पंजाब के तरनतारन जिले के पट्टी इलाके में हुई एक शादी इन दिनों सोशल मीडिया पर जबरदस्त चर्चा का विषय बनी हुई है। वायरल वीडियो में दूल्हा अपनी दुल्हन पर नोटों की बारिश करता नजर आ रहा है। वीडियो सामने आते ही इंटरनेट पर यह दावा किया जाने लगा कि शादी में करोड़ों रुपये उड़ाए गए हैं। हालांकि अब इस रॉयल अंदाज में दिख रही वेडिंग की असली सच्चाई सामने आ गई है।
वायरल क्लिप में देखा जा सकता है कि स्टेज पर खड़े दूल्हा-दुल्हन के बीच अचानक नोट उड़ने लगते हैं। दूल्हा हाथों से नोटों की गड्डियां हवा में उछालता दिखाई देता है, जबकि आसपास मौजूद मेहमान तालियां बजाते और वीडियो बनाते नजर आते हैं। शादी का सेटअप भी बेहद भव्य दिखाई देता है, जिससे पहली नजर में यह समारोह किसी बड़े उद्योगपति या रसूखदार परिवार का लगता है।
वीडियो के वायरल होते ही सोशल मीडिया पर तरह-तरह के दावे किए जाने लगे। कुछ यूजर्स ने लिखा कि शादी में करोड़ों रुपये लुटाए गए, तो कुछ ने इसे ‘पंजाबी शान’ करार दिया। वहीं कई लोगों ने इतनी बड़ी रकम उड़ाने को लेकर आलोचना भी की और इसे फिजूलखर्ची बताया।
लेकिन जांच और स्थानीय सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, सोशल मीडिया पर किए जा रहे करोड़ों रुपये के दावे बढ़ा-चढ़ाकर पेश किए गए हैं। बताया जा रहा है कि स्टेज पर जो नोट उड़ाए गए, वे प्रतीकात्मक रूप से सीमित रकम के थे। कई बार शादी समारोहों में खुशी जताने के लिए इस तरह नोट उड़ाने की परंपरा देखने को मिलती है, लेकिन वायरल वीडियो में रकम को लेकर लगाए जा रहे दावे तथ्यात्मक रूप से सही नहीं पाए गए।
स्थानीय लोगों का कहना है कि वीडियो को इस तरह से शूट और शेयर किया गया कि वह बेहद भव्य और असाधारण लगे। कैमरा एंगल और एडिटिंग के कारण भी दृश्य ज्यादा प्रभावशाली दिखाई देता है। हालांकि वास्तविक खर्च सोशल मीडिया पर बताए जा रहे आंकड़ों जितना नहीं था।
विशेषज्ञों का मानना है कि सोशल मीडिया के दौर में किसी भी वीडियो को संदर्भ से हटाकर पेश कर देना आसान हो गया है। कुछ सेकंड की क्लिप के आधार पर बड़े-बड़े दावे कर दिए जाते हैं, जो बाद में गलत साबित होते हैं। ऐसे मामलों में आधिकारिक पुष्टि या स्थानीय स्तर की जानकारी सामने आने के बाद ही सच्चाई स्पष्ट हो पाती है।
फिलहाल, तरनतारन की यह शादी इंटरनेट पर चर्चा का विषय बनी हुई है। हालांकि ‘करोड़ों की बारिश’ का दावा भ्रामक निकला, लेकिन वीडियो ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि सोशल मीडिया पर दिखने वाली हर चीज पूरी सच्चाई नहीं होती।

