असम में बन रहा देश का सबसे बड़ा सेमीकंडक्टर प्लांट, रोज 4.80 करोड़ चिप बनाने की क्षमता, वीडियो में जाने 40 हजार तक रोजगार
असम के मोरीगांव जिले के जागीरोड में टाटा समूह की ओर से तैयार किया जा रहा सेमीकंडक्टर प्लांट भारत के इलेक्ट्रॉनिक्स और चिप निर्माण क्षेत्र के लिए बड़ी परियोजना माना जा रहा है। करीब 592 एकड़ में फैले इस प्लांट में ट्रायल रन शुरू हो चुका है। पूरी क्षमता से संचालन शुरू होने के बाद यहां रोजाना करीब 4.80 करोड़ सेमीकंडक्टर चिप के उत्पादन की क्षमता होने की उम्मीद है।यह परियोजना भारत को वैश्विक सेमीकंडक्टर सप्लाई चेन में मजबूत स्थिति दिलाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। प्लांट में सेमीकंडक्टर पैकेजिंग और टेस्टिंग से जुड़ी आधुनिक तकनीकों का इस्तेमाल किया जाएगा।
ट्रायल रन शुरू, इन तकनीकों का होगा इस्तेमाल
जागीरोड स्थित प्लांट में ट्रायल रन शुरू हो चुका है। यहां वायर बॉन्डिंग, फ्लिप चिप और फैन-आउट जैसी एडवांस्ड सेमीकंडक्टर पैकेजिंग तकनीकों का इस्तेमाल किया जाएगा। इन तकनीकों के जरिए अलग-अलग जरूरतों के मुताबिक चिप्स को पैकेज और टेस्ट किया जाएगा।प्लांट में तैयार होने वाले सेमीकंडक्टर का इस्तेमाल कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों में किया जा सकेगा। इनमें ऑटोमोटिव, हेल्थकेयर, टेलीकम्युनिकेशन और कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स जैसे सेक्टर शामिल हैं। इससे भारत में चिप आधारित उत्पादों के लिए घरेलू सप्लाई चेन को मजबूती मिलने की उम्मीद है।
4.80 करोड़ चिप प्रतिदिन बनाने का लक्ष्य
प्लांट के पूरी तरह चालू होने के बाद इसकी उत्पादन क्षमता करीब 4.80 करोड़ सेमीकंडक्टर चिप प्रतिदिन होने की उम्मीद है। इतनी बड़ी उत्पादन क्षमता इसे देश की सबसे महत्वपूर्ण सेमीकंडक्टर असेंबली और टेस्ट फैसिलिटीज में शामिल कर सकती है।सेमीकंडक्टर चिप आज स्मार्टफोन, कार, मेडिकल उपकरण, कंप्यूटर, संचार उपकरण और दूसरे इलेक्ट्रॉनिक उत्पादों का अहम हिस्सा हैं। ऐसे में घरेलू स्तर पर इनकी पैकेजिंग और टेस्टिंग क्षमता बढ़ने से भारत की इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग इंडस्ट्री को फायदा मिल सकता है।
27 से 40 हजार रोजगार के अवसर
प्लांट के निर्माण और संचालन से बड़े पैमाने पर रोजगार पैदा होने की उम्मीद है। प्लांट बनाने वाली इलेक्ट्रॉनिक्स कंपनी के मुताबिक, परियोजना से करीब 27 हजार से 40 हजार प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर पैदा हो सकते हैं।इसका फायदा असम के स्थानीय युवाओं के साथ-साथ इंजीनियरिंग, इलेक्ट्रॉनिक्स, तकनीकी सेवाओं और सप्लाई चेन से जुड़े लोगों को मिलने की संभावना है। इसके अलावा प्लांट के आसपास लॉजिस्टिक्स, परिवहन, हॉस्पिटैलिटी और अन्य सहायक कारोबार भी विकसित हो सकते हैं।
दिसंबर या जनवरी में हो सकता है उद्घाटन
असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा के मुताबिक, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस प्लांट का आधिकारिक उद्घाटन इस साल दिसंबर या जनवरी 2027 में कर सकते हैं। हालांकि, उद्घाटन की अंतिम तारीख की आधिकारिक पुष्टि अभी बाकी है।यह परियोजना सेमीकंडक्टर फैब के बाद दुनिया की बड़ी सेमीकंडक्टर असेंबली और टेस्ट फैसिलिटीज में शामिल होने की दिशा में आगे बढ़ रही है। भारत सरकार की सेमीकंडक्टर निर्माण को बढ़ावा देने की नीति के बीच असम में तैयार हो रहा यह प्लांट पूर्वोत्तर भारत में हाई-टेक मैन्युफैक्चरिंग का नया केंद्र विकसित करने में भी अहम भूमिका निभा सकता है।

