BRICS में गूंजा पहलगाम का मुद्दा: चीन संग सभी सदस्य देशों ने लिया सीमा-पार आतंकवाद के खिलाफ एक्शन का संकल्प
नई दिल्ली में आयोजित BRICS शिखर सम्मेलन में सदस्य देशों ने 2026 की नई दिल्ली घोषणा को मंजूरी दी है। इस घोषणा में वैश्विक शासन व्यवस्था, पश्चिम एशिया, आतंकवाद, व्यापार, तकनीक, वित्तीय सहयोग और महिलाओं की भागीदारी समेत कई अहम मुद्दों पर सदस्य देशों ने साझा रुख सामने रखा।
BRICS देशों ने अंतरराष्ट्रीय फैसलों में ग्लोबल साउथ की आवाज को अधिक मजबूत करने की मांग की। साथ ही संयुक्त राष्ट्र के शीर्ष नेतृत्व में बेहतर भौगोलिक संतुलन और व्यापक प्रतिनिधित्व की जरूरत पर भी जोर दिया गया। घोषणा में यह भी रेखांकित किया गया कि संयुक्त राष्ट्र के इतिहास में अब तक कोई महिला महासचिव नहीं बनी है।
BRICS ने बहुध्रुवीय विश्व व्यवस्था का समर्थन करते हुए नस्लवाद, नफरत फैलाने वाली भाषा, फेक न्यूज और दुष्प्रचार की भी निंदा की।
पहलगाम आतंकी हमले की कड़ी निंदा
BRICS देशों ने 22 अप्रैल 2025 को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले की कड़ी निंदा की। इस हमले में 26 लोगों की मौत हुई थी और कई लोग घायल हुए थे।
घोषणा में सदस्य देशों ने आतंकवाद के सभी रूपों के खिलाफ एकजुट होकर लड़ने की प्रतिबद्धता दोहराई। BRICS ने कहा कि आतंकवाद को किसी धर्म, राष्ट्रीयता, सभ्यता या जातीय समूह से जोड़कर नहीं देखा जाना चाहिए।
सदस्य देशों ने आतंकवादियों की सीमा पार आवाजाही, आतंकवाद की फंडिंग और आतंकियों को सुरक्षित ठिकाने उपलब्ध कराने के खिलाफ कड़ा रुख अपनाने की बात कही। साथ ही आतंकवाद और उसके समर्थन में शामिल लोगों को संबंधित राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय कानूनों के तहत जवाबदेह ठहराने पर जोर दिया गया।
BRICS ने आतंकवाद के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाने और आतंकवाद से निपटने में दोहरे मापदंडों को खारिज करने की अपील की।
पश्चिम एशिया को लेकर क्या बोला BRICS?
नई दिल्ली घोषणा में पश्चिम एशिया की मौजूदा स्थिति पर भी गंभीर चिंता जताई गई। BRICS देशों ने सभी पक्षों से संयम बरतने और विवादों का समाधान संवाद और कूटनीति के जरिए निकालने की अपील की।
घोषणा में नागरिकों की सुरक्षा, महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे की रक्षा और देशों की संप्रभुता तथा क्षेत्रीय अखंडता का सम्मान करने पर जोर दिया गया।
सदस्य देशों ने शांतिपूर्ण परमाणु प्रतिष्ठानों पर हमलों और परमाणु सुरक्षा से जुड़े जोखिमों को लेकर भी चिंता जताई। इसके साथ ही परमाणु निरस्त्रीकरण, हथियार नियंत्रण और परमाणु अप्रसार के प्रयासों को मजबूत करने की जरूरत बताई गई।
गाजा और फिलिस्तीन पर BRICS का रुख
गाजा को लेकर BRICS ने संघर्षविराम बनाए रखने और मानवीय सहायता को बिना किसी रुकावट के पहुंचाने की मांग की। समूह ने नागरिकों पर हमले रोकने और फिलिस्तीनियों के जबरन विस्थापन का विरोध किया।
BRICS ने फिलिस्तीन मुद्दे के समाधान के लिए दो-राष्ट्र समाधान के समर्थन को दोहराया। घोषणा में 1967 की सीमाओं के आधार पर पूर्वी येरुशलम को राजधानी बनाने वाले एक स्वतंत्र फिलिस्तीनी राष्ट्र की स्थापना के समर्थन की बात कही गई।
सदस्य देशों ने भूखमरी को युद्ध के हथियार के रूप में इस्तेमाल करने और मानवीय सहायता में बाधा डालने की भी निंदा की। वहीं लेबनान में संघर्षविराम का स्वागत करते हुए उसकी संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता के सम्मान पर जोर दिया गया।
व्यापार और अर्थव्यवस्था पर भी बड़ा फोकस
BRICS देशों ने विश्व व्यापार संगठन यानी WTO में सुधार की जरूरत पर जोर दिया। समूह ने WTO के विवाद निपटान तंत्र को दोबारा प्रभावी बनाने का समर्थन किया।
सदस्य देशों ने एकतरफा टैरिफ, व्यापारिक प्रतिबंधों और संरक्षणवादी नीतियों को लेकर चिंता जताई। ईरान और इथियोपिया की WTO सदस्यता की दावेदारी का भी समर्थन किया गया।
वैश्विक तनाव के बीच व्यापार और आपूर्ति श्रृंखलाओं को सुरक्षित रखने के साथ-साथ ऊर्जा आपूर्ति की स्थिरता बनाए रखने पर भी जोर दिया गया।
AI, साइबर सिक्योरिटी और क्वांटम टेक्नोलॉजी पर सहयोग
नई दिल्ली घोषणा में तकनीकी क्षेत्र को भी खास महत्व दिया गया। BRICS देशों ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, साइबर सुरक्षा और क्वांटम टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने की बात कही।
वित्तीय क्षेत्र को साइबर खतरों से सुरक्षित रखने के लिए नियमित साइबर सुरक्षा अभ्यास आयोजित करने का प्रस्ताव भी सामने आया।
भारत के गुजरात स्थित GIFT City में BRICS Risk Lab स्थापित करने का प्रस्ताव रखा गया। इसके अलावा बीमा और पुनर्बीमा क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने, नए निवेश मंच विकसित करने और केंद्रीय बैंकों के बीच उभरती तकनीकों को लेकर साझेदारी मजबूत करने पर सहमति बनी।
महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने पर जोर
BRICS देशों ने शांति और विकास की प्रक्रिया में महिलाओं की भूमिका बढ़ाने की जरूरत पर भी जोर दिया। समूह ने संघर्ष रोकने, शांति वार्ता, मध्यस्थता और युद्ध के बाद पुनर्निर्माण की प्रक्रियाओं में महिलाओं की अधिक भागीदारी सुनिश्चित करने का आह्वान किया।
BRICS का कहना है कि इन प्रक्रियाओं में महिलाओं की भागीदारी बढ़ने से शांति, स्थिरता और विकास के प्रयासों को और मजबूती मिल सकती है।
कुल मिलाकर, नई दिल्ली घोषणा में BRICS ने आतंकवाद के खिलाफ कड़ा संदेश देने के साथ-साथ वैश्विक शासन में ग्लोबल साउथ की भूमिका बढ़ाने, पश्चिम एशिया में शांति, गाजा में मानवीय सहायता, व्यापार सुधार और AI जैसी नई तकनीकों में सहयोग को लेकर अपना साझा रुख स्पष्ट किया है।

