आधार में नाम और सरनेम अपडेट कराने की पूरी प्रक्रिया बदलेगी! जानें UIDAI के नए नियम और जरूरी डॉक्यूमेंट्स
अगर आपके आधार कार्ड में नाम की स्पेलिंग गलत दर्ज हो गई है, शादी के बाद सरनेम बदलना चाहते हैं या फिर किसी वजह से अपना नाम पूरी तरह बदलना चाहते हैं, तो यह जानकारी आपके काम की है। UIDAI के नए Standard Operating Procedure यानी SOP 2026 के तहत आधार में नाम अपडेट करने के लिए अलग-अलग परिस्थितियों के हिसाब से अलग नियम और दस्तावेज तय किए गए हैं।नए नियमों के तहत नाम में मामूली सुधार, शादी या तलाक के बाद नाम में बदलाव, आधार बनवाते समय हुई डेटा-एंट्री गलती और पूरी तरह नाम बदलने की प्रक्रिया अलग-अलग होगी। कुछ मामलों में एफिडेविट, पहचान से जुड़े दस्तावेज और गजट नोटिफिकेशन की जरूरत पड़ सकती है।
माइनर नेम चेंज में क्या-क्या शामिल है?
अगर नाम में केवल छोटी-मोटी गलती या मामूली बदलाव करना है, तो इसे Minor Name Change की कैटेगरी में रखा जाता है। इसमें मुख्य रूप से ये बदलाव शामिल हो सकते हैं—
- नाम के संक्षिप्त रूप या Initial को पूरा करना।
- मिडिल नेम या सरनेम जोड़ना या हटाना।
- नाम के शब्दों का क्रम बदलना।
- उच्चारण या ध्वनि में बदलाव किए बिना छोटी स्पेलिंग गलती सुधारना।
- नाम के बीच में लगे डॉट को हटाना।
- गलत तरीके से लिखे गए Capital Letters को ठीक करना।
उदाहरण के तौर पर अगर किसी व्यक्ति का नाम 'Rama Prasad' दर्ज है और वह इसमें 'Shyam' मिडिल नेम जोड़कर 'Rama Shyam Prasad' करना चाहता है, तो इसे आमतौर पर मामूली बदलाव की श्रेणी में देखा जा सकता है।
शादी या तलाक के बाद बदलना है नाम?
शादी के बाद सरनेम बदलने या तलाक के बाद नाम में संशोधन कराने के लिए अलग प्रक्रिया निर्धारित है। ऐसे मामलों में निर्धारित Annexure D एफिडेविट और पहचान से जुड़े दस्तावेज जमा करने पड़ सकते हैं।
एफिडेविट में यह स्पष्ट करना होता है कि नाम में बदलाव विवाह या विवाह विच्छेद की वजह से किया जा रहा है और यह व्यक्ति की मूल पहचान में किसी दूसरे प्रकार का बदलाव नहीं है।
ऑपरेटर की गलती से नाम गलत दर्ज हो गया तो?
कई बार आधार बनवाते या अपडेट कराते समय आवेदक सही दस्तावेज देता है, लेकिन डेटा एंट्री के दौरान ऑपरेटर की गलती से नाम की स्पेलिंग गलत दर्ज हो जाती है।
ऐसे मामलों के लिए भी अलग प्रावधान है। वयस्कों को निर्धारित Annexure B एफिडेविट के साथ Proof of Identity यानी PoI या Proof of Relationship यानी PoR देना पड़ सकता है।
वहीं नाबालिगों के लिए Annexure C एफिडेविट के साथ जरूरी PoI या PoR दस्तावेज जमा करने का प्रावधान है।
अगर अंग्रेजी में नाम सही है लेकिन किसी दूसरी भाषा में गलत दर्ज या प्रिंट हो गया है, तो निर्धारित दस्तावेज और एफिडेविट के जरिए इसे ठीक कराने की प्रक्रिया अपनाई जा सकती है।
पूरा नाम बदलना है तो गजट जरूरी
अगर आप अपने नाम में ऐसा बड़ा बदलाव करना चाहते हैं जिससे आपकी पुरानी पहचान से नाम पूरी तरह अलग हो जाता है, तो इसे Major Name Change माना जा सकता है।
ऐसे मामलों में सरकारी गजट नोटिफिकेशन की जरूरत पड़ सकती है। यानी सिर्फ सामान्य पहचान पत्र देकर पूरा नाम बदलवाना संभव नहीं होगा और निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार गजट दस्तावेज प्रस्तुत करना पड़ सकता है।
आधार में नाम अपडेट कराने के लिए क्या करना होगा?
नाम में बदलाव कराने के लिए सबसे पहले यह पता करें कि आपका मामला Minor Name Change, शादी/तलाक के बाद बदलाव, Data Entry Error या Major Name Change में से किस कैटेगरी में आता है।
इसके बाद उसी के अनुसार जरूरी दस्तावेज तैयार करें। अगर आपके मामले में एफिडेविट जरूरी है, तो संबंधित Annexure के निर्धारित फॉर्मेट के अनुसार उसे तैयार कराएं।
इसके बाद नजदीकी आधार नामांकन या अपडेट सेंटर पर जाकर नाम अपडेट के लिए आवेदन जमा करें। वहां जरूरी दस्तावेजों का सत्यापन और निर्धारित प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
पूरा प्रोसेस स्टेप-बाय-स्टेप
1. बदलाव की कैटेगरी तय करें: पहले देखें कि नाम में मामूली सुधार करना है या पूरा नाम बदलना है।
2. जरूरी दस्तावेज तैयार करें: अपनी कैटेगरी के अनुसार PoI, PoR, एफिडेविट या गजट नोटिफिकेशन तैयार रखें।
3. एफिडेविट बनवाएं: जहां जरूरी हो, संबंधित Annexure के अनुसार एफिडेविट या डिक्लेरेशन तैयार करें।
4. आधार केंद्र जाएं: नजदीकी Aadhaar Enrolment/Update Centre पर जाकर आवेदन करें।
5. दस्तावेज जमा करें: नाम अपडेट फॉर्म के साथ सभी जरूरी दस्तावेज जमा करें।
6. वेरिफिकेशन पूरा कराएं: आधार केंद्र पर निर्धारित पहचान और दस्तावेज सत्यापन प्रक्रिया पूरी करें।
7. रसीद जरूर लें: आवेदन जमा करने के बाद Update Request Number यानी URN वाली पावती संभालकर रखें।
8. स्टेटस चेक करें: पावती पर दिए गए नंबर के जरिए UIDAI के आधिकारिक पोर्टल पर अपने अपडेट रिक्वेस्ट का स्टेटस देखा जा सकता है।
इसलिए आधार में नाम बदलने से पहले यह समझना जरूरी है कि आपका बदलाव किस श्रेणी में आता है। सही कैटेगरी के अनुसार दस्तावेज तैयार रखने से आवेदन प्रक्रिया में परेशानी कम हो सकती है।

