शरीर पर नहीं था एक भी कपड़ा और...प्रतापगढ़ में महिला नर्सिंग कर्मी की मौत से मचा बवाल
उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ में नर्सिंगकर्मी की मौत का मामला गहरा गया है। परिजनों ने सामूहिक दुष्कर्म के बाद हत्या का आरोप लगाते हुए हंगामा किया, वहीं मौके पर पहुंचे सीओ पर लोगों ने पथराव किया। इस घटना में सीओ का सिर फट गया है। फिलहाल पुलिस ने नर्सिंगकर्मी की मां की शिकायत पर अस्पताल संचालक समेत छह लोगों के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है। मामला प्रतापगढ़ के रानीगंज थाना क्षेत्र के दुर्गागंज बाजार का है।
पुलिस के अनुसार, दुर्गागंज बाजार स्थित एक निजी अस्पताल में कार्यरत नर्सिंग स्टाफ की गुरुवार देर शाम संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। आरोप है कि अस्पताल स्टाफ ने देर रात नर्सिंग स्टाफ का शव एंबुलेंस में लाकर घर के बाहर रख दिया और भागने लगे। हालांकि, परिवार के सदस्यों ने उसे पकड़ लिया। इस घटना को लेकर शुक्रवार सुबह जमकर हंगामा हुआ। परिजनों का आरोप है कि जब नर्सिंगकर्मी का शव एंबुलेंस से उतारा गया तो उसके शरीर पर अंडरगारमेंट्स नहीं थे।
अनुसूचित जाति की एक नर्सिंगकर्मी की मां ने आरोप लगाया कि उसकी बेटी के साथ अस्पताल में सामूहिक बलात्कार किया गया। यह आरोप लगाकर परिजनों ने अस्पताल के सामने शव रखकर हंगामा शुरू कर दिया। सूचना मिलते ही सीओ के नेतृत्व में पुलिस मौके पर पहुंच गई। सीओ अभी परिजनों से बात कर ही रहे थे कि लोगों ने पुलिस पर पथराव शुरू कर दिया। इस दौरान एक पत्थर सीओ के सिर पर लगा और उनका सिर फट गया। इस घटना में कुल 13 लोग घायल हो गये।
नर्सिंगकर्मी की मां ने बताया कि उनकी बेटी चार साल से यहां मल्टीस्पेशलिटी अस्पताल में काम कर रही थी। गुरुवार शाम करीब छह बजे बेटी ड्यूटी पर आ गई, लेकिन रात करीब आठ बजे उसे अस्पताल से फोन आया और अस्पताल पहुंचने को कहा गया। इसके बाद जब वह अस्पताल पहुंची तो उसे गेट पर ही रोक दिया गया और कुछ देर बाद बताया गया कि उसकी बेटी की मौत हो गई है। इसके बाद अस्पताल स्टाफ बेटी के शव को एंबुलेंस से उसके घर ले गया।
पीड़िता की मां के अनुसार, जब एंबुलेंस कर्मचारी शव लेकर भागने लगे तो उनका शक और गहरा गया और उन्होंने शोर मचाया तथा परिवार के सदस्यों ने तीनों कर्मचारियों को पकड़ लिया। पीड़िता की मां ने बताया कि जब उसने अपनी बेटी का शव देखा तो पता चला कि उसके शरीर पर कोई अंडरगारमेंट्स नहीं थे। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और तीनों कर्मचारियों को हिरासत में ले लिया। परिजनों के अनुसार पूरी रात बीत जाने के बाद भी पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की तो परिजन शुक्रवार सुबह शव को चारपाई पर रखकर अस्पताल पहुंच गए। यहां परिजनों की पुलिस से कई बार झड़प हुई। अंत में परिजनों ने शव को अस्पताल के बाहर रखकर प्रदर्शन शुरू कर दिया।
आरोप है कि इस दौरान पुलिस ने लाठीचार्ज भी किया। इससे मौके पर अफरा-तफरी मच गई। पूरा बाजार आनन-फानन में बंद कर दिया गया। बताया जा रहा है कि प्रदर्शन कर रहे परिजनों के साथ कुछ बाहरी लोग भी थे। इन बाहरी लोगों ने पुलिस पर पथराव किया, जिसके बाद पुलिस ने भी लाठीचार्ज किया। पुलिस के अनुसार सीसीटीवी फुटेज के जरिए पथराव करने वालों की पहचान करने की कोशिश की जा रही है।