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ठाणे में शिवसेना-यूबीटी नेता की हत्या पर गरमाई सियासत, विपक्ष बोला- 'महाराष्ट्र में कानून व्यवस्था ध्वस्त'

ठाणे में शिवसेना-यूबीटी नेता की हत्या पर गरमाई सियासत, विपक्ष बोला- 'महाराष्ट्र में कानून व्यवस्था ध्वस्त'
ठाणे में शिवसेना-यूबीटी नेता की हत्या पर गरमाई सियासत, विपक्ष बोला- 'महाराष्ट्र में कानून व्यवस्था ध्वस्त'

मुंबई, 30 सितंबर (आईएएनएस)। महाराष्ट्र के ठाणे में शिवसेना-यूबीटी के विभाग प्रमुख प्रदीप पुर्णेरकर की हत्या के बाद विपक्ष ने राज्य सरकार पर निशाना साधा है। उसने कहा कि राज्य में कानून व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त हो गई है और अपराधियों में कोई खौफ नहीं है।

शिवसेना (यूबीटी) के प्रवक्ता आनंद दुबे ने कहा, "पिछले दिनों सलमान खान के घर पर फायरिंग हुई थी और फिर बाबा सिद्दीकी की निर्मम हत्या हुई। अब शिवसेना-यूबीटी के नेता की हत्या, आखिर महाराष्ट्र में यह क्या हो रहा है। क्या अपराधियों में खौफ नहीं है? क्या कानून व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त हो गई है?"

उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र में इतने अपराधी, माफिया और हत्यारे खुलेआम घूम रहे हैं कि मैं बता भी नहीं सकता। चाहे पुणे हो, नागपुर हो, नासिक हो, मुंबई हो और अब ठाणे, मंगलवार देर रात हमारी पार्टी, शिवसेना (यूबीटी) के एक नेता प्रदीप पुर्णेरकर की गोली मारकर हत्या कर दी गई। दो लोग मोटरसाइकिल पर आए और पार्टी नेता को गोली मार दी, जिसके बाद वे फरार हो गए।

आनंद दुबे ने आगे कहा, "अपराधियों का मनोबल बढ़ा हुआ है। ऐसा लगता है कि सरकार भी अपराधियों से डर गई है। प्रदीप की निर्मम हत्या की गई। यह मुंबई से सटे हुए ठाणे का यह हाल है।"

कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता अतुल लोंढे ने भी प्रदीप पुर्णेरकर की हत्या के बाद कानून व्यवस्था पर सवाल उठाए। उन्होंने आईएएनएस से कहा, "कानून-व्यवस्था अब भाजपा सरकार के नियंत्रण में नहीं है। वे नाकाम रहे हैं और हालात उनके हाथ से निकल गए हैं।"

अतुल लोंढे ने कहा, "मंगलवार को नागपुर के बेलतारोडी इलाके में भी लोगों ने एक चोर को पीट-पीटकर मार डाला।" उन्होंने कहा कि लोगों का सरकार पर भरोसा नहीं रहा और वे कानून अपने हाथ में ले रहे हैं। लूटपाट, चोरी और गोलीबारी की घटनाएं हो रही हैं।

कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा कि नागपुर में भी एक इलाके में गोली चली और अब पूर्णेकर की मौत हो गई है। यह साफ तौर पर हत्या है। ये सभी घटनाएं दिखाती हैं कि देवेंद्र फडणवीस अब कानून-व्यवस्था बनाए रखने में सक्षम नहीं हैं। वे इस मामले में पूरी तरह नाकाम रहे हैं।

--आईएएनएस

डीसीएच/

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