1 अक्टूबर से होने जा रहे हैं ये 9 बड़े बदलाव, रसोई बजट से लेकर बैंक खातों तक सीधा असर
हर महीने की शुरुआत के साथ देश में कई वित्तीय नियमों में बदलाव देखने को मिलता है। 1 अक्टूबर 2026 से भी बैंकिंग, टैक्स, डिजिटल पेमेंट, LPG और निवेश से जुड़े कई नियम लागू होने जा रहे हैं। इनका सीधा असर बैंक ग्राहकों, टैक्सपेयर्स, निवेशकों और आम उपभोक्ताओं पर पड़ सकता है।तो चलिए जानते हैं अक्टूबर महीने में लागू होने वाले इन बड़े वित्तीय बदलावों के बारे में।
1. RBI की MPC बैठक, 7 अक्टूबर को रेपो रेट पर फैसला
भारतीय रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति समिति यानी MPC की बैठक 5 से 7 अक्टूबर 2026 तक होगी। इसके बाद 7 अक्टूबर को रेपो रेट को लेकर फैसला सामने आएगा।
अगस्त 2026 की समीक्षा के बाद रेपो रेट 5.25 प्रतिशत पर बनी हुई है। अब अक्टूबर में होने वाले फैसले पर लोन लेने वाले ग्राहकों और FD में निवेश करने वालों की नजर रहेगी।
रेपो रेट में बदलाव होने पर इसका असर होम लोन और कार लोन जैसी EMI के साथ-साथ बैंक की FD ब्याज दरों पर भी पड़ सकता है।
2. SBI ग्राहकों के लिए ATM नियम में बदलाव
1 अक्टूबर 2026 से SBI के सैलरी अकाउंट वाले ग्राहकों के लिए दूसरे बैंकों के ATM और ADWM के इस्तेमाल से जुड़े नियम बदल रहे हैं।
नए नियम के मुताबिक, ऐसे ग्राहक दूसरे बैंकों के ATM से एक महीने में कुल 5 मुफ्त ट्रांजैक्शन कर सकेंगे। इसमें फाइनेंशियल और नॉन-फाइनेंशियल दोनों तरह के ट्रांजैक्शन शामिल होंगे। पहले यह सीमा 10 ट्रांजैक्शन थी।वहीं, BSBD यानी बेसिक सेविंग्स बैंक डिपॉजिट अकाउंट में महीने के 4 कैश विड्रॉल मुफ्त रहेंगे। इसके बाद हर ट्रांजैक्शन पर ₹15 और GST का शुल्क लगेगा।
3. टैक्सपेयर्स के लिए ITR की तारीख बढ़ी
टैक्स ऑडिट के दायरे में आने वाले करदाताओं के लिए तारीखों में बदलाव किया गया है।
टैक्स ऑडिट रिपोर्ट जमा करने की अंतिम तारीख 30 सितंबर से बढ़ाकर 21 अक्टूबर 2026 कर दी गई है।
वहीं, टैक्स ऑडिट वाले कारोबारियों और प्रोफेशनल्स के लिए ITR फाइल करने की अंतिम तारीख 31 अक्टूबर से बढ़ाकर 21 नवंबर 2026 कर दी गई है।
4. ₹2,000 से ज्यादा के चुनिंदा UPI मर्चेंट पेमेंट पर नया MDR ढांचा
15 अक्टूबर 2026 से ₹2,000 से अधिक के कुछ चुनिंदा मर्चेंट UPI ट्रांजैक्शन के लिए नया MDR यानी Merchant Discount Rate फ्रेमवर्क लागू किया जा रहा है।
यह चार्ज मुख्य रूप से मर्चेंट पेमेंट इकोसिस्टम और बैंकों के बीच का मामला होगा। सामान्य ग्राहकों को UPI से भुगतान करने पर कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं देना होगा।
व्यक्ति से व्यक्ति यानी P2P ट्रांसफर और ₹2,000 तक की खरीदारी पहले की तरह मुफ्त रहेगी।
5. LPG सब्सिडी के लिए आधार बायोमेट्रिक जरूरी
