टीएमसी जनादेश से डरी, चुनाव आयोग ने लिखी नई मिसाल : भाजपा उम्मीदवार शंकर घोष
सिलीगुड़ी, 2 मई (आईएएनएस)। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 को लेकर सिलीगुड़ी विधानसभा क्षेत्र से भाजपा उम्मीदवार शंकर घोष ने तृणमूल कांग्रेस पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने चुनाव आयोग की भूमिका की सराहना करते हुए कहा कि इस बार चुनाव बेहद शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुआ है, जो पिछले कई वर्षों में देखने को नहीं मिला था।
भाजपा उम्मीदवार शंकर घोष ने आईएएनएस से बात करते हुए कहा, "टीएमसी ने चुनाव के दौरान और अब मतगणना के समय भी कई बार हाईकोर्ट व सुप्रीम कोर्ट का रुख किया है। वे अपने नियम-कायदे लागू करवाना चाहते थे, लेकिन चुनाव आयोग ने पूरी निष्पक्षता से मतदान और मतगणना की प्रक्रिया को सुचारू रूप से चलाया। यह पहली बार है जब पश्चिम बंगाल में बिना किसी हिंसा, खून-खराबे या आतंक के चुनाव हुए हैं। मैं चुनाव आयोग को धन्यवाद देता हूं।"
घोष ने आरोप लगाया कि तृणमूल कांग्रेस जनता के जनादेश से डर गई है। उन्हें पता है कि लोग उनकी पार्टी के खिलाफ हैं। इसलिए वे हार के बाद अपनी साख बचाने के लिए चुनाव आयोग पर आरोप लगाने और एक नया नैरेटिव गढ़ने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा, "वे पिछले वर्षों में वोटों में हेराफेरी, बूथ कैप्चरिंग और हिंसा जैसी तमाम चीजों का अभ्यास कर चुके हैं। लेकिन इस बार चुनाव आयोग ने लोगों के लोकतांत्रिक अधिकारों की पूरी रक्षा की। जब उन्हें वोटों में हेराफेरी का मौका नहीं मिला तो अब वे खुद दूसरों पर वोटों में गड़बड़ी का आरोप लगा रहे हैं। यह दिखाता है कि वे खुद इन कामों के माहिर रहे हैं।"
शंकर घोष ने एक और गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि टीएमसी कार्यकर्ता लोगों को वोट डालने से रोकने और धमकाने की कोशिश कर रहे थे। कुछ लोगों ने यहां तक कहा कि उनके धर्म की वजह से उन्हें वोट डालने की इजाजत नहीं दी जा रही थी।
उन्होंने कहा, "यह लोकतंत्र नहीं है। टीएमसी सरकार द्वारा स्थापित किया गया यह तंत्र अब नहीं चलेगा। फलता समेत कई इलाकों के लोग सत्ताधारी पार्टी के खिलाफ खड़े हो रहे हैं।"
री-पोलिंग को लेकर शंकर घोष ने बताया कि केवल कुछ ही बूथों पर दोबारा मतदान हो रहा है और प्रक्रिया सुचारू रूप से चल रही है। उन्होंने कहा, "यह अभूतपूर्व है कि किसी भी बड़े राजनीतिक दल की ओर से कोई गंभीर आरोप नहीं लगाया गया। इससे साफ है कि चुनाव आयोग ने बेहतरीन प्रबंधन किया है।"
--आईएएनएस
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