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टीकाराम जूली ने बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष के बयानों पर कड़ा पलटवार किया

 राजस्थान विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ द्वारा हाल में दिए गए बयानों पर कड़ा प्रहार करते हुए पलटवार किया है. जूली ने राठौड़ के बयान को प्रदेश की जनता के साथ 'क्रूर मजाक' करार दिया है. जूली ने कहा कि बीजेपी नेता जिन 'ऐतिहासिक दौरों' का ढिंढोरा पीट रहे हैं, उनकी असलियत जनता जानती और समझती है. जूली ने ERCP से लेकर रिफाइनरी उद्घाटन के मुद्दे पर सरकार को घेरा.

राजस्थान विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने हाल ही में बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ द्वारा दिए गए बयानों पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। जूली ने राठौड़ के बयान को प्रदेश की जनता के साथ ‘क्रूर मजाक’ करार दिया और कहा कि भाजपा नेता जिन ‘ऐतिहासिक दौरों’ का ढिंढोरा पीट रहे हैं, उनकी असलियत जनता अच्छी तरह जानती और समझती है।

टीकाराम जूली ने कहा कि प्रदेश सरकार के कार्यों और परियोजनाओं को लेकर जनता में जो उम्मीदें हैं, उन्हें पूरा करना अब सरकार की जिम्मेदारी है। उन्होंने ERCP परियोजना और रिफाइनरी उद्घाटन के मुद्दों पर सरकार को घेरते हुए कहा कि बड़े दावों के बावजूद जनता को वास्तविक लाभ अब तक नहीं मिला।

जूली ने जोर देते हुए कहा कि विपक्ष का काम केवल आलोचना करना नहीं है, बल्कि जनता की आवाज को विधानसभा में उठाना है। उन्होंने राठौड़ के बयान को राजनीतिक शोहरत और प्रचार के लिए किया गया प्रयास बताया और कहा कि प्रदेश के लोग अब केवल बयानबाजी और ढिंढोरा पीटने से प्रभावित नहीं होते।

उन्होंने यह भी कहा कि सरकार और भाजपा दोनों को यह समझना होगा कि राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप और प्रचार के बीच जनता के हित और विकास की प्राथमिकता सर्वोपरि होनी चाहिए। टीकाराम जूली ने इस बात पर भी प्रकाश डाला कि विकास योजनाओं और परियोजनाओं की वास्तविक स्थिति जनता के सामने स्पष्ट होनी चाहिए, न कि केवल उद्घाटन समारोहों और प्रचार में दिखाई जाए।

विशेषज्ञों का मानना है कि टीकाराम जूली का यह पलटवार राजनीतिक संतुलन और विपक्ष की भूमिका को स्पष्ट करता है। उनका कहना है कि विधानसभा में विपक्ष की भूमिका केवल आलोचना तक सीमित नहीं, बल्कि सरकार की नीतियों और परियोजनाओं पर सवाल उठाना भी है।

वहीं, ERCP परियोजना और रिफाइनरी उद्घाटन के मुद्दों पर जूली ने कहा कि बड़े-बड़े उद्घाटन और योजनाओं की घोषणा के बावजूद स्थानीय लोगों तक लाभ नहीं पहुंचा, और यह सरकार की वास्तविक कार्यप्रणाली पर प्रश्नचिन्ह है। उन्होंने प्रशासन और सरकार से अपील की कि परियोजनाओं का लाभ और प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए।

टीकाराम जूली की यह प्रतिक्रिया प्रदेश की राजनीति में चर्चा का विषय बनी हुई है। राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि यह पलटवार बीजेपी और कांग्रेस के बीच तनावपूर्ण स्थिति को और बढ़ा सकता है, खासकर उन परियोजनाओं और उद्घाटन समारोहों को लेकर जिनमें जनता को वास्तविक लाभ नहीं मिला।

इस प्रकार, टीकाराम जूली का राठौड़ के बयानों पर कड़ा पलटवार राजनीतिक बहस और विधानसभा की जीवंतता को दर्शाता है। इसके साथ ही यह जनता और प्रशासन दोनों को परियोजनाओं के वास्तविक परिणाम और जनता के हित पर ध्यान देने का संदेश भी देता है।

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