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ईरान पर अमेरिका-इजराइल हमलों का नौवां दिन, 1700 से ज्यादा मौतें,फुटेज में देंखे तेहरान में तेल रिसाव से ‘काली बारिश’ जैसे हालात

ईरान पर अमेरिका-इजराइल हमलों का नौवां दिन, 1700 से ज्यादा मौतें,फुटेज में देंखे तेहरान में तेल रिसाव से ‘काली बारिश’ जैसे हालात

ईरान के खिलाफ अमेरिका और इजराइल के हमलों का रविवार को नौवां दिन है। लगातार हो रही बमबारी और सैन्य कार्रवाई के कारण ईरान के कई शहरों में भारी तबाही मची हुई है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक अब तक इस जंग में 1700 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि हजारों लोग घायल बताए जा रहे हैं। हालात इतने गंभीर हो गए हैं कि बड़ी संख्या में लोग अपने घर छोड़कर सुरक्षित स्थानों की ओर पलायन करने को मजबूर हो गए हैं।

युद्ध के चलते राजधानी तेहरान समेत कई प्रमुख शहरों में हालात बेहद तनावपूर्ण बने हुए हैं। इजराइल द्वारा तेल भंडार ठिकानों पर किए गए हमलों के बाद एक नया संकट पैदा हो गया है। हमलों के कारण बड़ी मात्रा में तेल रिसकर शहर की नालियों और जल निकासी व्यवस्था में पहुंच गया है। इससे कई जगहों पर सड़कों के किनारे आग की नदी जैसे दृश्य देखने को मिल रहे हैं।

स्थानीय लोगों के अनुसार, कुछ इलाकों में पानी का रंग पूरी तरह काला दिखाई दे रहा है और उसमें तेल की मोटी परत तैरती नजर आ रही है। इस वजह से शहर के कई हिस्सों में ‘काली बारिश’ जैसे हालात बन गए हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि यह स्थिति न केवल पर्यावरण के लिए खतरनाक है बल्कि इससे आग लगने और जहरीले धुएं का खतरा भी बढ़ गया है।

युद्ध की वजह से आम नागरिकों की जिंदगी बुरी तरह प्रभावित हुई है। कई परिवार अपने घरों को छोड़कर दूसरे शहरों या सुरक्षित ठिकानों पर शरण ले रहे हैं। राहत शिविरों में भीड़ बढ़ती जा रही है और खाने-पीने व दवाइयों जैसी जरूरी चीजों की कमी की खबरें सामने आ रही हैं। अंतरराष्ट्रीय मानवीय संगठनों ने भी इस स्थिति पर चिंता जताई है।

इस जंग का असर केवल मध्य पूर्व तक सीमित नहीं है, बल्कि दुनिया के कई देशों में इसके समर्थन और विरोध में प्रदर्शन हो रहे हैं। ब्रिटेन में शनिवार को एक ही दिन ईरान समर्थक और अमेरिका समर्थक समूहों ने अलग-अलग मार्च निकाले। दोनों पक्षों के प्रदर्शनकारियों ने अपने-अपने पक्ष में नारे लगाए और सरकार से अपनी-अपनी मांगों को लेकर आवाज उठाई।

दूसरी ओर, क्षेत्रीय तनाव लेबनान तक भी फैल गया है। यहां इजराइल की सेना ने ईरान समर्थित संगठन हिजबुल्लाह के ठिकानों को निशाना बनाकर हमले तेज कर दिए हैं। इजराइल का कहना है कि हिजबुल्लाह ईरान का करीबी सहयोगी है और वह इस संघर्ष में सक्रिय भूमिका निभा रहा है। वहीं, हिजबुल्लाह ने भी इजराइल के खिलाफ जवाबी कार्रवाई की चेतावनी दी है।

विशेषज्ञों का मानना है कि अगर यह संघर्ष जल्द नहीं रुका तो इसका असर पूरे मध्य पूर्व क्षेत्र की स्थिरता पर पड़ सकता है। बढ़ते सैन्य हमले, नागरिकों की मौतें और पर्यावरणीय नुकसान ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय की चिंता बढ़ा दी है। कई देशों ने दोनों पक्षों से संयम बरतने और बातचीत के जरिए समाधान निकालने की अपील की है।

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