WhatsApp-Telegram पर 'गारंटीड रिटर्न' का झांसा पड़ सकता है भारी! निवेश से पहले पढ़ लें सरकार की बड़ी चेतावनी
नई दिल्ली: अगर आपको WhatsApp या Telegram पर कोई ऐसा संदेश मिलता है जिसमें कम समय में मोटा मुनाफा, शेयर बाजार में पक्का रिटर्न या निवेश पर "गारंटीड प्रॉफिट" का दावा किया जाता है, तो सतर्क हो जाइए। भारत सरकार ने ऐसे ऑनलाइन निवेश घोटालों को लेकर लोगों को बड़ी चेतावनी जारी की है। सरकार का कहना है कि साइबर ठग सोशल मीडिया और मैसेजिंग ऐप्स के जरिए लोगों को फर्जी निवेश योजनाओं में फंसाकर लाखों-करोड़ों रुपये की ठगी कर रहे हैं।
सरकारी एजेंसियों के अनुसार, ठग सबसे पहले WhatsApp या Telegram पर लोगों को किसी निवेश समूह (Investment Group) में जोड़ते हैं। इन ग्रुपों में खुद को शेयर बाजार विशेषज्ञ, निवेश सलाहकार या किसी प्रतिष्ठित वित्तीय संस्था का प्रतिनिधि बताने वाले लोग मौजूद रहते हैं। शुरुआत में वे शेयर बाजार, म्यूचुअल फंड या आईपीओ से जुड़ी सामान्य जानकारी देकर लोगों का भरोसा जीतने की कोशिश करते हैं।
इसके बाद निवेशकों को कम समय में 30%, 50% या उससे भी अधिक मुनाफे का लालच दिया जाता है। कई मामलों में फर्जी वेबसाइट और मोबाइल ऐप भी उपलब्ध कराए जाते हैं, जिनमें निवेश की गई राशि और बढ़ता हुआ मुनाफा दिखाया जाता है। शुरुआत में कुछ लोगों को छोटी रकम निकालने की अनुमति भी दी जाती है ताकि उनका भरोसा पूरी तरह बन जाए।
जब निवेशक अधिक रकम लगाना शुरू कर देता है, तब ठग विभिन्न बहानों से अतिरिक्त भुगतान मांगते हैं। कभी टैक्स, कभी प्रोसेसिंग फीस, तो कभी अकाउंट एक्टिवेशन के नाम पर पैसे जमा करवाए जाते हैं। अंत में निवेशक का पैसा फंस जाता है और आरोपी सभी संपर्क तोड़ देते हैं। कई मामलों में वेबसाइट, ऐप और WhatsApp नंबर भी अचानक बंद कर दिए जाते हैं।
सरकार ने स्पष्ट किया है कि कोई भी वैध निवेश योजना निश्चित या "गारंटीड" ऊंचे रिटर्न का वादा नहीं करती। शेयर बाजार और अन्य निवेश साधन हमेशा बाजार के जोखिमों के अधीन होते हैं। इसलिए ऐसे किसी भी दावे पर भरोसा करने से पहले संबंधित संस्था की वैधता और नियामकीय मंजूरी की जांच करना जरूरी है।
विशेषज्ञों ने लोगों को सलाह दी है कि निवेश से पहले संबंधित कंपनी या सलाहकार का पंजीकरण जांचें। केवल अधिकृत वित्तीय संस्थानों और पंजीकृत निवेश सलाहकारों के माध्यम से ही निवेश करें। किसी अनजान व्यक्ति द्वारा भेजे गए लिंक, मोबाइल ऐप या वेबसाइट पर अपनी व्यक्तिगत या बैंकिंग जानकारी साझा करने से बचें।
साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि ठग अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, फर्जी प्रोफाइल और नकली दस्तावेजों का उपयोग कर लोगों को भ्रमित कर रहे हैं। यही वजह है कि डिजिटल निवेश से जुड़े मामलों में पहले से कहीं अधिक सतर्क रहने की आवश्यकता है।
यदि किसी व्यक्ति को ऐसे संदिग्ध संदेश प्राप्त होते हैं या वह ऑनलाइन निवेश धोखाधड़ी का शिकार हो जाता है, तो उसे तुरंत संबंधित साइबर अपराध पोर्टल या स्थानीय पुलिस में शिकायत दर्ज करानी चाहिए। समय पर शिकायत करने से कई मामलों में लेनदेन को रोकने या धनराशि वापस पाने की संभावना बढ़ सकती है।
विशेषज्ञों का कहना है कि निवेश का सबसे सुरक्षित तरीका वही है जिसमें पारदर्शिता हो, जोखिम की स्पष्ट जानकारी दी जाए और सभी प्रक्रियाएं अधिकृत वित्तीय संस्थानों के माध्यम से पूरी की जाएं। "जल्दी अमीर बनने" के वादे अक्सर साइबर अपराधियों का सबसे बड़ा हथियार होते हैं।

