‘द केरल स्टोरी 2’ के समर्थन में उतरी भाजपा, नेता बोले-फिल्म को राजनीतिक चश्मे से न देखें
नई दिल्ली, 19 फरवरी (आईएएनएस)। फिल्म 'द केरल स्टोरी 2–गोज बियॉन्ड' को लेकर जहां एक तरफ सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। इस बीच भाजपा नेताओं ने फिल्म का विरोध करने वालों पर निशाना साधा और कहा है कि फिल्म को राजनीतिक चश्मे के बजाय, अभिव्यक्ति की आजादी और सच्चाई के संदर्भ में देखा जाना चाहिए।
केरल भाजपा अध्यक्ष राजीव चंद्रशेखर ने आईएएनएस से बात करते हुए कहा, "चुनाव से ठीक तीस दिन पहले मुख्यमंत्री एक तरह का सर्कस खड़ा करना चाहते हैं ताकि यह दिखाया जा सके कि वे मुस्लिम हितों की रक्षा कर रहे हैं। भारत का एक संविधान है और हर नागरिक को अपनी बात कहने और अपनी कहानी रखने का अधिकार है। किसी फिल्म को केवल इसलिए विवादों में घसीटना कि वह असहज सवाल उठाती है, लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है।"
भाजपा प्रवक्ता अजय आलोक ने कहा, "भारत में किसी न किसी मुद्दे पर विवाद खड़ा करना अब एक परंपरा बन चुकी है। सिनेमा समाज का आईना है और ये फिल्में अक्सर उन पहलुओं को सामने लाती हैं जो आमतौर पर दबे रह जाते हैं। किसी भी फिल्म के कंटेंट को परखने का काम सेंसर बोर्ड का है और जब बोर्ड कोई फैसला लेता है, तो सभी को उसका सम्मान करना चाहिए।"
झारखंड की राजधानी रांची से भाजपा प्रवक्ता प्रतुल शाह देव ने कहा, ''केरल से लगातार ऐसी खबरें सामने आती रही हैं, जिनमें हिंदू और ईसाई लड़कियों को निशाना बनाकर उनका धर्म परिवर्तन कराने के आरोप लगते रहे हैं। मेरा मानना है कि अगर फिल्मों के जरिए इन घटनाओं को दिखाया जा रहा है तो उसका विरोध क्यों हो रहा है? केरल में भाजपा और आरएसएस लंबे समय से इन मुद्दों के खिलाफ आवाज उठाते रहे हैं, और जो लोग फिल्म का विरोध कर रहे हैं, वे कहीं न कहीं इस पूरी प्रक्रिया में संलिप्त हो सकते हैं।''
तेलंगाना से भाजपा सांसद नरेश बंसल ने भी फिल्म का समर्थन करते हुए कहा, "यह सत्य घटनाओं पर आधारित है। केरल में जिस तरह की घटनाएं सामने आई हैं, उन्हें समाज को समझना चाहिए। अगर फिल्म किसी सच्चाई को उजागर कर रही है तो उसे देखने और समझने की जरूरत है।''
जम्मू-कश्मीर में भाजपा विधायक विक्रम रंधावा ने कहा, ''फिल्मों को बड़े नजरिए से देखा जाना चाहिए। फिल्म बनाना, उसे रिलीज करना और जनता तक पहुंचाना प्रोड्यूसर और डायरेक्टर का काम है। अगर कोई फिल्म सच्चाई दिखाने का दावा करती है तो उसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए, न कि उसे गलत तरीके से पेश कर राजनीतिक रंग दिया जाए।''
वहीं जम्मू-कश्मीर विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष सुनील कुमार शर्मा ने कहा, ''केरल में धर्मांतरण से जुड़ी गतिविधियों को पूरी तरह नकारा नहीं जा सकता। सनातन धर्म समाज की रक्षा करना उसका मूल कर्तव्य है। फिल्म को सीधे भाजपा से जोड़ना सही नहीं है और पार्टी का इससे कोई औपचारिक संबंध नहीं है।''
उत्तर प्रदेश के लखनऊ से मंत्री ओपी राजभर ने कहा, ''फिल्म कोई सरकारी संस्था नहीं बनाती, बल्कि यह फिल्म इंडस्ट्री का विषय है। सेंसर बोर्ड पहले ही कंटेंट की समीक्षा करता है और अगर उसके बाद भी किसी वर्ग को आपत्ति होती है तो नियमों के तहत विवादित हिस्सों में बदलाव किया जा सकता है।''
--आईएएनएस
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