सरकारी सब्सिडी का फायदा लेने वाले घरेलू LPG ग्राहकों के लिए आधार बायोमेट्रिक ऑथेंटिकेशन महत्वपूर्ण हो जाएगा।
रेगुलेटेड रिटेल सेलिंग प्राइस और सरकारी सब्सिडी वाले सिलेंडर का लाभ लेने के लिए बायोमेट्रिक आधार ऑथेंटिकेशन पूरा करना जरूरी होगा।
अगर किसी ग्राहक की बायोमेट्रिक प्रक्रिया पूरी नहीं हुई है, तो उसे LPG सिलेंडर मिलेगा, लेकिन उसे बिना सब्सिडी वाला मार्केट प्राइस चुकाना पड़ सकता है।
6. बल्क डिपॉजिट की ब्याज दरों को लेकर नया नियम
1 अक्टूबर से बैंकों के लिए बल्क डिपॉजिट की ब्याज दरों को सार्वजनिक करने से जुड़ा नया नियम लागू होगा।
सभी बैंक, जिसमें Regional Rural Banks यानी RRBs भी शामिल हैं, अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर तय प्रक्रिया के अनुसार बल्क डिपॉजिट की ब्याज दरें साझा करेंगे।
बैंकों को हर वर्किंग डे सुबह 10 बजे तक, अधिकतम 10:10 बजे के ग्रेस टाइम के साथ, अपनी बल्क डिपॉजिट दरें सार्वजनिक करनी होंगी। इसका उद्देश्य ब्याज दरों में ज्यादा पारदर्शिता लाना है।
7. NRI से प्रॉपर्टी खरीदने पर TAN की जरूरत नहीं
1 अक्टूबर 2026 से NRI से प्रॉपर्टी खरीदने वाले भारतीय निवासी और HUF के लिए TDS से जुड़ी प्रक्रिया आसान की जा रही है।
अब NRI से अचल संपत्ति खरीदते समय TDS काटने के लिए अलग से TAN यानी Tax Deduction Account Number लेने की जरूरत नहीं होगी।
खरीदार अपने PAN के जरिए निर्धारित TDS कटौती, जमा और रिपोर्टिंग की प्रक्रिया पूरी कर सकेंगे।
ध्यान रहे, TDS काटने का नियम खत्म नहीं हुआ है, बल्कि सिर्फ इसकी प्रक्रिया को आसान किया गया है।
8. NPS के PoP चार्ज में बदलाव
पेंशन फंड नियामक PFRDA ने NPS और NPS Lite के तहत Points of Presence यानी PoP के शुल्क ढांचे में बदलाव किया है।
PoP के जरिए NPS में रजिस्ट्रेशन कराने वाले नए सब्सक्राइबर के लिए ₹200 का एकमुश्त ऑनबोर्डिंग चार्ज निर्धारित किया गया है।
यह शुल्क पेंशन खाते से सामान्य तरीके से बार-बार काटे जाने वाला चार्ज नहीं होगा, बल्कि तय दिशा-निर्देशों के तहत लिया जाएगा।
9. छोटी बचत योजनाओं की ब्याज दरों पर नजर
अक्टूबर से दिसंबर 2026 की तिमाही के लिए सरकार छोटी बचत योजनाओं की ब्याज दरों की समीक्षा करेगी।
इसमें PPF, NSC, SCSS, सुकन्या समृद्धि योजना, किसान विकास पत्र और पोस्ट ऑफिस FD जैसी योजनाएं शामिल हैं।
जुलाई-सितंबर तिमाही में इनकी दरों में बदलाव नहीं किया गया था। अब अक्टूबर-दिसंबर तिमाही के लिए नई दरों की घोषणा का इंतजार है।यानी 1 अक्टूबर से बैंकिंग, टैक्स, डिजिटल पेमेंट, LPG और सेविंग्स से जुड़े कई बदलावों पर लोगों की नजर रहेगी। अगर आप बैंक ग्राहक, टैक्सपेयर, निवेशक या LPG उपभोक्ता हैं, तो इन नियमों की जानकारी रखना आपके लिए जरूरी हो सकता है।

