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टॉपवर्थ पाइप्स घोटाले में ईडी की बड़ी कार्रवाई, पुणे में 22.51 करोड़ रुपए की कृषि भूमि कुर्क

मुंबई, 28 मार्च (आईएएनएस)। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के मुंबई जोनल ऑफिस ने टॉपवर्थ पाइप्स एंड ट्यूब्स प्राइवेट लिमिटेड (टीपीटीपीएल) और उसके निदेशक अभय नरेंद्र लोढ़ा के खिलाफ बैंक धोखाधड़ी से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में बड़ी कार्रवाई की है। ईडी ने पुणे के खेड़ तालुका के सावरदारी गांव में स्थित 22.51 करोड़ रुपए कीमत वाली कृषि भूमि को अस्थायी रूप से कुर्क कर लिया है। यह संपत्ति अभय लोढ़ा के नाम पर दर्ज है।
टॉपवर्थ पाइप्स घोटाले में ईडी की बड़ी कार्रवाई, पुणे में 22.51 करोड़ रुपए की कृषि भूमि कुर्क

मुंबई, 28 मार्च (आईएएनएस)। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के मुंबई जोनल ऑफिस ने टॉपवर्थ पाइप्स एंड ट्यूब्स प्राइवेट लिमिटेड (टीपीटीपीएल) और उसके निदेशक अभय नरेंद्र लोढ़ा के खिलाफ बैंक धोखाधड़ी से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में बड़ी कार्रवाई की है। ईडी ने पुणे के खेड़ तालुका के सावरदारी गांव में स्थित 22.51 करोड़ रुपए कीमत वाली कृषि भूमि को अस्थायी रूप से कुर्क कर लिया है। यह संपत्ति अभय लोढ़ा के नाम पर दर्ज है।

ईडी ने इस मामले की जांच सीबीआई और बैंक सिक्योरिटीज एंड फ्रॉड सेल, मुंबई द्वारा दर्ज एफआईआर के आधार पर शुरू की थी। एफआईआर में भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) से 56.81 करोड़ रुपए की धोखाधड़ी का आरोप लगाया गया है। जांच में पता चला कि टीपीटीपीएल कंपनी ने धोखाधड़ी का सहारा लेकर भारतीय स्टेट बैंक से 11 लेटर ऑफ क्रेडिट (एलसी) के तहत 24 बिलों को डिस्काउंट करवाया। जब बैंकों ने इन बिलों का भुगतान मांगा तो एलसी जारी करने वाले बैंकों ने उन्हें अस्वीकार कर दिया। इस धोखाधड़ी से भारतीय स्टेट बैंक को 56.81 करोड़ रुपए का भारी नुकसान हुआ।

ईडी की जांच से यह भी सामने आया कि कंपनी ने माल की वास्तविक आपूर्ति किए बिना ही जाली इनवॉइस, नकली लॉरी रसीदें और मनगढ़ंत दस्तावेज तैयार कर एलसी डिस्काउंटिंग कराई। अधिकांश मामलों में माल की आपूर्ति बिल्कुल नहीं की गई या केवल आंशिक रूप से की गई, जबकि पूरी राशि हासिल कर ली गई। अभय नरेंद्र लोढ़ा, जो टॉपवर्थ ग्रुप के प्रमुख प्रमोटर और निर्णय लेने वाले व्यक्ति हैं, ने इन वित्तीय लेन-देनों को नियंत्रित किया। उन्होंने धोखाधड़ी से प्राप्त पैसे को मौजूदा कर्ज चुकाने और शेल कंपनियों के जरिए घुमाने में इस्तेमाल किया, ताकि अपराध से अर्जित संपत्ति को छिपाया जा सके।

इससे पहले ईडी ने इस मामले में 15.60 करोड़ रुपए की अन्य संपत्तियां भी अस्थायी रूप से जब्त की थीं और मुंबई की विशेष पीएमएलए अदालत में शिकायत दर्ज कराई थी। अब 26 मार्च 2026 को जारी नए जब्ती आदेश के तहत अभय लोढ़ा के नाम वाली यह कृषि भूमि कुर्क की गई है। अब तक ईडी ने अभय लोढ़ा और उनकी कंपनियों की कुल लगभग 38.11 करोड़ रुपए की संपत्ति जब्त कर ली है। यह जब्ती 56.81 करोड़ रुपए की अपराध से अर्जित राशि की वसूली की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

प्रवर्तन निदेशालय ने स्पष्ट किया कि आगे की जांच अभी जारी है। एजेंसी अन्य संपत्तियों और लेन-देन की भी गहन छानबीन कर रही है।

--आईएएनएस

एससीएच

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