वीडियो में जाने केंद्र सरकार का स्पष्ट बयान, पश्चिम एशिया संकट के बीच देश में लॉकडाउन की कोई योजना नहीं
केंद्र सरकार ने शुक्रवार को स्पष्ट किया कि पश्चिम एशिया में जारी तनाव के चलते देश में लॉकडाउन लगाने की कोई योजना नहीं है। सरकार के तीन बड़े मंत्रियों – वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण, सूचना और प्रसारण मंत्री किरेन रिजिजू और पेट्रोलियम मंत्री हरदीप पुरी – ने इस बाबत एक साथ बयान जारी कर अफवाहों को खारिज किया। मंत्रियों ने कहा कि लॉकडाउन को लेकर जो खबरें फैल रही हैं, वे पूरी तरह से निराधार हैं। किरेन रिजिजू ने विशेष रूप से कहा कि देश की स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी खुद स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं। उन्होंने नागरिकों से शांति बनाए रखने और अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की।
पेट्रोलियम मंत्री हरदीप पुरी ने भी जनता से अपील की कि डर और असुरक्षा का माहौल न बनाया जाए। उनका कहना था कि सरकार का लॉकडाउन लगाने का कोई इरादा नहीं है और वर्तमान हालात को देखते हुए देश में किसी भी तरह का ऐसा कदम उठाने की आवश्यकता नहीं है। ये अफवाहें प्रधानमंत्री मोदी के चार दिन पहले संसद में दिए गए बयान के बाद तेज हो गई थीं। संसद में उन्होंने कहा था कि पश्चिम एशिया में जारी युद्ध और तनाव के कारण पूरी दुनिया में कठिन हालात बने हैं और इसके प्रभाव लंबे समय तक रहने की संभावना है। उन्होंने नागरिकों को यह भी याद दिलाया कि देश ने कोरोना महामारी के समय भी एकजुटता और संयम के साथ चुनौतियों का सामना किया था।
निर्मला सीतारमण ने कहा कि सरकार आर्थिक और रणनीतिक रूप से लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है और लोगों को भ्रमित करने वाली खबरों से बचना चाहिए। उन्होंने यह भी जोर दिया कि किसी भी तरह का लॉकडाउन न केवल अनावश्यक होगा, बल्कि इसके किसी भी संकेत से जनता में डर फैल सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह बयान सरकार की ओर से अफवाहों को रोकने और आम जनता में विश्वास बए रखने की कोशिश है। साथ ही यह संकेत भी है कि देश की आर्थिक और सामाजिक गतिविधियों को प्रभावित किए बिना पश्चिम एशिया संकट के प्रभावों का सामना किया जा रहा है। इस बीच आम नागरिकों और उद्योग जगत को भी यह स्पष्ट संदेश गया है कि रोजमर्रा की गतिविधियां सामान्य रूप से जारी रहेंगी और सरकार स्थिति का लगातार मूल्यांकन कर रही है।

