तिरंगा यात्रा पर रोक नहीं, लेकिन पहले परमिशन जरूरी: भाजपा प्रवक्ता आरपी सिंह
नई दिल्ली, 14 अक्टूबर (आईएएनएस)। भारतीय जनता पार्टी के प्रवक्ता आरपी सिंह ने तिरंगा यात्रा के नाम पर सियासी प्रदर्शन और जंतर-मंतर पर अड़े विपक्ष को कानून का आइना दिखाया।
उन्होंने दो टूक कहा कि तिरंगे पर किसी का पहरा नहीं है, लेकिन राजनीतिक बैनर तले कार्यक्रम के लिए सुप्रीम कोर्ट के आदेश के मुताबिक 10 दिन पहले इजाजत लेना लाजिमी है। आरपी सिंह ने 50 हजार के मुचलके वाले एफिडेविट से लेकर बोट क्लब से जंतर-मंतर और अब रामलीला मैदान तक धरना स्थल शिफ्ट होने के इतिहास, लुटियंस दिल्ली की संवेदनशीलता और पिछले धरने की आड़ में संसद पर बम फेंकने की साजिश तक का जिक्र कर विपक्ष को घेरा।
भाजपा प्रवक्ता आरपी सिंह ने कहा, "किसी को भी तिरंगा यात्रा निकालने से कोई रोक नहीं है, लेकिन अगर आप किसी राजनीतिक दल के नाम से या किसी संगठन के नाम से कोई भी कार्यक्रम करना चाहते हैं तो उसके लिए पहले अनुमति लेनी पड़ती है। यह सुप्रीम कोर्ट का आदेश है कि 10 दिन पहले अनुमति लेनी होगी, उसके अनुसार ही आपको कार्यक्रम करने दिया जाएगा। विपक्ष तिरंगे की आड़ में अपना विरोध प्रदर्शन आगे बढ़ाना चाहता है।"
उन्होंने कहा कि दरअसल उन्होंने देख लिया है कि उनके साथ लोग नहीं हैं, जनसमर्थन उनके साथ नहीं है। असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने एक पोस्ट किया, जिसमें बताया कि 30,000 से अधिक युवा वहां भारत माता की जय के नारे लगा रहे थे। कपिल मिश्रा ने एक पोस्ट डाला, जिसमें पूरा स्टेडियम, जेएनयू का पूरा जोन, भरा हुआ था और सभी जय श्री राम के नारे लगा रहे थे और यह भी कह रहे थे कि कॉकरोच पैरों के नीचे तो नहीं आ गए।
भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि कुछ न कुछ तो उन्हें करना ही है, जिन लोगों से उन्हें आदेश मिल रहे हैं, उन्हें कुछ न कुछ दिखाना है, जिन लोगों के लिए वह काम कर रहे हैं, उन्हें संतुष्ट करना है, इसलिए इस प्रकार की बातें कर रहे हैं। सीजेपी आम आदमी पार्टी की यूथ विंग है और अभिजीत दिपके तो पहले ही कह चुके हैं कि मैं आम आदमी पार्टी में था और अब भी मैं आप का समर्थक हूं और मैं भाजपा का विरोधी हूं।
उन्होंने कहा कि जाहिर है कि आम आदमी पार्टी के लोगों को इस बात पर आपत्ति होगी, परंतु हमें सीख देने की बजाय उन बच्चों को सीख दें जो कानून तोड़ते हैं। एसआईआर की बात संजय सिंह को शोभा नहीं देती, उनकी पत्नी का वोट दो जगह है, एक सुल्तानपुर में और दूसरा दिल्ली में, क्या वह दो जगह वोट डालेंगे? भविष्य में एक जगह से तो नाम कटेगा ही।
सौरव दास की गिरफ्तारी को लेकर आरपी सिंह ने कहा कि उन्होंने एक एफिडेविट दिया था, जिसमें उन्होंने कहा था कि 50,000 के मुचलके पर उन्हें छोड़ा गया था, जिसमें यह शर्त थी कि अगले एक साल तक वह कोई भी ऐसा कार्यक्रम नहीं करेंगे, जो कानून को तोड़ता हो। अब जंतर-मंतर को सरकार ने डेजिग्नेटेड प्लेस से हटाकर रामलीला मैदान को डेजिग्नेटेड प्लेस कर दिया है। अब उसके बावजूद अगर आप वहां जाएंगे तो सरकार को एक्शन लेना पड़ेगा, पुलिस को एक्शन लेना पड़ेगा।
उन्होंने कहा कि उनको इस बात पर भी प्रकाश डालना चाहिए था कि पहले सारे कार्यक्रम बोट क्लब पर होते थे। महेंद्र सिंह टिकैत का जो कार्यक्रम था, जो बोट क्लब पर किसान आंदोलन हुआ था, उसके बाद ही उसे बोट क्लब से हटाकर जंतर-मंतर किया गया था। तो वह करें तो ठीक और हम करें तो गलत, यह नहीं चल सकता, क्योंकि वह पूरा एरिया लुटियंस दिल्ली का एरिया है, उसमें पार्लियामेंट आता है, उसमें राष्ट्रपति भवन आता है, उसमें कई मंत्रियों के निवास आते हैं।
--आईएएनएस
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