बुकिंग संभाल सकता है। भारतीय रेलवे ने 2002 में ऑनलाइन टिकट बुकिंग शुरू की थी, और आज ज़्यादातर यात्री काउंटर पर जाने के बजाय ऑनलाइन बुकिंग करना पसंद करते हैं; अब लगभग 88% टिकट बुकिंग डिजिटल प्लेटफॉर्म के ज़रिए की जाती है।
**RailOne ऐप के ज़रिए कई सुविधाएँ**
यह बदलाव रेलवे की डिजिटल पहल का हिस्सा है। जुलाई 2025 में लॉन्च किए गए RailOne ऐप ने एक साल से भी कम समय में 35 मिलियन (3.5 करोड़) डाउनलोड का आंकड़ा पार कर लिया है। यह ऐप यात्रियों को टिकट बुक करने और रद्द करने, ट्रेन की स्थिति जांचने, प्लेटफॉर्म और कोच की जानकारी पाने और शिकायत दर्ज करने के लिए एक केंद्रीय प्लेटफॉर्म देता है। कुल मिलाकर, यह नया सिस्टम और ऐप यात्रियों के लिए रेलवे सेवाओं को ज़्यादा सुलभ और कुशल बना रहे हैं। रेलवे के अनुसार, ऐप के ज़रिए हर दिन लगभग 9.29 लाख टिकट बुक किए जाते हैं, जिनमें लगभग 7.2 लाख सामान्य टिकट और 2.09 लाख आरक्षित टिकट शामिल हैं।
**AI-आधारित टिकट कन्फर्मेशन की संभावना**
इस सिस्टम की एक खास विशेषता AI-आधारित वेटलिस्ट प्रेडिक्शन है, जिसे इस साल की शुरुआत में पेश किया गया था। यह सुविधा वेटलिस्ट टिकटों के कन्फर्म होने की संभावना दिखाती है। रेलवे के अनुसार, इसकी सटीकता 53% से बढ़कर 94% हो गई है, जिससे यात्रियों को अपनी यात्रा की योजना बेहतर ढंग से बनाने में मदद मिलती है। अगस्त में नए पैसेंजर रिज़र्वेशन सिस्टम के लॉन्च के बाद, रेलवे का लक्ष्य टिकट बुकिंग को तेज़, स्मार्ट और ज़्यादा भरोसेमंद बनाना है, जिससे देश भर के लाखों यात्रियों को ज़्यादा सुविधा मिल सके।

