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बच्चों को गोद में लेकर रोने का नया ट्रेंड वायरल! फर्जी सिम्पथी के लिए रील्स बनाने पर लोगों ने लगाई क्लास

बच्चों को गोद में लेकर रोने का नया ट्रेंड वायरल! फर्जी सिम्पथी के लिए रील्स बनाने पर लोगों ने लगाई क्लास

अमेरिका में हुई एक चौंकाने वाली घटना ने यह दिखा दिया है कि सोशल मीडिया पर व्यूज़ और अटेंशन पाने की होड़ में लोग किस हद तक जा सकते हैं। मैसाचुसेट्स में लिंडसे क्लैंसी के हाई-प्रोफाइल मर्डर केस के बीच, टिकटॉक पर एक अजीब और विवादित ट्रेंड शुरू हो गया है। इस ट्रेंड में महिलाएं अपने बच्चों को गोद में लेकर रोते हुए वीडियो पोस्ट कर रही हैं और बैकग्राउंड में क्लैंसी की पर्सनल डायरी का ऑडियो इस्तेमाल कर रही हैं - जिसे कोर्ट में पढ़ा गया था। इस हरकत पर ऑनलाइन गुस्सा देखा जा रहा है और लोग इसे व्यूज़ पाने के लिए खेला जाने वाला खतरनाक खेल बताकर इसकी निंदा कर रहे हैं।



यह घटना 24 जनवरी, 2023 को मैसाचुसेट्स के डक्सबरी में हुई थी, जिसमें लिंडसे क्लैंसी पर अपने तीन छोटे बच्चों की जान लेने का आरोप है। सरकारी वकीलों ने कोर्ट में दलील दी कि आरोपी ने यह कदम जान-बूझकर उठाया था, जबकि बचाव पक्ष का कहना था कि वह डिप्रेशन और मानसिक बीमारी से जूझ रही थीं। सुनवाई के दौरान उनकी डायरी के कुछ हिस्से पढ़कर सुनाए गए, जिनसे पता चला कि वह एंग्जायटी, नींद न आने की समस्या और बच्चे की परवरिश से जुड़ी मानसिक थकान से जूझ रही थीं।

जैसे ही कोर्ट की कार्यवाही का ऑडियो सोशल मीडिया पर आया, कई महिला कंटेंट क्रिएटर्स ने अपने बच्चों को गोद में लेकर वीडियो बनाना शुरू कर दिया, जिसमें अक्सर "मैं लिंडसे हूं" जैसे कैप्शन होते थे। इन रील्स में महिलाएं कैमरे के सामने रोती हुई दिखाई देती हैं। "Libs of TikTok" अकाउंट समेत हज़ारों सोशल मीडिया यूज़र्स ने इस हरकत को बेहद शर्मनाक और इसमें शामिल बच्चों के लिए खतरनाक बताया है। लोग अब सवाल उठा रहे हैं कि एक मां इतने गंभीर मामले का फायदा उठाकर अपने ही मासूम बच्चे का इस्तेमाल कैसे कर सकती है। कुछ यूज़र्स ने तो यह भी सुझाव दिया है कि चाइल्ड प्रोटेक्टिव सर्विसेज़ को ऐसी माताओं पर नज़र रखनी चाहिए, क्योंकि यह ट्रेंड झूठे बहाने बनाकर सहानुभूति पाने का एक तरीका बन गया है।

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