मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे पर गैस टैंकर दुर्घटना के 33 घंटे बाद बहाल हुआ यातायात, ड्रोन वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल
मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे के मुंबई की ओर जाने वाले मार्ग पर यातायात बुधवार देर रात को फिर से बहाल हो गया। अधिकारियों ने जानकारी दी कि यह बहाली खंडाला घाट के पहाड़ी खंड में गैस टैंकर के पलटने के 33 घंटे बाद संभव हो पाई। इस घटना का ड्रोन वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें टैंकर की दुर्घटना और राहत कार्य का नजारा देखा जा सकता है।
महाराष्ट्र राज्य सड़क विकास निगम (एमएसआरडीसी) के एक अधिकारी ने बताया कि दुर्घटना स्थल पर अत्यधिक ज्वलनशील प्रोपलीन गैस ले जा रहे टैंकर को अदोशी सुरंग के पास से हटाया गया। इसके बाद ही मुंबई की ओर जाने वाले मार्ग पर यातायात देर रात एक बजकर 46 मिनट पर बहाल हो सका। अधिकारी ने कहा कि सुरक्षा के दृष्टिकोण से यह कार्य बेहद सावधानी और विशेषज्ञता के साथ किया गया।
घटना के समय एक्सप्रेसवे पर भारी जाम और सुरक्षा चिंताएं देखने को मिलीं। वाहन चालकों को वैकल्पिक मार्गों पर भेजा गया, जिससे कुछ समय के लिए मुंबई-पुणे यात्रा प्रभावित हुई। अब टैंकर हटाए जाने के बाद, एक्सप्रेसवे पूरी तरह से बहाल हो गया है और यातायात सामान्य रूप से चल रहा है।
ड्रोन वीडियो में दुर्घटना स्थल और राहत कार्य की स्थिति साफ दिखाई दे रही है। वीडियो में देखा जा सकता है कि टैंकर पलटा हुआ है और आसपास सुरक्षा कर्मी और अधिकारी इसे हटाने में लगे हैं। सोशल मीडिया पर यह वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है और यूजर्स इसे देखकर सुरक्षा और आपातकालीन प्रबंधन की तारीफ कर रहे हैं।
मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे भारत का पहला छह-लेन का प्रवेश नियंत्रित टोल एक्सप्रेसवे है, जो दोनों शहरों के बीच यात्रा को तेज और सुविधाजनक बनाता है। यह एक्सप्रेसवे भारी यातायात और पहाड़ी खंडों के कारण दुर्घटनाओं के प्रति संवेदनशील माना जाता है। इस घटना ने यह फिर से साबित कर दिया कि विशेष सुरक्षा उपायों और सतर्कता के बिना पहाड़ी मार्गों पर यात्रा जोखिमपूर्ण हो सकती है।
विशेषज्ञों का कहना है कि प्रोपलीन जैसी अत्यधिक ज्वलनशील गैस को परिवहन करते समय अतिरिक्त सुरक्षा और निगरानी की आवश्यकता होती है। दुर्घटना स्थल पर टीम ने विशेषज्ञों और स्थानीय अधिकारियों के साथ मिलकर अत्यंत सावधानीपूर्वक टैंकर को हटाया। इस मामले में एमएसआरडीसी और स्थानीय प्रशासन की तत्परता की काफी सराहना की जा रही है।
सोशल मीडिया यूजर्स ने राहत और प्रशंसा दोनों व्यक्त की हैं। कई लोग कमेंट्स में लिख रहे हैं कि “33 घंटे में इतनी जटिल स्थिति को नियंत्रित करना काबिले तारीफ है।” कुछ अन्य यूजर्स ने ड्रोन वीडियो साझा करते हुए कहा कि “यह सुरक्षा और तकनीक का बेहतरीन उदाहरण है।”
अंततः, मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे पर गैस टैंकर दुर्घटना और इसके बाद की राहत कार्य की यह घटना यह दर्शाती है कि सुरक्षा, सतर्कता और त्वरित कार्रवाई यात्रियों और परिवहन की सुरक्षा के लिए कितनी महत्वपूर्ण है। सोशल मीडिया पर वायरल ड्रोन वीडियो ने लोगों को वास्तविक स्थिति का अनुभव कराया और प्रशासन की तत्परता को उजागर किया।

