देश में बहुप्रतीक्षित जनगणना प्रक्रिया का पहला चरण आज, 1 अप्रैल से शुरू हो गया है। यह चरण 30 सितंबर 2026 तक चलेगा, जिसमें ‘हाउस लिस्टिंग’ यानी मकानों की गिनती की जाएगी।
Census of India के तहत होने वाली इस प्रक्रिया में देशभर में सभी घरों, भवनों और उनके उपयोग की विस्तृत जानकारी एकत्र की जाएगी। यह जनगणना का पहला और बेहद महत्वपूर्ण चरण माना जाता है, क्योंकि इसी के आधार पर आगे की जनसंख्या गणना की रूपरेखा तय होती है।
पहले चरण में गणनाकर्मी घर-घर जाकर मकानों की संख्या, उनकी स्थिति, उपयोग (रिहायशी या व्यावसायिक) और उपलब्ध सुविधाओं से संबंधित जानकारी जुटाएंगे। इसके साथ ही पेयजल, शौचालय, बिजली, रसोई गैस जैसी मूलभूत सुविधाओं का भी रिकॉर्ड तैयार किया जाएगा।
अधिकारियों के अनुसार, इस बार जनगणना प्रक्रिया में डिजिटल तकनीक का व्यापक उपयोग किया जा रहा है, जिससे डेटा संग्रहण और विश्लेषण अधिक सटीक और तेज़ी से किया जा सकेगा।
सरकार का कहना है कि जनगणना से प्राप्त आंकड़े नीतिगत निर्णयों, विकास योजनाओं और संसाधनों के बेहतर वितरण में अहम भूमिका निभाते हैं। इसलिए इसे देश की सबसे बड़ी प्रशासनिक कवायदों में से एक माना जाता है।
जनगणना के दूसरे चरण में जनसंख्या से जुड़ी जानकारी एकत्र की जाएगी, जिसमें नागरिकों की आयु, शिक्षा, रोजगार, भाषा और अन्य सामाजिक-आर्थिक विवरण शामिल होंगे। हालांकि, इसके लिए तिथियों की घोषणा बाद में की जाएगी।
प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे गणनाकर्मियों को सही और पूर्ण जानकारी प्रदान करें, ताकि सटीक आंकड़े तैयार किए जा सकें।
फिलहाल देशभर में इस प्रक्रिया की शुरुआत के साथ ही प्रशासनिक गतिविधियां तेज हो गई हैं और आने वाले महीनों में यह अभियान व्यापक स्तर पर संचालित किया जाएगा।

