होर्मुज स्ट्रेट में बढ़ा युद्ध का खतरा UAE के दो तेल टैंकरों पर ईरानी हमला, फुटेज में देंखे एक भारतीय की मौत; अमेरिका ने की जवाबी सैन्य कार्रवाई
श्चिम एशिया में तनाव एक बार फिर खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है। होर्मुज स्ट्रेट में ईरान पर संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के दो तेल टैंकरों पर क्रूज मिसाइलों से हमला करने का आरोप लगा है। UAE के रक्षा मंत्रालय के अनुसार, इस हमले में एक भारतीय नागरिक की मौत हो गई, जबकि छह भारतीयों समेत कुल आठ लोग घायल हुए हैं। घायलों का इलाज जारी है।
रक्षा मंत्रालय के मुताबिक, 'मोंबासा' और 'अल बहिया' नाम के तेल टैंकर होर्मुज स्ट्रेट से गुजर रहे थे, तभी उन पर मिसाइलों से हमला किया गया। हमले के बाद दोनों जहाजों को नुकसान पहुंचा और क्षेत्र में समुद्री सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है।
इधर, ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने दावा किया है कि उसने बहरीन स्थित अल-जुफैर सैन्य अड्डे और अमेरिकी फिफ्थ फ्लीट के ठिकाने पर मिसाइल और ड्रोन हमले किए। इसके अलावा जॉर्डन में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों को भी निशाना बनाने की कोशिश की गई। हालांकि, जॉर्डन की सेना का कहना है कि उसने अपने हवाई क्षेत्र में प्रवेश करने वाली चार ईरानी मिसाइलों को सफलतापूर्वक मार गिराया।
इन घटनाओं के बाद अमेरिका ने भी ईरान के खिलाफ बड़े पैमाने पर जवाबी सैन्य कार्रवाई शुरू कर दी। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के अनुसार, करीब पांच घंटे तक चले अभियान में ईरान के कई रणनीतिक सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया गया।
अमेरिकी सेना ने जिन ठिकानों पर कार्रवाई की, उनमें बुशहर, चाबहार, जास्क, कोनार्क, अबू मूसा और बंदर अब्बास स्थित सैन्य प्रतिष्ठान शामिल हैं। अमेरिका का दावा है कि इन हमलों का उद्देश्य ईरान की सैन्य क्षमताओं को कमजोर करना और क्षेत्र में अपने सहयोगियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना था।
होर्मुज स्ट्रेट दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री व्यापार मार्गों में से एक माना जाता है, जहां से वैश्विक तेल आपूर्ति का बड़ा हिस्सा गुजरता है। ऐसे में इस क्षेत्र में बढ़ता सैन्य तनाव अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा बाजार और वैश्विक सुरक्षा के लिए गंभीर चिंता का विषय बन गया है।
फिलहाल क्षेत्र में हालात बेहद तनावपूर्ण बने हुए हैं। विभिन्न देशों की सरकारें घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए हैं और अंतरराष्ट्रीय समुदाय दोनों पक्षों से संयम बरतने तथा तनाव कम करने की अपील कर रहा है। वहीं, भारतीय नागरिक की मौत के बाद विदेश मंत्रालय की ओर से भी स्थिति पर करीबी नजर रखे जाने की संभावना है।

