Samachar Nama
×

एआई का बढ़ता प्रभाव, कारोबार, वीडियो में देंखे नौकरियों और समाज की दिशा बदल रही नई तकनीक

एआई का बढ़ता प्रभाव, कारोबार, वीडियो में देंखे नौकरियों और समाज की दिशा बदल रही नई तकनीक

आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस (एआई) अब केवल एक तकनीकी प्रयोग नहीं रह गया है, बल्कि यह वैश्विक अर्थव्यवस्था, रोजगार बाजार और सामाजिक ढांचे को बुनियादी रूप से बदलने वाली ताकत बन चुका है। ताजा रिपोर्ट्स बताती हैं कि एआई का असर आने वाले वर्षों में और गहरा होगा—कुछ क्षेत्रों के लिए यह अवसर लेकर आएगा, तो कुछ के लिए बड़ी चुनौती साबित हो सकता है।

Boston Consulting Group (बीसीजी) और Moloco की संयुक्त रिपोर्ट के मुताबिक न्यूज, ट्रेवल और शिक्षा जैसे सेक्टर एआई से सबसे ज्यादा प्रभावित हो सकते हैं। रिपोर्ट में कहा गया है कि ChatGPT जैसे एआई टूल्स अब सीधे ग्राहक और ब्रांड के बीच पहुंच रहे हैं। इससे पारंपरिक डिजिटल प्लेटफॉर्म्स और इंटरमीडियरी कंपनियों की भूमिका कम हो सकती है।

रिपोर्ट में चेतावनी दी गई है कि जो कंपनियां अपना डेटा मजबूत नहीं करेंगी और ग्राहकों से सीधा संबंध विकसित नहीं करेंगी, वे प्रतिस्पर्धा में पिछड़ सकती हैं। एआई आधारित टूल्स उपभोक्ताओं को सीधे जवाब, सुझाव और सेवाएं दे रहे हैं, जिससे ब्रांड लॉयल्टी और पारंपरिक मार्केटिंग मॉडल पर असर पड़ रहा है।

दूसरी ओर, Moody's की एक रिपोर्ट में एआई के सकारात्मक प्रभावों पर प्रकाश डाला गया है। रिपोर्ट के अनुसार, एआई के कारण वैश्विक उत्पादकता—यानी काम करने की क्षमता—औसतन 1.5% प्रतिवर्ष बढ़ सकती है। इसका मतलब है कि कंपनियां कम संसाधनों में अधिक उत्पादन कर सकेंगी और कार्यक्षमता में सुधार होगा।

हालांकि, मूडीज ने यह भी स्पष्ट किया है कि एआई का लाभ सभी देशों और वर्गों को समान रूप से नहीं मिलेगा। अमीर और तकनीकी रूप से विकसित देश इस परिवर्तन से अधिक लाभ उठा सकेंगे, जबकि विकासशील देशों को अनुकूलन में अधिक समय लग सकता है।

रिपोर्ट में सामाजिक असमानता को लेकर भी चिंता जताई गई है। एआई के बढ़ते इस्तेमाल से महिलाओं, युवाओं और कम पढ़े-लिखे लोगों की नौकरियों पर अधिक खतरा हो सकता है, खासकर वे भूमिकाएं जो दोहराव वाले या डेटा आधारित कार्यों से जुड़ी हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि भविष्य में कौशल उन्नयन (स्किल अपग्रेडेशन) और डिजिटल साक्षरता बेहद जरूरी हो जाएगी।

विशेषज्ञ यह भी कहते हैं कि एआई को खतरे के रूप में देखने के बजाय उसे अवसर के रूप में अपनाने की जरूरत है। यदि सरकारें, कंपनियां और शैक्षणिक संस्थान मिलकर रणनीति बनाएं, तो एआई आर्थिक विकास और नवाचार को नई ऊंचाइयों तक पहुंचा सकता है।

स्पष्ट है कि आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस आने वाले समय में वैश्विक परिदृश्य को गहराई से प्रभावित करेगा। सवाल यह नहीं है कि एआई बदलाव लाएगा या नहीं, बल्कि यह है कि समाज और अर्थव्यवस्था इस बदलाव के लिए कितने तैयार हैं।

Share this story

Tags