देश की टेक्नोलॉजी राजधानी कही जाने वाली बेंगलुरु से एक बेहद चौंकाने वाली और परेशान कर देने वाली घटना सामने आई है। सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर नेहा बिस्वाल ने सोशल मीडिया के जरिए अपने साथ हुई छेड़छाड़ की घटना का खुलासा किया है। यह घटना शहर के बीटीएम लेआउट इलाके में तब हुई जब नेहा सड़कों पर चलते हुए अपना व्लॉग रिकॉर्ड कर रही थीं। लेकिन सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि इस शर्मनाक हरकत को अंजाम देने वाला सिर्फ 10 साल का एक लड़का था।
घटना का पूरा विवरण
6 नवंबर को @karnatakaportf नाम के एक एक्स (पूर्व में ट्विटर) अकाउंट से एक वीडियो पोस्ट किया गया जिसमें बताया गया कि यह घटना उस वक्त घटी जब इंस्टाग्राम इन्फ्लुएंसर @nehabiswal120 उर्फ नेहा बिस्वाल अपना वीडियो ब्लॉग बना रही थीं। वह अपने किसी काम से घर लौट रही थीं और बीटीएम लेआउट की सड़क पर चलते हुए कैमरे पर खुद को रिकॉर्ड कर रही थीं।
नेहा ने इस घटना को लेकर इंस्टाग्राम पर एक वीडियो पोस्ट किया और कहा कि, “यह अनुभव मेरी ज़िंदगी के सबसे डरावने लम्हों में से एक था। ऐसा डर मैंने पहले कभी महसूस नहीं किया था। एक लड़का, जो साइकिल चला रहा था, अचानक यू-टर्न लेकर मेरी ओर आया और मेरी नकल उतारने लगा। फिर उसने बदतमीजी की।”
घटना कैमरे में हुई कैद
नेहा के मुताबिक, पूरा मामला उनके कैमरे में रिकॉर्ड हो गया, जो उस समय व्लॉगिंग के लिए ऑन था। यह वीडियो आज सोशल मीडिया पर वायरल हो चुका है। वीडियो में देखा जा सकता है कि एक लड़का साइकिल से नेहा की ओर आता है, उन्हें परेशान करता है और फिर वहां से भागने की कोशिश करता है।
गनीमत यह रही कि आसपास मौजूद लोगों ने उस लड़के को भागते वक्त पकड़ लिया और पुलिस को सूचित किया गया। पुलिस जब मौके पर पहुंची, तब खुलासा हुआ कि लड़का केवल 10 साल का है। इस पर वहां मौजूद कुछ लोग नेहा से उस लड़के को माफ कर देने की अपील करने लगे, यह कहते हुए कि “बच्चा है, गलती हो गई।”
नेहा ने माफ नहीं किया, कहा – उम्र कोई बहाना नहीं
नेहा ने साफ तौर पर कहा कि उम्र किसी के गलत व्यवहार का बचाव नहीं हो सकती। उन्होंने वीडियो दिखाकर वहां मौजूद लोगों को बताया कि बच्चा होने के बावजूद उसने जो हरकत की, वह गलत थी और माफ करने लायक नहीं। नेहा ने उस लड़के को थप्पड़ भी मारा और कुछ लोगों ने उनका समर्थन करते हुए लड़के को भी डांटा और पीटा। लेकिन नेहा का कहना था कि इसके बावजूद वह खुद को वहां सुरक्षित महसूस नहीं कर पा रही थीं।
उनका दर्द और डर उनके चेहरे पर साफ नजर आ रहा था। उन्होंने वीडियो में कहा, “अगर आज मैं कैमरे से रिकॉर्डिंग न कर रही होती, तो शायद मेरी बात पर कोई भरोसा भी न करता। लोग कहते कि बच्चा है, नादानी में किया होगा, लेकिन सच यही है कि जो हुआ, वो बेहद डरावना था।”
सवाल कई, जवाब कम
यह घटना कई गंभीर सवाल खड़े करती है –
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क्या महज 10 साल की उम्र में किसी बच्चे में ऐसी मानसिकता विकसित हो जाती है?
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क्या यह सोशल मीडिया, पोर्न या आसपास के माहौल का असर है?
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बच्चों में बढ़ते अपराधों को लेकर समाज और सिस्टम की क्या जिम्मेदारी है?
नेहा बिस्वाल का दर्द उन हज़ारों महिलाओं की आवाज़ बन गया है, जो रोज़मर्रा की जिंदगी में सड़कों पर ऐसे डर और असुरक्षा से जूझती हैं, लेकिन सबूत न होने की वजह से चुप रह जाती हैं।
सोशल मीडिया पर मिला समर्थन
नेहा के वीडियो के वायरल होने के बाद देशभर से लोग उनके समर्थन में सामने आए हैं। ट्विटर, इंस्टाग्राम और यूट्यूब जैसे प्लेटफॉर्म्स पर यूज़र्स ने इस घटना की निंदा करते हुए कहा कि किसी की उम्र, चाहे वह 10 साल हो या 50 साल, किसी को भी किसी महिला के साथ अभद्रता करने का हक नहीं देता।
क्या कहना है पुलिस का?
पुलिस ने पुष्टि की है कि आरोपी बच्चा है और उसके खिलाफ जुवेनाइल जस्टिस एक्ट के तहत उचित कार्रवाई की जा रही है। साथ ही, उसके माता-पिता को कड़ी चेतावनी दी गई है और काउंसलिंग के लिए बाल कल्याण समिति से संपर्क किया गया है।
निष्कर्ष
नेहा बिस्वाल की यह आपबीती एक चेतावनी है — हमारे समाज में लड़कियों और महिलाओं की सुरक्षा की वास्तविकता क्या है। यह घटना बताती है कि उम्र छोटी हो सकती है, पर सोच में विकृति खतरनाक हद तक पहुंच चुकी है। यह न सिर्फ कानून व्यवस्था की चुनौती है, बल्कि हमारे सामाजिक और पारिवारिक मूल्यों की भी गंभीर परीक्षा है।
नेहा की हिम्मत और कैमरे में कैद सबूत ने एक बार फिर साबित किया है कि हर आवाज़ मायने रखती है — बस डर को पीछे छोड़कर उसे उठाने की ज़रूरत है।

