सोशल मीडिया पर वायरल है ₹7,500 देकर ₹1 लाख रिफंड पाने का दावा, क्या RBI ने सच में बनाया नया नियम? जानिए पूरी सच्चाई
RBI हाल ही में अपने नियमों में कई बदलाव कर रहा है। इसी बीच, सोशल मीडिया पर एक खबर वायरल हो रही है जिसमें दावा किया गया है कि रिज़र्व बैंक पेंडिंग रिफंड जारी करने के लिए कुछ रकम मांग रहा है। क्या इसमें कोई सच्चाई है? आइए जानते हैं।
**क्या है यह खबर?**
सोशल मीडिया पर RBI का एक लेटर घूम रहा है। इसमें दावा किया गया है कि ₹1 लाख का पेंडिंग रिफंड जारी करने से पहले ₹7,500 का टैक्स देना होगा। लोग इस खबर से हैरान हैं और कई लोगों को ऐसे मैसेज और ईमेल मिल रहे हैं जिनमें यह लेटर है।
⚠️Scam Alert!
— PIB Fact Check (@PIBFactCheck) July 17, 2026
🚨 A letter doing rounds on the internet reportedly issued by the Reserve Bank of India (RBI) claims that the recipient must pay a refundable tax amount of ₹7,500 to facilitate the release of a pending amount of ₹1,00,000. #PIBFactCheck:
❌ This letter is… pic.twitter.com/qKfnpQz36Q
⚠️Scam Alert!
— PIB Fact Check (@PIBFactCheck) July 17, 2026
🚨 A letter doing rounds on the internet reportedly issued by the Reserve Bank of India (RBI) claims that the recipient must pay a refundable tax amount of ₹7,500 to facilitate the release of a pending amount of ₹1,00,000. #PIBFactCheck:
❌ This letter is… pic.twitter.com/qKfnpQz36Q
**क्या है सच्चाई?**
PIB फैक्ट चेक ने अब इस वायरल खबर के पीछे की सच्चाई बताई है। PIB ने अपने ऑफिशियल X (Twitter) अकाउंट पर लेटर का स्क्रीनशॉट शेयर किया है और इसे साफ तौर पर "फेक" (नकली) बताया है। इसका मतलब है कि यह दावा पूरी तरह से बेबुनियाद है। पोस्ट के कैप्शन में लिखा है, "इंटरनेट पर रिज़र्व बैंक ऑफ़ इंडिया (RBI) के नाम से एक लेटर वायरल हो रहा है। इसमें दावा किया गया है कि ₹1,00,000 की बकाया रकम पाने के लिए ₹7,500 का रिफंडेबल टैक्स देना होगा।"
इसमें आगे कहा गया है, "PIB फैक्ट चेक के अनुसार, यह लेटर नकली है। RBI कभी भी आम जनता से पैसे या किसी भी तरह की पर्सनल जानकारी मांगने के लिए बिना मांगे फोन कॉल या ईमेल के ज़रिए संपर्क नहीं करता है। अगर आप ऐसे किसी स्कैम का शिकार हुए हैं, तो कृपया स्थानीय कानून प्रवर्तन एजेंसियों (पुलिस) को इसकी रिपोर्ट करें।"
**सिर्फ ऑफिशियल सोर्स पर भरोसा करें**
इसके अलावा, एजेंसी ने लोगों से कहा है कि वे केंद्र सरकार से जुड़ी किसी भी संदिग्ध जानकारी की रिपोर्ट PIB फैक्ट चेक को करें और वादा किया है कि वे इसके पीछे की सच्चाई बताएंगे। PIB का कॉन्टैक्ट नंबर और ईमेल एड्रेस भी दिया गया है।
ध्यान देने वाली बात यह है कि PIB एक सरकारी एजेंसी है जो सरकार से जुड़ी फेक न्यूज़ की सच्चाई की जांच करती है और जनता के सामने सच रखती है। ऐसे में, अगर किसी खबर को लेकर कोई शक हो, तो कोई भी व्यक्ति PIB से संपर्क कर सकता है।

