थकान और कमजोरी में राहत देगा ये आयुर्वेदिक नुस्खा, मिली हैं तीन प्राकृतिक चीजें
नई दिल्ली, 11 अप्रैल (आईएएनएस)। आज की जीवनशैली में अच्छा आहार लेने के बाद भी शरीर में कमजोरी और थकान महसूस होती है, क्योंकि हम अच्छा आहार तो लेते हैं, लेकिन आहार शरीर को लगता नहीं है।
थकान और कमजोरी की वजह से तन और मन दोनों बेजान महसूस करते हैं और किसी की भी काम में मन नहीं लगता है। आयुर्वेद में थकान और कमजोरी दूर करने के कई तरीके बताए गए हैं, लेकिन आज हम आपको एक ऐसा नुस्खा बताएंगे, जो बनाने में आसान और सेहत के लिए बेहद लाभकारी है।
इस प्रकृति नुस्खे में शामिल होने वाली चीजें सभी आसानी से मिल जाएगी। इसके लिए सहजन की पत्तियां, अश्वगंधा पाउडर और दालचीनी का पाउडर मिलाकर पानी में उबाल लें। दालचीनी और अश्वगंधा की मात्रा सहजन के पाउडर या पत्तियों से कम रखें और उसे आधा पानी होने तक उबाल लें। गौर करने वाली बात यह है कि इस काढ़े का सेवन हफ्ते में 2-3 बार ही करें और नाश्ते के समय करें। यह एक हर्बल टी की तरह काम करता हैं और शरीर को कई अनगिनत फायदे देता है।
सहजन का पाउडर या पत्तियां आयरन से भरी होती हैं। अगर शरीर में रक्त की कमी से थकान और कमजोरी महसूस होती है तो सहजन शरीर में रक्त की मात्रा को बढ़ाने में मदद करेगा और रक्त की शुद्धि भी करेगा। सहजन प्राकृतिक मल्टीविटामिन की तरह भी करता है और शरीर में कम हो रही विटामिन की पूर्ति भी करता है। यह बालों और स्किन के लिए भी बहुत लाभकारी है।
अश्वगंधा एक औषधि है, जिसका इस्तेमाल आयुर्वेद में कई रोगों से निदान पाने के लिए होता आया है। यह शरीर में स्टेमिना बूस्टर के तौर पर काम करता है और तनाव को कम कर कार्टिसोल हार्मोन को संतुलित करता है। यह सिर्फ तन को ही नहीं, बल्कि मन को भी शांत रखने में मदद करता है।
सबसे आखिर में आती है दालचीनी। दालचीनी शरीर में रक्त के संचार और हॉर्मोन को संतुलित रखती है और शरीर में ऊर्जा के स्तर को भी बढ़ाती है। स्वाद में हल्की होने के बावजूद भी मधुमेह से पीड़ित लोग भी इस काढ़े का सीमित मात्रा में सेवन कर सकते हैं, हालांकि गर्भवती महिलाओं और बुजुर्गों को इसे लेने से पहले चिकित्सक की सलाह जरूर लेनी चाहिए।
--आईएएनएस
पीएस/वीसी

