इराक और ईरान में बढ़ता तनाव, वीडियो में देंखे भारत को होर्मुज से तेल और LPG की आपूर्ति से राहत
इराक की राजधानी बगदाद में अमेरिकी दूतावास पर ड्रोन और रॉकेट हमले ने क्षेत्रीय तनाव को और बढ़ा दिया है। अधिकारियों के अनुसार, यह हमला उस समय हुआ जब दूतावास ने छह घंटे पहले ही इराक में रह रहे अमेरिकी नागरिकों के लिए सुरक्षा चेतावनी जारी की थी। इस घटना ने वैश्विक सुरक्षा के लिए चिंता बढ़ा दी है और अमेरिका-इराक संबंधों में नई चुनौतियां खड़ी की हैं। उधर, मध्यपूर्वी तनाव और बढ़ गया है। इजराइल ने दावा किया है कि उसने ईरान की राजधानी तेहरान में बड़े पैमाने पर एयरस्ट्राइक की है। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, तेहरान के उत्तरी इलाके में कई जोरदार धमाकों की आवाजें सुनी गईं। इस हमले की पुष्टि ईरानी अधिकारियों की ओर से नहीं की गई है, लेकिन क्षेत्रीय सुरक्षा विशेषज्ञ इसे गंभीर चुनौती मान रहे हैं।
इन घटनाओं के बीच भारत के लिए राहत की खबर आई है। दो भारतीय जहाज आज गुजरात के कांडला पोर्ट और मुंद्रा पोर्ट पर पहुंच रहे हैं, जिससे भारत की ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित होगी। ‘नंदा देवी’ जहाज करीब 46 हजार मीट्रिक टन LPG लेकर कांडला पोर्ट पहुंचेगा, जबकि ‘जग लाडकी’ जहाज करीब 81 हजार टन कच्चा तेल लेकर मुंद्रा पोर्ट पर पहुंचेगा। ये दोनों जहाज होर्मुज स्ट्रेट से भारत की ओर रवाना हुए हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, होर्मुज स्ट्रेट से भारत की तेल और गैस की आपूर्ति सुनिश्चित होना देश के लिए बड़ी राहत है, क्योंकि इस जलसंधि में तनाव बढ़ने से वैश्विक ऊर्जा बाजार पर दबाव पड़ सकता था। इससे पहले भारतीय जहाज ‘शिवालिक’ सोमवार को LPG लेकर मुंद्रा पोर्ट पहुंच चुका है। इस जहाज में करीब 46 हजार मीट्रिक टन LPG है, जो लगभग 32.4 लाख घरेलू गैस सिलेंडरों के बराबर है।
इस समय भारत जैसे आयातक देशों के लिए ऊर्जा सुरक्षा अत्यंत महत्वपूर्ण है। तेल और गैस की समय पर आपूर्ति न होने पर घरेलू बाजार में कीमतों में वृद्धि का खतरा रहता है। विशेषज्ञों का कहना है कि इन जहाजों की समय पर पहुंच से घरेलू रसोई गैस और पेट्रोलियम उत्पादों की आपूर्ति में स्थिरता बनी रहेगी। विश्लेषकों का मानना है कि इराक और ईरान में बढ़ता तनाव अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तेल की कीमतों को प्रभावित कर सकता है। इससे वैश्विक बाजार में अस्थिरता बढ़ सकती है। ऐसे में भारत जैसे बड़े तेल और गैस आयातक देश अपनी आपूर्ति श्रृंखला को मजबूत बनाकर जोखिम कम कर रहे हैं।
सरकारी सूत्रों का कहना है कि भारतीय जहाजों की सुरक्षा और समय पर आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए समुद्री मार्गों पर सतर्कता बढ़ा दी गई है। ऊर्जा मंत्रालय ने बताया कि होर्मुज स्ट्रेट से आने वाले जहाजों के संचालन पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है, ताकि घरेलू मांग प्रभावित न हो। इस बीच, अमेरिकी दूतावास पर हुए हमले और तेहरान में एयरस्ट्राइक ने मध्यपूर्व में पहले से ही बढ़ते तनाव को और गंभीर बना दिया है। अंतरराष्ट्रीय समुदाय अब क्षेत्रीय शांति बनाए रखने और नागरिक सुरक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में कदम उठा रहा है। इस स्थिति में भारत की रणनीति सफल रही है, क्योंकि समय पर ऊर्जा आपूर्ति देश में घरेलू जरूरतों और आर्थिक स्थिरता के लिए अहम है।

