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राहुल गांधी बोले- लोकतंत्र खत्म करने वालों से डरने की जरूरत नहीं, वीडियो में छात्रों से कहा- सवाल पूछना आपकी जिम्मेदारी

राहुल गांधी बोले- लोकतंत्र खत्म करने वालों से डरने की जरूरत नहीं, वीडियो में छात्रों से कहा- सवाल पूछना आपकी जिम्मेदारी

कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने चेन्नई में आयोजित ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम में युवाओं और विद्यार्थियों से लोकतंत्र की रक्षा के लिए निडर होकर सवाल पूछने की अपील की। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र को कमजोर करने वालों से डरने की जरूरत नहीं है। सवाल पूछना हर विद्यार्थी की जिम्मेदारी है और युवाओं को अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहना चाहिए।

चेन्नई के आइलैंड ग्राउंड्स में आयोजित करीब 30 मिनट के इस कार्यक्रम में राहुल गांधी ने शिक्षा, भाषा, संस्कृति और लोकतांत्रिक अधिकारों से जुड़े मुद्दे उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार तमिलनाडु पर हिंदी थोपने की कोशिश कर रही है और तमिल संस्कृति, भाषा तथा इतिहास पर हमला किया जा रहा है। राहुल ने यह भी आरोप लगाया कि लोगों का वोट चोरी किया जा रहा है।

‘युवाओं को डरने की जरूरत नहीं’

राहुल गांधी ने अपने संबोधन में कहा कि देश के लोगों को लोकतंत्र की रक्षा के लिए आगे आना चाहिए। उन्होंने कहा कि वह केवल दिल्ली ही नहीं, बल्कि पूरे देश के लोगों से कहना चाहते हैं कि उन्हें डरने की जरूरत नहीं है।राहुल ने दावा किया कि देश का मूड जनता समझ चुकी है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र को खत्म करने की कोशिश करने वालों को जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए। उनके मुताबिक, दुनिया की कोई भी ताकत लोकतंत्र को नुकसान पहुंचाने वालों को सजा मिलने से नहीं रोक सकती।

पीएम मोदी पर भी साधा निशाना

कार्यक्रम के दौरान राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर भी निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री समझौते के दबाव में काम कर रहे हैं। राहुल ने कहा कि यह दबाव आर्थिक ताकतों या अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों के कारण हो सकता है और उनके अनुसार कुछ ताकतें प्रधानमंत्री को नियंत्रित कर रही हैं।राहुल गांधी ने दावा किया कि प्रधानमंत्री अपने राजनीतिक अस्तित्व के लिए संघर्ष कर रहे हैं। ये राहुल गांधी के राजनीतिक आरोप हैं। कार्यक्रम में उन्होंने अपने विचार रखते हुए केंद्र सरकार की नीतियों और उसके कामकाज पर सवाल उठाए।

तमिल भाषा और संस्कृति का मुद्दा उठाया

राहुल गांधी ने तमिलनाडु में भाषा और सांस्कृतिक पहचान से जुड़े मुद्दों को भी संबोधन का हिस्सा बनाया। उन्होंने कहा कि तमिल भाषा, संस्कृति और इतिहास का सम्मान किया जाना चाहिए। हिंदी थोपे जाने के आरोप के जरिए उन्होंने केंद्र और तमिलनाडु के बीच भाषा संबंधी विवाद को फिर से उठाया।तमिलनाडु में भाषा का मुद्दा लंबे समय से राजनीतिक और सामाजिक बहस का हिस्सा रहा है। ऐसे में राहुल गांधी का यह बयान राज्य में भाषा, शिक्षा और सांस्कृतिक पहचान को लेकर चल रही चर्चा के बीच आया है।

कई शहरों में छात्रों से संवाद कर चुके हैं राहुल

‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम के तहत राहुल गांधी इससे पहले कोटा, देहरादून, प्रयागराज, पुणे और इंदौर में युवाओं तथा विद्यार्थियों से संवाद कर चुके हैं। चेन्नई में आयोजित कार्यक्रम इस श्रृंखला का दक्षिण भारत में पहला कार्यक्रम बताया गया।इन संवाद कार्यक्रमों के जरिए राहुल गांधी युवाओं के बीच शि, रोजगार, लोकतंत्र और सामाजिक मुद्दों पर अपनी बात रख रहे हैं। चेन्नई में उन्होंने छात्रों को सवाल पूछने, अपनी राय रखने और लोकतांत्रिक अधिकारों के प्रति सजग रहने का संदेश दिया।राहुल गांधी के इस संबोधन में केंद्र सरकार की नीतियों, तमिल भाषा और संस्कृति तथा लोकतंत्र से जुड़े मुद्दे प्रमुख रहे। उनके बयानों पर राजनीतिक प्रतिक्रिया सामने आने की संभावना है, जबकि कार्यक्रम का मुख्य संदेश युवाओं को निडर होकर अपनी बात रखने और सवाल पूछने के लिए प्रेरित करना रहा।

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