अमेरिका और इजराइल के साथ टकराव में दुश्मन की हुई हार, वीडियो में देंखे नौरोज पर सुप्रीम लीडर का संदेश
मुजतबा खामेनेई ने नौरोज के अवसर पर जारी अपने संदेश में अमेरिका और इजराइल के साथ जारी संघर्ष को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि दुश्मन देशों की सभी उम्मीदें नाकाम साबित हुईं और ईरानी जनता ने एकजुटता दिखाकर उनके मंसूबों पर पानी फेर दिया।
मुख्य खबर:
मध्य पूर्व में जारी तनाव के बीच ईरान के सुप्रीम लीडर मुजतबा खामेनेई ने दावा किया है कि अमेरिका और इजराइल के साथ जारी टकराव में “दुश्मन की हार” हुई है। नौरोज, यानी फारसी नववर्ष, के मौके पर जारी लिखित संदेश में उन्होंने कहा कि विरोधी देशों की रणनीति पूरी तरह विफल रही है।
खामेनेई ने अपने संदेश में कहा कि दुश्मन देशों को यह उम्मीद थी कि लगातार हमलों के बाद ईरान में भय और निराशा का माहौल बन जाएगा। उनके मुताबिक, यह भी अनुमान लगाया जा रहा था कि आम जनता सरकार के खिलाफ खड़ी हो जाएगी और आंतरिक अस्थिरता पैदा होगी।
उन्होंने कहा, “मुझे लगा था कि कुछ दिनों के हमलों के बाद देश में डर और निराशा फैल जाएगी और लोग सरकार के खिलाफ खड़े हो जाएंगे, लेकिन यह एक बड़ा गलत आकलन साबित हुआ।”
सुप्रीम लीडर के अनुसार, वास्तविक स्थिति इसके बिल्कुल उलट रही। उन्होंने दावा किया कि देश के भीतर विभिन्न विचारधाराओं, राजनीतिक मतभेदों और सामाजिक विविधताओं के बावजूद जनता ने अभूतपूर्व एकता का प्रदर्शन किया।
खामेनेई ने कहा कि यही राष्ट्रीय एकजुटता ईरान की सबसे बड़ी ताकत बनकर सामने आई है। उनके मुताबिक, इस एकता के कारण दुश्मन देश अपने उद्देश्यों में सफल नहीं हो पाए और उनकी रणनीति कमजोर पड़ गई।
उन्होंने यह भी कहा कि विरोधी खेमे के भीतर ही मतभेद और दरारें उभरकर सामने आई हैं। “दुश्मन ने सोचा था कि वह ईरान को अंदर से कमजोर कर देगा, लेकिन परिणाम इसके विपरीत रहे और उनके अपने गठबंधन में ही असहमति पैदा हो गई,” उन्होंने कहा।
पृष्ठभूमि और विश्लेषण:
गौरतलब है कि हाल के महीनों में ईरान और पश्चिमी देशों, खासकर अमेरिका और इजराइल के बीच तनाव लगातार बढ़ा है। क्षेत्रीय सुरक्षा, परमाणु कार्यक्रम और सैन्य गतिविधियों को लेकर दोनों पक्षों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है।
विशेषज्ञों का मानना है कि नौरोज जैसे महत्वपूर्ण सांस्कृतिक अवसर पर दिया गया यह संदेश घरेलू और अंतरराष्ट्रीय दोनों स्तरों पर एक मजबूत राजनीतिक संकेत है। इससे सरकार यह दिखाने की कोशिश कर रही है कि वह आंतरिक रूप से स्थिर और मजबूत है।

