टीएमसी पर बरसे राम कृपाल यादव, कहा- जनता में आक्रोश, खत्म होने वाली है ये पार्टी
पटना, 1 जून (आईएएनएस)। बिहार सरकार में मंत्री राम कृपाल यादव ने विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया पर उठ रहे सवालों का जवाब देते हुए कहा कि चुनाव आयोग पूरी पारदर्शिता और नियमों के तहत काम कर रहा है। उन्होंने टीएमसी, ममता बनर्जी, राहुल गांधी और पश्चिम बंगाल की राजनीति पर भी तीखा हमला बोला और कहा कि जनता का आक्रोश अब साफ दिखाई दे रहा है।
उन्होंने कहा कि एसआईआर की प्रक्रिया कराना चुनाव आयोग का दायित्व है और आयोग बारीकी से प्रक्रिया का पालन कर रहा है। एसआईआर के दौरान जो मतदाता सूची से छूट गए हैं, उन्हें जोड़ा जाएगा और जो बाहरी लोग शामिल हैं, उनके नाम हटाए जाएंगे।
आईएएनएस से बातचीत में राम कृपाल यादव ने राहुल गांधी द्वारा सीबीएसई पर लगाए गए आरोपों पर कहा कि राहुल गांधी हर चीज को राजनीतिक चश्मे से देखते हैं और अब सीबीएसई को लेकर गलत आरोप लगा रहे हैं। केंद्र सरकार और शिक्षा मंत्री का इस पर ध्यान है और भविष्य में कोई गड़बड़ी न हो, इसके लिए सरकार व्यवस्था करेगी।
पश्चिम बंगाल के कैबिनेट विस्तार पर उन्होंने कहा कि सुवेंदु अधिकारी पश्चिम बंगाल के भाजपा के पहले मुख्यमंत्री हैं और सरकार को सुचारू रूप से चलाने तथा विकास कार्यों के लिए सहयोगियों की आवश्यकता पड़ती है। इसी क्रम में लगभग 35 लोगों का शपथ ग्रहण होने वाला है।
ममता बनर्जी पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि ममता बनर्जी की साख अब घट गई है। टीएमसी के कार्यकर्ताओं, सांसदों और विधायकों समेत सभी लोगों को यह ख्याल है कि अगर वे टीएमसी में रहे तो उनका भविष्य खराब हो जाएगा। इसीलिए ममता बनर्जी की ओर से बुलाई गई बैठक में 80 विधायकों में से सिर्फ 20 ही पहुंचे। विधायकों की पार्टी नेतृत्व में आस्था खत्म हो गई है और टीएमसी अब खत्म होने वाली है।
कल्याण बनर्जी पर हुए हमले पर उन्होंने कहा कि टीएमसी नेताओं के कुकर्मों और भ्रष्टाचार की वजह से जनता का आक्रोश दिखाई दे रहा है। इसी कारण लोग अभिषेक बनर्जी और कल्याण बनर्जी के प्रति नाराजगी जता रहे हैं। हालांकि, मैं व्यक्तिगत तौर पर इस घटना का समर्थन नहीं करता हूं।
तेल और गैस के दामों में हुई बढ़ोतरी पर उन्होंने कहा कि खाड़ी क्षेत्र में युद्ध अभी भी चल रहा है। गैस बाहर से ही आती है और हम विदेशों पर निर्भर हैं। पहले भी युद्ध चल रहा था और अभी भी जारी है। सरकार चाहकर भी इस पर बहुत कुछ नहीं कर पा रही है।
उन्होंने कहा कि बिहार सरकार ने राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री को जर्दालु आम और शाही लीची उपहार के रूप में भेजी है। ये दोनों उत्पाद अब विदेशों में भी निर्यात किए जा रहे हैं।
--आईएएनएस
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