पहाड़ों के 'आंसू' कहलाने वाली यह दुर्लभ चीज हजारों रुपये किलो बिकती है, जानिए क्या है और क्यों है इतनी खास?
हिमालय की गोद में एक ऐसा खज़ाना छिपा है जो पहाड़ों से रिसता है। पहाड़ों के ये "आँसू" काले, चिपचिपे और बहुत असरदार होते हैं। स्थानीय लोग इन्हें "पहाड़ों के आँसू" या "पहाड़ों का पसीना" कहते हैं। आयुर्वेद में इसे शिलाजीत के नाम से जाना जाता है। आजकल स्वास्थ्य के प्रति जागरूक लोगों, खासकर पुरुषों के बीच यह बहुत लोकप्रिय हो रहा है। शुद्ध शिलाजीत की कीमत हज़ारों रुपये तक हो सकती है, फिर भी इसकी मांग लगातार बढ़ रही है। आइए जानते हैं कि पहाड़ों के ये "आँसू" इतने खास क्यों हैं।
शिलाजीत क्या है?
शिलाजीत एक प्राकृतिक रेज़िन (गोंद जैसा पदार्थ) है जो हिमालय, अल्ताई पहाड़ों और अन्य ऊँचे पहाड़ी इलाकों की चट्टानों से रिसता है। यह हज़ारों सालों में जड़ी-बूटियों, खनिजों और जैविक पदार्थों के सड़ने-गलने से बनता है। गर्मियों में, जब पहाड़ों की बर्फ पिघलती है, तो यह चिपचिपा पदार्थ चट्टानों से रिसता हुआ दिखाई देता है। शिलाजीत में 85 से ज़्यादा खनिज, फुल्विक एसिड, ह्यूमिक एसिड और अन्य जैविक यौगिक होते हैं। आयुर्वेद में इसे "रसायन" माना जाता है – यानी एक ऐसा पदार्थ जो शरीर को युवा और स्वस्थ रखता है।
पुरुषों की सेहत के लिए रामबाण
आधुनिक जीवनशैली, तनाव और खराब खान-पान की आदतों के कारण, कई पुरुषों को स्टैमिना, ऊर्जा और परफॉर्मेंस से जुड़ी समस्याओं का सामना करना पड़ता है। माना जाता है कि शुद्ध शिलाजीत इन समस्याओं को दूर करने में फायदेमंद है:
टेस्टोस्टेरोन का स्तर बढ़ाता है
थकान और कमजोरी दूर करता है
ऊर्जा और स्टैमिना बढ़ाता है
उम्र बढ़ने के असर को कम करता है
जोड़ों के दर्द और हड्डियों की कमजोरी से राहत देता है
याददाश्त और सोचने-समझने की क्षमता में सुधार करता है
कई एथलीट और बॉडीबिल्डर भी इसे सप्लीमेंट के तौर पर इस्तेमाल करते हैं।
इसकी कीमत इतनी ज़्यादा क्यों है?
शुद्ध शिलाजीत हासिल करना एक मुश्किल काम है। इसे दूर-दराज के ऊँचे पहाड़ी इलाकों से इकट्ठा किया जाता है। शुद्धिकरण और प्रोसेसिंग के बाद इसकी मात्रा काफी कम हो जाती है। चूंकि बाज़ार में नकली शिलाजीत आम है, इसलिए असली प्रोडक्ट की कीमत ज़्यादा होती है। बाज़ार में शुद्ध शिलाजीत ₹2,000 से ₹8,000 (या उससे ज़्यादा) प्रति 10 ग्राम के हिसाब से बिकता है; अच्छी क्वालिटी वाला रेज़िन और भी महंगा होता है।
असली और नकली शिलाजीत में अंतर:
असली शिलाजीत ठंडे पानी में घुल जाता है लेकिन गर्म पानी में नहीं। आग के संपर्क में आने पर यह फूलता नहीं है। नकली शिलाजीत अक्सर कोयले के पाउडर या दूसरे मिश्रणों से बनाया जाता है।
असली शिलाजीत का स्वाद कड़वा होता है और यह चिपचिपा होता है।
खरीदते समय हमेशा लैब में टेस्ट किए गए और GMP-सर्टिफाइड प्रोडक्ट ही चुनें।
इसे कैसे इस्तेमाल करें?
सुबह खाली पेट आधे चम्मच शिलाजीत को गुनगुने पानी या दूध के साथ लें। इसे शहद के साथ भी लिया जा सकता है। इसका बहुत ज़्यादा सेवन न करें। डॉक्टर या आयुर्वेदिक एक्सपर्ट से सलाह ज़रूर लें।

