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 आयोग की निकली अर्थी, 70 हजार पदों पर हाईकोर्ट सख्त; फुटेज में देंखे सरकार से 3 हफ्ते में भर्ती का रोडमैप मांगा

 आयोग की निकली अर्थी, 70 हजार पदों पर हाईकोर्ट सख्त; फुटेज में देंखे सरकार से 3 हफ्ते में भर्ती का रोडमैप मांगा

महाराष्ट्र लोकसेवा आयोग यानी MPSC के खिलाफ अभ्यर्थियों का विरोध प्रदर्शन लगातार जारी है। पिछले करीब एक महीने से बड़ी संख्या में कैंडिडेट्स भर्ती प्रक्रिया, कथित पेपर लीक और परीक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं। पुणे में प्रदर्शन के दौरान अभ्यर्थियों ने MPSC के खिलाफ नारेबाजी की और विरोध स्वरूप आयोग की अर्थी भी निकाली।

अभ्यर्थियों की मांग है कि महाराष्ट्र में खाली पड़े हजारों सरकारी पदों पर जल्द भर्ती प्रक्रिया शुरू की जाए और परीक्षा व्यवस्था को पारदर्शी बनाया जाए। प्रदर्शनकारियों की प्रमुख मांगों में MPSC अध्यक्ष विवेक भीमनवार का इस्तीफा भी शामिल है।

70 हजार खाली पदों पर हाईकोर्ट में सुनवाई

MPSC अभ्यर्थियों के आंदोलन के बीच 7 अक्टूबर को बॉम्बे हाईकोर्ट में मामले की सुनवाई हुई। कोर्ट ने महाराष्ट्र सरकार से राज्य में खाली पड़े करीब 70 हजार पदों और भर्ती प्रक्रिया को लेकर जवाब मांगा है।

हाईकोर्ट ने सरकार को तीन सप्ताह के भीतर यह बताने को कहा है कि इन पदों को भरने के लिए क्या कदम उठाए जाएंगे। सरकार को अदालत के समक्ष भर्ती का रोडमैप पेश करना होगा। इससे यह स्पष्ट होगा कि अलग-अलग विभागों में खाली पदों पर भर्ती कब और किस प्रक्रिया के तहत की जाएगी।

कोर्ट बोला- समस्या समझ रहे हैं, पढ़ाई पर ध्यान दें

सुनवाई के दौरान कोर्ट ने अभ्यर्थियों की समस्याओं को समझने की बात कही। हालांकि, अदालत ने प्रदर्शन कर रहे उम्मीदवारों से आंदोलन के बजाय अपनी पढ़ाई और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी पर ध्यान देने की अपील की।

कोर्ट की टिप्पणी ऐसे समय आई है जब बड़ी संख्या में अभ्यर्थी पिछले एक महीने से अलग-अलग स्थानों पर प्रदर्शन कर रहे हैं। अभ्यर्थियों का कहना है कि भर्ती प्रक्रिया में देरी का सीधा असर उनकी तैयारी और भविष्य पर पड़ रहा है।

मुख्यमंत्री फडणवीस ने जांच की बात कही

MPSC को लेकर चल रहे विवाद के बीच मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने आयोग की जांच कराने की बात कही है। अभ्यर्थियों की शिकायतों और भर्ती प्रक्रिया को लेकर उठ रहे सवालों के बीच सरकार की ओर से यह कदम महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

इससे पहले 30 सितंबर को प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थियों के एक प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से मुलाकात भी की थी। इस दौरान उम्मीदवारों ने अपनी मांगें सरकार के सामने रखी थीं।

राज ठाकरे भी पहुंचे थे प्रदर्शन में

MPSC अभ्यर्थियों के आंदोलन को महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना प्रमुख राज ठाकरे का भी समर्थन मिला है। वह प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थियों के बीच पहुंचे थे और उनकी मांगों को लेकर अपनी बात रखी थी।

अभ्यर्थियों का आंदोलन मुख्य रूप से सरकारी नौकरियों में भर्ती, परीक्षा प्रक्रिया की पारदर्शिता और कथित पेपर लीक के मुद्दे पर केंद्रित है। उम्मीदवारों का आरोप है कि परीक्षा व्यवस्था से जुड़े विवादों के कारण मेहनत करने वाले अभ्यर्थियों का नुकसान हो रहा है।

अध्यक्ष के इस्तीफे की मांग पर अड़े अभ्यर्थी

प्रदर्शनकारियों की प्रमुख मांग MPSC अध्यक्ष विवेक भीमनवार के इस्तीफे की है। इसके अलावा खाली सरकारी पदों को जल्द भरने, भर्ती कैलेंडर स्पष्ट करने और परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने की मांग की जा रही है।

अब हाईकोर्ट के निर्देश के बाद सरकार को तीन सप्ताह के भीतर भर्ती प्रक्रिया का रोडमैप पेश करना होगा। ऐसे में अभ्यर्थियों की नजर सरकार के अगले कदम और MPSC की कार्यप्रणाली को लेकर होने वाली जांच पर टिकी है।

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