हल्दीघाटी और रक्त तलाई के संरक्षण को लेकर प्रशासन सख्त, 16 विभागों की संयुक्त टीम ने किया निरीक्षण
राजसमंद, राजस्थान में ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक धरोहरों के संरक्षण को लेकर प्रशासन ने सख्ती दिखाई है। हाईकोर्ट के निर्देशों के अनुपालन में जिले के प्रमुख ऐतिहासिक स्थल हल्दीघाटी और रक्त तलाई का जिला प्रशासन द्वारा विस्तृत निरीक्षण किया गया। यह कदम इन महत्वपूर्ण स्थलों की सुरक्षा, संरक्षण और सुव्यवस्थित विकास सुनिश्चित करने की दिशा में एक अहम पहल माना जा रहा है।
निरीक्षण का नेतृत्व जिला कलेक्टर अरुण कुमार हसीजा एवं पुलिस अधीक्षक ममता गुप्ता ने किया। उनके साथ 16 विभिन्न विभागों के अधिकारियों की एक संयुक्त टीम मौके पर पहुंची और दोनों स्थलों की व्यवस्थाओं का गहनता से जायजा लिया। टीम ने वहां साफ-सफाई की स्थिति, संरचनात्मक व्यवस्था, पर्यटक सुविधाओं और सुरक्षा इंतजामों की विस्तृत समीक्षा की।
निरीक्षण दल में अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट (एडीएम), मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) जिला परिषद, उप वन संरक्षक, उपखंड अधिकारी (एसडीओ), विकास अधिकारी, पुलिस विभाग के अधिकारी, पुरातत्व एवं संग्रहालय विभाग (एएसआई) तथा राजस्थान राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (आरपीसीबी) के प्रतिनिधि शामिल रहे। सभी विभागों के अधिकारियों ने अपने-अपने क्षेत्रों से जुड़ी व्यवस्थाओं की जांच की और आवश्यक सुधारों को लेकर सुझाव दिए।
जिला प्रशासन का कहना है कि इन दोनों ऐतिहासिक स्थलों का न केवल सांस्कृतिक महत्व है, बल्कि ये राजस्थान के गौरव और वीरता के प्रतीक भी हैं। ऐसे में इनका संरक्षण और विकास अत्यंत आवश्यक है। हाईकोर्ट के निर्देशों के बाद प्रशासन ने इस दिशा में सक्रियता बढ़ाई है और विभिन्न विभागों को समन्वय के साथ कार्य करने के निर्देश दिए गए हैं।
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने विशेष रूप से पर्यटकों की सुविधा, यातायात व्यवस्था, सुरक्षा प्रबंधन और साफ-सफाई पर ध्यान केंद्रित किया। साथ ही, पर्यटकों के लिए आवश्यक बुनियादी सुविधाओं को और बेहतर बनाने के निर्देश भी दिए गए। टीम ने संबंधित विभागों को यह सुनिश्चित करने को कहा कि किसी भी प्रकार की अव्यवस्था या लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
स्थानीय लोगों और पर्यटकों ने प्रशासन की इस पहल का स्वागत किया है। उनका मानना है कि यदि इन ऐतिहासिक स्थलों को बेहतर तरीके से विकसित और संरक्षित किया जाता है, तो इससे पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा और क्षेत्र की सांस्कृतिक पहचान और मजबूत होगी।
फिलहाल, प्रशासन की ओर से दोनों स्थलों के संरक्षण और विकास के लिए कार्य योजना तैयार की जा रही है। उम्मीद की जा रही है कि आने वाले समय में हल्दीघाटी और रक्त तलाई में व्यापक सुधार देखने को मिलेंगे, जिससे ये स्थल न केवल ऐतिहासिक महत्व के केंद्र बने रहेंगे, बल्कि पर्यटकों के लिए भी अधिक आकर्षक और सुविधाजनक बनेंगे।

